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सीकर.रोज 1 लाख कमाने वाले ये लोग हर गर्भवती के पेट में बताते थे लड़की, गर्भपात का सौदा 30 हजार रुपए में
रोज 1 लाख कमाने वाले ये लोग हर गर्भवती के पेट में बताते थे लड़की, गर्भपात का सौदा 30 हजार रुपए में

यह खबर पढऩे के बाद ऐसे कितने ही माता-पिता होंगे, जिन्हें अपने किए पर पछतावा होगा, मगर अपने-आप को माफ नहीं कर पाएंगे। माता-पिता ने बेटे की और डॉक्टर ने ज्यादा पैसे कमाने की चाह में पता कितने ही बेटे-बेटियों को कोख में की मार डाला।




इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की राज्य पीसीपीएनडीटी सैल के भ्रूण परीक्षण करने वाले तथाकथित डॉक्टर हरफूलसिंह व सहयोगी महिला सुशीला मीणा को गिर तार करने के बाद हुआ। इनसे पूछताछ में पता चला कि ये भू्रण जांच के नाम पर प्रतिदिन एक लाख रुपए तक कमा लेते हैं। इसके लिए आरोपित सभी महिलाओं को गर्भ में बच्ची ही बताते थे और गर्भपात कराने के अलग से पैसे लेते थे।




ऐसे किया खुलासा

अचरोल में बंद राहुल नर्सिंग होम में मंगलवार के दिन ा्रूण जांच करने की कई माह से सूचना मिल रही थी। इसकी पुष्टि के बाद एक गर्भवती व सहयोगी महिला को वहां भेजा गया। दोनों को दलाल ने बंद पड़े राहुल नर्सिंग होम में बैठाया और जांच के लिए 30 हजार रुपए नर्सिंग होम की मालकिन सुशीला मीणा को दिलवाए।




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करीब एक घंटे इंतजार के बाद तथाकथित डॉक्टर हरफूलसिंह व सुशीला उन दोनों को अपने दूसरे घर पर ले गई। उनके पीछे-पीछे डॉक्टर भी पहुंचा व बंद कमरे में गर्भवती महिला की जांच कर लड़की बताया।




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इसके बाद गर्भपात कराने की सलाह देते हुए 30 हजार रुपए की और मांग की। टीम को इशारा मिलते ही सुशीला मीणा व आरोपी हरफूलसिंह को गिर तार कर लिया। यहां से जांच में काम में लिए गए उपकरण और हरफूलसिंह की गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया।




पहले भी पकड़ा गया था हरफूलसिंह

तथाकथित डॉक्टर हरफूलसिंह इससे पूर्व 7 मई 2016 को भी नकली पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से जांच करते हुए सीकर में पकड़ा गया था। हरफूलसिंह जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में रहता है और सप्ताह मेें प्रत्येक दिन अलग-अलग जगह जाकर रोज 5 से 10 जांच कर लेता है। वह जिन घरों व संस्थानों में जांच करता है, उनको भी कमीशन देता है। जयपुर जिले के सभी कस्बों सहित सीकर जिले में भी आरोपित के दलाल हैं।




इन्होंने की कार्रवाई

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीरसिंह ने बताया कि सीआई उमेश निठारवाल, सांवरमल, लालूराम, पीसीपीएनडीटी समन्वयक बाड़मेर विक्रमसिंह, सीकर नंदलाल पुनिया, जयपुर प्रथम बबीता, द्वितीय मनीषा व झुंझुनूं आशा समन्वयक संजीव महला शामिल थे।

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