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बाड़मेर राजस्थान दिवस समारोह मंे आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेंःशर्मा-राजस्थान दिवस समारोह के तहत मशाल दौड़, भक्ति संध्या,मैराथन समेत कई आयोजन होंगे।

बाड़मेर, 21 मार्च। राजस्थान दिवस समारोह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमांे मंे अधिकाधिक आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बाड़मेर जिले की कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कलाकारांे को प्रोत्साहित किया जाए। जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे राजस्थान दिवस समारोह की तैयारियांे संबंधित बैठक के दौरान यह बात कही।
जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने कहा कि राजस्थान दिवस समारोह मंे विभागीय अधिकारियांे एवं कर्मचारियांे को आवश्यक रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया जाए। उन्हांेने राजस्थान दिवस समारोह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमांे की आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर शर्मा ने चिकित्सा विभाग को बच्चांे के चेकअप, विभागीय आईईसी के अलावा आधार कार्ड के लिए काउंटर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डा.गगनदीप सिंगला ने कहा कि राजस्थान दिवस समारोह के दौरान सड़क सुरक्षा के साथ विविध कानूनी पहलूआंे की आमजन को जानकारी दी जाए। उन्होंने इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से भी सहयोग करने का भरोसा दिलाया। उन्हांेने कहा कि प्रति दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमांे का पूर्व मंे अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। ताकि अधिकाधिक लोग समारोह मंे शिरकत कर सके। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई ने कहा कि राजस्थान दिवस समारोह को महज सरकारी आयोजन नहीं समझते हुए सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्हांेने बताया कि 23 मार्च को प्रातः 7 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर से मशाल दौड़ का आयोजन होगा। यह मशाल दौड़ कलेक्ट्रेट से रवाना होकर विश्वकर्मा सर्किल, रायकालोनी, पनघट रोड़, पुरानी सब्जी मंडी, प्रतापजी की पोल, अहिंसा सर्किल से होते हुए वापिस भगवान महावीर टाउन हाल पहुंचेगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर बिश्नोई ने बताया कि रासीउमावि स्टेशन रोड़ मंे 25 से 30 मार्च तक थार दस्तकार एवं उद्योग मेला आयोजित होगा। इस मेले के प्रभारी अधिकारी जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक घनश्याम गुप्ता एवं नगर परिषद के आयुक्त श्रवण विश्नोई होंगे। इस मेले मंे स्थानीय दस्तकारांे की स्टालें लगाई जाएगी। यह मेला दोपहर 2 से रात्रि 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। उन्हांेने बताया कि 28 से 30 मार्च तक रासीउमावि स्टेशन रोड़ परिसर मंे राजस्थान दिवस प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमंे राजस्थान की स्थापना एवं विकास से जुड़े विविध पहलूआंे को प्रदर्शित किया जाएगा। इसी तरह 28 मार्च को सांय 7 बजे से 10 बजे तक भक्ति संध्या आयोजित होगी। इसका आयोजन ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के सचिव विक्रमसिंह चौधरी एवं स्वरूप पंवार के निर्देशन मंे होगा।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि 29 मार्च को प्रातः 6.30 बजे से गडरारोड़ सर्किल से रामसर दौड़ पर मैराथन का आयोजन होगा। इसकी समुचित व्यवस्थाआंे की जिम्मेदारी उद्यमी जोगेन्द्रसिंह चौहान की ओर से की जाएगी। इसके अलावा इसी दिन रासीउमावि स्टेशन रोड़ परिसर मंे महिला संगीत कार्यक्रम रामकुमार जोशी एवं फेशन शौ विक्रमसिंह चौधरी के निर्देशन मंे आयोजन होगा। इसी तरह 30 मार्च को सांय 7 बजे से सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। इसमंे स्थानीय लोक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। सांस्कृतिक संघ्या की जिम्मेदारी बाड़मेर पंचायत समिति के विकास अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त, बंशीधर तातेड़, मुकेश पचौरी एवं रामकुमार जोशी को सौंपी गई। बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा बल के कमाडेंट सत्येन्द्रसिंह, बाड़मेर उपखंड अधिकारी चेतनकुमार त्रिपाठी, नगर परिषद आयुक्त श्रवण विश्नोई, एनसीसी के आदर्श किशोर, स्काउट गाइड सीओ ज्योतिरानी महात्मा, डिस्काम के अधिशाषी अभियंता भेराराम चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी, उद्यमी एवं विभिन्न संगठनांे के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


बाड़मेर में 3368 आंगनबाड़ी केन्द्र बनेगी पाठशाला, 1 अप्रैल से शुरू होगा शिक्षण-प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआंे को दिया जा रहा है तीन दिवसीय प्रशिक्षण।
बाड़मेर, 21 मार्च। बाड़मेर जिले मंे 3368 आंगनबाड़ी केन्द्र पाठशाला के रूप मंे विकसित होंगे। इन आंगनबाड़ी केन्द्रांे मंे आने वाले बच्चांे को तीन चरणांे मंे प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा दी जाएगी। आंगनबाड़ी केन्द्रांे मंे बच्चों के विकास के विभिन्न आयामों, भाषा विकास, शारीरिक विकास, बौद्धिक विकास, रचनात्मक विकास एवं सामाजिक संवेगात्मक विकास को समाहित करते हुए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों को अब पाठशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम के तहत बच्चांे के सर्वागीण विकास के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि पुस्तिकाएं किलकारी, उमंग एवं तरंग तैयार की गई है। इसके तहत 3 से 4 वर्ष की आयु के बच्चांे के लिए किलकारी, 4 से 5 वर्ष के लिए उमंग तथा 5 से वर्ष की आयु के बच्चांे के लिए तरंग पुस्तक के जरिए गतिविधियांे का संचालन किया जाएगा। इन गतिविधि पुस्तिकाआंे मंे प्रत्येक दिन के लिए वर्कशीट दी गई है। इसमंे दी गई कविताआंे, कहानियांे आदि के माध्यम से बच्चांे का भाषाई विकास, चित्रांे मंे रंग करने एवं कालाज आदि बनवाकर रचनात्मक विकास, रंगांे एवं आकृतियांे की पहचान आदि के माध्यम से बौद्विक विकास जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक डा.गुजन सोनी ने बताया कि जिले मंे समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रांे पर प्रतिदिन 4 घंटे की प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा समय सारणी लागू की जाएगी। इसमंे आधे-आधे घंटे के छह सत्र, अनौपचारिक प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के लिए लागू होंगे। उन्हांेने बताया कि इन सत्रांे मंे शाला पूर्व लाभार्थियांे को प्रार्थना, व्यायाम, भाषाई विकास, रचनात्मक विकास, बौद्विक विकास तथा स्वतंत्र खेल-कूद की गतिविधियां करवाई जाएगी। एक-एक सत्र नाश्ते एवं भोजन के लिए होंगे। इसे केन्द्र पर दीवार घड़ी के पास प्रदर्शित किया जाएगा। उनके मुताबिक केन्द्र पर आने वाले बच्चांे एवं उनके अभिभावकांे मंे केन्द्र मंे प्रति रूचि विकसित हो सके, इसके लिए प्रत्येक शाला पूर्व शिक्षा लाभार्थी के लिए स्वयंसेवी संगठनांे, सीएसआर तथा अभिभावकांे एवं समुदाय से सहयोग प्राप्त कर यूनिफार्म उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।
उनके मुताबिक नवचार को अमलीजामा पहनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रथम चरण मंे समस्त सीडीपीओ, महिला एवं पुरूष पर्यवेक्षकांे को प्रशिक्षण दिया है। द्वितीय चरण मंे अब प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को इसके लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाकर शाला पूर्व शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। बाड़मेर जिले मंे समस्त परियोजना क्षेत्रांे मंे यह प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है जो 28 मार्च तक चलेगा। प्रत्येक आंगनबाड़ी मंे बच्चांे के लिए प्रि-स्कूल किट उपलब्ध कराए जा रहे है। इसमंे स्लेट, पेंसिल, कलर, रबर, शार्पनर, बिल्डिंग बाक्स जैसी शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
बच्चांे मंे जगाएंगे आत्मविश्वासः आंगनबाड़ी पाठशाला में बच्चों को प्रभावी संवाद तथा आत्मविश्वास के साथ बोलने एवं सुनने के लिए तैयार किया जाएगा। बच्चों में रंगों की पहचान, आकार, वर्गीकरण, मिलान, संख्या ज्ञान आदि बौद्धिक क्षमताओं का विकास भी किया जाएगा। इसी तरह बच्चों में बौद्धिक विकास अवधारणाओं की समझ पैदा करना तथा उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना, बच्चों के शब्द भण्डार एवं भाषा का विकास करना एवं पढने-लिखने की तैयारी करने के अवसर भी बच्चों को प्रदान किए जाएंगे। इसके तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर आंगनबाड़ी पाठशाला लिखा जाएगा।


प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा के लिए उठाए कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम एवं पाठ्यचर्या का निर्माण किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गतिविधि पुस्तिका, वर्कबुक तैयार किए गए हैं। इनमें आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा के लिए गतिविधियों का संकलन, गतिविधि पुस्तिका, बच्चे के सीखने की प्रगति का आंकलन आदि कार्य किए जाएंगे। बाड़मेर जिले मंे एक अप्रैल से आंगनबाड़ी केन्द्रांे मंे शिक्षण प्रारंभ होगा।
-डा.गुंजन सोनी, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, बाड़मेर।


महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री आज करेंगी जनता से सीधा संवाद -प्रातः 10 से 11 बजे प्रदेश की जनता आकाशवाणी के फोन नंबर 0141-2200600, 2200700 और 2200800 को डायल कर सकती हैं सीधा संवाद
बाड़मेर, 21 मार्च। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती अनिता भदेल बुधवार को प्रातः 10 से 11 बजे आकाशवाणी के जरिए प्रदेश की जनता से सीधे संवाद करेंगी।
कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती भदेल बुधवार को सुबह 10 से 11 बजे राज्य के सभी प्राइमरी, लोकल रेडियो स्टेशन, एफएम-विविध भारती आकाशवाणी केंद्रों से महिला बाल विकास विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों एवं बाल विवाह रोकने में राज्य सरकार के प्रयासों, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सशक्त महिला-विकसित राजस्थान आदि कई विषयों पर श्रोताओं से सीधे बातचीत करेंगी। आकाशवाणी विविध भारती जयपुर के केंद्र प्रमुख राकेश जैन ने बताया कि श्रीमती भदेल से प्रदेश की जनता आकाशवाणी के फोन नंबर 0141-2200600, 2200700 और 2200800 पर फोन कर सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान पा सकती है।

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