बाड़मेर इस शैक्षणिक सत्र से शुरू नहीं होगा मेडीकल काॅलेज

कांग्रेस का आरोप, सरकार की नीयत में ही खोट




बाड़मेर। बाड़मेर में प्रस्तावित मेडीकल काॅलेज इस शैक्षणिक सत्र से शुरू नही होगा। कांग्रेस ने इस मामलें में सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार हर मामलें में बाड़मेर की अनदेखी कर रही है और रिफायनरी के बाद बाड़मेर के लिए यह बड़ा झटका है।




कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष यज्ञदत्त जोशी ने कहा कि मेडीकल काउंसिल आॅफ इंडिया की टीम नें बीते दिसंबर में जांच के बाद राज्य के प्रस्तावित 6 काॅलेजों के इस शैक्षणिक सत्र से शुरू होने पर आपत्त्ति जताई थी, लेकिन राज्य की भाजपा सरकार ने बाड़मेर की अनदेखी करते हुए शेष पांच काॅलेजों को इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की प्रक्रिया पुरी कर ली है, लेकिन बाड़मेर के लिए सरकार ने कोई प्रयास ही नहीं किए।




जोशी ने बताया कि दो दिन पहले 23 मार्च को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बाड़मेर को छोड़कर डुंगरपुर, पाली, भरतपुर, चुरू और भीलवाड़ा में प्रस्तावित मेडीकल काॅलेजों को इसी सत्र से शुरू करने के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए है।




उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जब शेष काॅलेजों के लिए मेडीकल काउंसिल आॅफ इंडिया द्वारा लगाए आक्षेप पूर्ण कर सकती है, तो इस मामलें में बाड़मेर की अनदेखी क्यों की गयी।




जोशी ने आरोप लगाया कि सरकार बाड़मेर में मेडीकल काॅलेज लगाना ही नहीं चाहती थी, इसलिए जानबूझ कर ऐसा किया गया है। उन्होनें कहा कि ताज्जुब की बात है कि बाड़मेर के भविष्य की साथ इतनी बड़ी अनदेखी होने के बाद भी भाजपा के तमाम जनप्रतिनिधि और नेता चुप्पी साधकर बैठे है।




उन्होनें कहा कि रिफायनरी और पेयजल परियोजनाओ के मामलें में भी सरकार ने यही रवैया अपना रखा है और अब यही स्थिति मेडीकल काॅलेज के मामलें में भी यही स्थिति सामनें आयी है।




जोशी ने आरोप लगाया कि सत्ता के मद में चुर भाजपा नेता अभी तो चुप्प रहकर जनता के साथ धोखा कर रहे है, लेकिन आने वाले चुनावों में जनता ऐसे नेताओं को करारा जवाब देकर सबक सिखाएगी और अपने वादों पर खरा उतरने वाली कांग्रेस की सरकार बनाएगी।

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