बुधवार, 15 मार्च 2017

बालोतरा फूल डोल महोत्सव में उमड़ा आस्था का ज्वार



बालोतरा फूल डोल महोत्सव में उमड़ा आस्था का ज्वार

गैर दलो के कलाकारों ने गैर नृत्य की प्रस्तुती देकर लोक संस्कृति की बिखेरी छटा

संत महात्माओ ने धर्म सभा में किया गो रक्षा का आव्हान

बालोतरा से ओमप्रकाश सोनी

ढोल की धमचक, थाली की टंकार और घुंघरुओं की रुनझुन के साथ नाचते गाते रंग बिरंगी पोशाकों से सुसज्जित गैर दलो के कलाकारों ने लोक नृत्य का ऐसा प्रदर्शन किया कि मानो आसमा को सुशोभित करने वाला सतरंगी इंद्रधनुस् जमी पर उतर आया हो। यह नजारा था बुधवार को ग्राम पंचायत लालाना के सडला नाडा मामाजी डूंगर सिंह जी, शैतान सिंह जी राठौड़ एवम् सुभद्रा माता धाम पर आयोजित फूलडोल महोत्सव का। मंदिर गादीपति भूराराम महाराज के सानिध्य में आयोजित फूलडोल महोत्सव के दौरान आस पास गावो से आये गैर दलों के कलाकारों ने ऐसा समां बंधा कि मेले में उपस्तिथ श्रद्धालु रोमांचित हो उठे।

मामाजी के मंदिर पर आयोजित मेले में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सुबह से ही आरम्भ हो गया जो देर शाम तक निर्बाध रूप से जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मामाजी व् सुभद्रा माता के दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की तथा मेले में लगे हाट बाजार में जमकर खरीददारी की। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के मंत्री हुकम सिंह अजित, पूर्व सरपंच हेमाराम चोधरी, भवरसिंह जेठन्त्री, पहाड़सिंह, करणसिंह फौजी, मगाराम टेड़ा, खीमाराम करड, हनुमानराम काग, शम्बूसिंह सोनगरा, नारायण सिंह सोनगरा, मांगीलाल रातडा, राजुगिरि, गुलाब गिरी, कानाराम साईं, किशनाराम काग, मगाराम फक, मूलाराम धुणीया सहित हजारो की संख्या में महिला पुरुष, ग्रामीण मौजूद रहे।

गैर नृत्य की मची धमचक-

मंदिर में आयोजित फूलडोल उत्सव में मंगला, उमरलाइ, जेठन्त्री, खाखरलाइ तथा कनाना, पारलू के आंगी बंगी गैर दलों ने उमंग से भाग लिया। ढोल की धमक, थाली की टंकार और डंडियों की खनक, घुंघरुओं की रुनझुन के साथ गैर नृतक ऐसे थिरके कि मानो प्रदेश की लोक कला और संस्कृति मेले में उतर आई।

धर्म, गौ रक्षा के लिए आगे आने का किया आव्हान-

महोत्सव के दौरान महा मंडलेश्वर निर्मल दास महाराज, महा मंडलेश्वर नरसिंग दास महाराज, मठ उमरलाइ के श्री महंत रामानंद सरस्वती, भोपजी भेराराम लादुनगर, कनाना महंत परशुराम गिरी, झुम्पा मठ मृत्युंजय पूरी, धजा जाल के महंत मंगलगिरी और आंकड़ीया महादेव के सोम गिरी ,भोपाजी रूपाराम चोधरी ,भोपजी रूपराम फक, मेली, कोटवाल गणेशाराम देवासी का सानिध्य मिला। साधू संतो ने धर्म सभा में धर्म की रक्षा सहित गो रक्षा के लिए आगे आने का आव्हान किया।

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