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बाड़मेर विष्व जल दिवस आज, जिले भर में होगें कई कार्यक्रम

दो नेषनल रिकार्ड के लिये आज होगा आयोजन

बाड़मेर 21 मार्च

देषभर की तरह बाड़मेर में भी बुधवार को विष्व जल दिवस मनाया जायेगा। वर्ष 1993 से शुरू विष्व जल दिवस का इस वर्ष का विषय अपषिष्ट जल है। जिला प्रषासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, केयर्न इंण्डिया, सीसीडीयू और विभिन्न संगठनों द्वारा बुधवार की रोज विष्व जल संरक्षण सप्ताह की शुरूआत की जायेगी। सीसीडीयू के आईईसी कन्सलटेंट अषोकसिंह राजपुरोहित ने बताया कि लोगों के बीच जल का महत्व, आवष्यकता और संरक्षण के बारे में जागरूकता बढाने के लिए हर वर्ष 22 मार्च को विष्व जल दिवस के रूप में मनाने के लिये एक अभियान की घोषणा हुई थी उसी के अन्तर्गत बुधवार को स्थानीय मदर टेरेसा सिनियर सैकेण्डरी स्कूल में विष्व जल संरक्षण सप्ताह का आगाज होगा। आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि यूआईटी चैयरमैन डाॅ. प्रियंका चैधरी और कार्यक्रम अध्यक्ष के तौर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओ पी विष्नोई, विषिष्ठ अतिथि के तौर पर बाड़मेर वृताधिकारी ओमप्रकाष उज्जवल, नेमाराम परिहार अधीक्षण अभियंता जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, षिक्षाविद् रामकुमार जोषी, ठाकराराम सारण और केयर्न इंण्डिया के विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित होगा। इस आयोजन में जल संरक्षण की शपथ के साथ साथ दो हजार बच्चों द्वारा जल संरक्षण पर स्लोग्न राईटिंग की जायेगी।

होगा लिम्का बुक आॅफ रिकार्ड के लिए दावा

विष्व जल संरक्षण सप्ताह के पहले दिन आयोजित होने वाले उद्घाटन आयोजन में दो लिम्का बुक आॅफ रिकार्ड के लिये दावा किया जायेगा। जानकारी के मुताबिक इस आयोजन में आयोजित होने वाली जल संरक्षण की शपथ और जल संरक्षण पर संलोग्न राईटिंग पर लिम्का बुक आॅफ रिकार्ड दावा किया जायेगा। इससे पूर्व राजकोट गुजरात की पाठक स्कुल में एक हजार बच्चों ने पक्षी बचाने की शपथ ली थी और पांच हजार सात सौ पचास सलोग्न लिखे थे। बुधवार को बाड़मेर में आयोजित होने वाले इस आयोजन में दो हजार के करीब बच्चे जल बचत की शपथ लेगें और तकरीबन आठ हजार के करीब सलोग्न लिखेगें। यह दोनों अपने आप में नेषनल रिकार्ड होगें।

सात दिन तक चलेगें आयोजन

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और केयर्न इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस विष्व जल संरक्षण सप्ताह के अन्तर्गत आगामी 27 मार्च तक कई आयोजनों का आयोजित किया जायेगा। जिसमें 23 मार्च को चित्रकला प्रतियोगिता, 24 मार्च को भाषण प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियेागिता और दिपदान का आयोजन किया जायेगा वहीं 25 मार्च को क्वीज प्रतियोगिता, 26 मार्च को निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। 27 मार्च को विष्व जल संरक्षण सप्ताह का समापन समारोह आयोजित होगा जिसमें विभिन्न प्रतियेागिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागीयों को पुरूस्कृत किया जायेगा।

यह है जल दिवस

रियो डि जेनेरियो में 1992 में आयोजित पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन विश्व जल दिवस की पहल में की गई। 22 मार्च याने विश्व जल दिवस मनाने का संकल्प लिया गया । पानी के महत्व को जानने का दिन और पानी के संरक्षण के विषय में समय रहते सचेत होने का दिन। आँकड़े बताते हैं कि विश्व के 1.5 अरब लोगों को पीने का शुद्ध पानी नही मिल रहा है। प्रकृति जीवनदायी संपदा जल हमें एक चक्र के रूप में प्रदान करती है, हम भी इस चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चक्र को गतिमान रखना हमारी जिम्मेदारी है, चक्र के थमने का अर्थ है, हमारे जीवन का थम जाना। प्रकृति के खजाने से हम जितना पानी लेते हैं, उसे वापस भी हमें ही लौटाना है। हम स्वयं पानी का निर्माण नहीं कर सकते अतः प्राकृतिक संसाधनों को दूषित न होने दें और पानी को व्यर्थ न गँवाएँ यह प्रण लेना आज के दिन बहुत आवश्यक है।

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