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अजमेर  नव संवत्सर, नव ऊर्जा का परिचायक, युवा लें सीख - प्रो. देवनानी

शिक्षा राज्यमंत्राी ने की विक्रम व बाल मेले में शिरकत, वृद्धजनों का हुआ सम्मान

अजमेर, 27 मार्च। शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि नव संवत्सर नव ऊर्जा का परिचायक है। भारत की प्राचीनतम संस्कृति में नव संवत्सर हमारे आध्यात्म, इतिहास, वीरता एवं हमारी विपुल परम्परा का प्रतीक रहा है। युवाओं को भारत की प्राचीनतम परम्परा से सीख लेकर आत्म गौरव और देश प्रेम की भावना को बलवती करना चाहिए।

शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने यह बात आज रीजनल तिराहे स्थित चैपाटी पर नगर निगम द्वारा आयोजित विक्रम एवं बाल मेले में कही। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति रही है। ऋतुओं और पर्यावरण को सर्वोच्च महत्व देते हुए हमने अपने त्यौहार और धार्मिक परम्पराओं को विकसित किया। नव संवत्सर भी हमारी इस प्राचीन परम्परा का परिचायक है। यह हमें नव ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की सीख देता है।

प्रो. देवनानी ने कहा कि भारत की प्राचीनतम संस्कृति में नव संवत्सर देश के आध्यात्म, संस्कृति, इतिहास, वीरता एवं अक्षय ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता रहा है। देश के युवाओं को अपना यह नव वर्ष देशभक्ति, राष्ट्रवाद और आत्म गौरव की भावना के साथ मनाना चाहिए। कार्यक्रम में महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत एवं विभिन्न धार्मिक स्थानों से आए संतों ने वृद्धजनों का सम्मान किया।

बाल मेले में नगर निगम की ओर से बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के खेल, सवारी एवं खानेपीने की स्टालों का इंतजाम किया गया। बच्चों ने इन आयोजनों का जमकर लुत्फ उठाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं शहरवासी उपस्थित थे। संचालन पार्षद श्री रमेश सोनी ने किया। इससे पूर्व प्रो. देवनानी ने आजाद पार्क से वाहन रैली को रवाना किया।




गौरवशाली लोगों के नाम से हो ईमारतों और जगहों की पहचान- प्रो. देवनानी
अजमेर, 27 मार्च। शिक्षा एवं पंचायीतराज राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि विभिन्न ईमारतों और जगहों की पहचान गौरवशाली लोगों के नामों से होनी चाहिए। प्रो. देवनानी ने यह विचार आज जवाहर रंगमंच पर श्री राम युवा सेवा समिति की और से आयोजित हिन्दु सम्राट पृथ्वीराज वैभव सम्मान समारोह में बोलते हुए व्यक्त किए। प्रो. देवनानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से जुड़े गौरवशाली लोगों के नाम ईमारतों और जगहों की पहचान होनी चाहिए। युवा पीढ़ी में देशभक्ति के भाव को आत्मसात करने के लिए जरूरी है कि भारतीय संस्कृति जिसके कारण भारत महान रहा है उसकी पूरी जानकारी युवाओं के बीच पहुंचे। समारोह में महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत, महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोढ़ानी भी मौजूद रहे। समारोह में जिले की प्रतिमाओं को भी सम्मानित किया गया।




चेटीचण्ड जुलूस में धीमी आवाज में बजाया जा सकेगा डी.जे.
अजमेर, 27 मार्च। जिला प्रशासन ने धार्मिक पर्व चेटीचण्ड के दौरान निकाले जाने वाले जुलूस में धीमी आवाज में डी.जे. साउंड सिस्टम बजाने की अनुमति जारी की है। जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप जुलूस के दौरान ईश्वर के भजन व आरती धीमी आवाज में बजाने के लिए सहमति जतायी। जुलूस में अश्लील गाने नहीं बजाए जा सकेंगे। यह निर्णय आज कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में लिया गया।




प्रशासन की चादर मंगलवार को होगी पेश
अजमेर, 27 मार्च। जिला प्रशासन की ओर से सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 805वें उर्स में मंगलवार 28 मार्च को प्रातः 10 बजे चादर पेश की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री अरविंद कुमार सेंगवा ने दी।

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