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जैसलमेर को अल्पसंख्यक जिला घोषित करने की अनुशंसा
जैसलमेर को अल्पसंख्यक जिला घोषित करने की अनुशंसा
राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने जैसलमेर को अल्पसंख्यक जिला घोषित करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुशंसा की है। यह बात जोधपुर आए राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीरसिंह ने कही। शनिवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों व हितों के संरक्षण के लिए कृत संकल्प है। सरकार पढ़ो परदेस योजना के तहत अल्पसंख्यक छात्रों को विदेशों में अध्ययन का मौका दे रही है। उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह एक अच्छा अवसर है। इस योजना का लाभ उठा कर अल्पसंख्यक छात्र आराम से विदेशों में अध्ययन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग का बजट एक करोड़ रुपए हैं और इसका उपयोग करते हुए वह अल्पसंख्यकों के हितों के लिए कार्य कर रहा है। देश भर में पंजीकृत अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिए 2 लाख 80 हजार छात्रवृतियां दे रही है। सभी विद्यार्थियों को 31 मार्च तक छात्रवृति दे दी जाएगी। सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए आगे आएगी। राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त व विकास निगम की ओर से ऋण दिए जा रहे हैं और आयोग महिलाओं को दिए जाने वाले ऋण की अंतिम किस्तें ब्याज मुक्त करवा रहा है। इसके तहत प्रत्येक जिले में राशि भिजवाने की योजना है।

उन्होंने कहा कि इस साल गुरु गोविंदसिंह प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत गुरु गोविंदसिंह पैनोरमा बनाया जाएगा। आयोग अध्यक्ष सिंह ने कहा कि आयोग ने जैसलमेर को अल्पसंख्यक बहुल जिला घोषित करने की केंद्र सरकार से अनुशंसा की है। आयोग 25 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले जिलों में अल्पसंख्यक हितों का संरक्षण करने पर विचार कर रहा है। आयोग 17 जिलों में अल्पसंख्यक मामलों की सुनवाई करेगा। इसके तहत 17 मई को जोधपुर में सुनवाई होगी।

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