सांसद पटेल ने लोकसभा में उठाया पशुपालकों के सहयोग का मुद्दा

पशुपालन संबंधी कार्य एवं डेयरी फार्म को कृशि आय घोशित किया जायें- सांसद पटेल

सांसद देवजी पटेल ने गुरूवार को लोकसभा के बजट सत्र के दौरान पशुपालकों के सहयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने पशुपालन संबंधी कार्य एवं डेयरी फार्म को कृषि आय घोषित करने की मांग रखते हुए बताया कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 70 प्रतिशत मवेशी छोटे, मझौले और सिमान्त किसानों के पास हैं, जिसकी पारिवारिक आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा दूध बेचने से प्राप्त होता हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि डेयरी की प्रगति से ग्रामिण अर्थव्यवस्था का अधिक संतुलित विकास होगा। दूध ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा के साथ ही जीवन की सुरक्षा भी देता हैं। दूध देने वाली एक गाय या भैंस पालना किसानों को आत्महत्या करने तक से बचा सकता हैं। आज डेयरी उद्योग कई तरह की परेशानियों से जूझ रहा हैं, जैसे- संगठित डेयरी फार्म का अभाव, निवेश की कमी, मशीनों और उपकरणों की ऊंची कीमतें आदि। दूध जल्द खराब होने वाला प्रोडेक्ट हैं, इसलिए प्रोसेसिंग और उसे पाउडर, बटर, घी, पनीर जैसे लंबे समय तक चलने वाले पोडेक्टस मे बदलना लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत हैं। इसलिए डेयरी फार्म से आने वाली आय को कृषि आय घोषित करना उचित रहेगा।

सांसद पटेल ने बताया कि अगर इस मामले मे सरकार अच्छी नीति अपनाए तो मिल्क प्रोसेसिंग और मिल्क प्रोडेक्टस की मैन्युफैक्चरिंग के लिए संयंत्र स्थापित करने में बडा पूंजी निवेश होगा। डेयरी प्रोडेक्टस के उचित रखरखाव के लिए ठोस कोल्ड चेन भी बेहद जरूरी हैं। इसके लिए भी बडा पूंजी निवेश चाहिए। ऐसे मे डेयरी इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले सभी मशाीनरी और उपकरणो मे एक्साइज डयूटी से मुक्त किया जाना चाहिए।

सांसद देवजी पटेल ने कहा कि देश में इस समय डेयरी प्रोडक्टस पर दो फीसदी सेंट्रल सेल्स टैक्स लगता हैं, इसे खत्म किया जाना चाहिए। कुछ डेयरी प्लांट लो काॅलेस्ट्राल घी की मैन्युफैक्चरिंज करते है, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता हैं। इस पर देश के विभिन्न राज्यो में 5 फीसदी से लेकर 12.5 फीसदी तक टैक्स लगता है और स्किम मिल्क पाउडर पर 5 फीसदी और टेबल बटर क्रीम जैसे प्रोडक्टस पर 12.5 फीसदी वैट लगता है। इसी प्रकार दूध पर कोई टेक्स नही लगता है लेकिन युएचआई मिल्क पर वैट लगता हैं। अतः मिल्क प्रोडक्टस को सभी प्रकार के टेक्स से मुक्त रखना चाहिए।

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