जैसलमेर अमर शहीद सागरमल गोपाजी का 71 वां बलिदान दिवस 4 अप्रेल को

समारोहपूर्वक मनाया जाएगा





जैसलमेर 30 मार्च । स्वर्ण नगरी जैसलमेर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भारववर्ष के स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलनों में अपना सक्रीय बलिदान न्यौछावर करने में प्रमुख अग्रणीय स्थान रखने वाले एतिहासिक जैसलमेर मरु भूमि के स्वतंत्रता सेनानी वीर सपूत अमर शहीद सागरमल गोपा जी 71 वां बलिदान दिवस आगामी 4 अप्रेल मंगलवार (रामनवमी) के अवसर पर गड़सीसर प्रौल स्थित शहीद गोपा जी के स्मारक स्थल पर समारोहपूर्वक मनाया जाएगा।

अमर शहीद सागरमल गोपा जी के मुख्य परिवार सदस्य बालकृष्ण गोपा ने इस संबंध में यह जानकारी देते हुए बताया कि इस बलिदान दिवस के मौके पर नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधिगणों , गणमान्य नागरिेकों , जन नेताओं के साथ ही अधिकारीगण और शहर के आमजन को विषेष रुप से आमंत्रित किया गया है। उन्होंने जिले के सभी आमनागरिेकों, जनप्रतिनिधियों , जिलाधिकारियों ,मीडियाकर्मियों व विभिन्न आदि से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया गया है कि वे अधिकाधिक संख्या में बलिदान दिवस पर पधार कर जनसहभागिता बढावें।

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आंगनवाडी पाठषाला में अभिभावकों की मासिक बैठक सुसम्पन्न



जैसलमेर 30 मार्च। राजस्थान दिवस के अवसर पर 30 मार्च गुरुवार को जैसलमेर शहर स्थित गफूर भट्टा में आंगनवाड़ी पाठषाला वार्ड संख्या 4, 8 तथा 28 पर जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नारायणसिंह चारण की अध्यक्षता में उपनिदेषक,महिला एवं बाल विकास विभाग जैसलमेर श्रीमती स्नेहलता चैहान की माॅजूदगी में अभिभावकों की मासिक बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपनिदेषक श्रीमती स्नेहलता ने प्रारंभिक बाल्यावस्था षिक्षा की संक्षिप्त जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने प्रारंभिक बाल्यावस्था षिक्षा के बारे में ें उपस्थित सभी महिलाओं को प्रौत्सहित करते हुए कहा कि प्रतिदिन बच्चों को समय पर आंगनवाड़ी पाठषालाओं पर भिजवाना सुनिष्चित करावें जिससे अधिकाधिक संख्या बालक-बालिकाएं विद्यालयों में प्रवेष ले सकें।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्री चारण ने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र अब आंगनवाड़ी पाठषाला हो चुका है। उन्होंने बताया कि 3 से 4 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए किलकारी , 4 से 5 वर्ष तक के बच्चों को उमंग ,5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को तरंग वर्क-बुक के संबंध में जानकारी दी गई जिससे बच्चों का सर्वागींण बौद्धिक विकास हो सकें। अंत में उपनिदेषक श्रीमती चैहान में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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