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किसानों को सम्मान के साथ जीना सीखाया रामदानजी -  . मलिक

बाड़मेर 15 मार्च

चैधरी रामदान ने मालाणी के किसानों को आन बान शान के साथ जीना सीखाया। उन्होनें षिक्षा प्रसार एवं समाज सेवा के जरिये किसानों को हक दिलाया ये विचार पूर्व केन्द्रीय मंत्री सतपाल मलिक ने चैधरी रामदान की 134 वीं जयंति समारोह में किसान छात्रावास में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

मलिक ने कहा कि रामदान जी ने जागीरदारों के अत्याचारों का खुलकर सामना किया। पंचायत चुनावों में किसान वर्ग प्रतिनिधित्व के लिए घर-घर जाकर समझाईष की। लोकतंत्र एव षिक्षा को विकास के आधार स्तम्भ मानते हुए रामदान ने इस तरफ ध्यान दिया। उन्होने कहा कि षिक्षा के नाम पर मांगने से र्शमाना नही चाहिए और देने से डरना नही चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराजा सूरजमल स्मारक षिक्षा समिति दिल्ली के अध्यक्ष एस.पी. सिह ने कहा कि अषिक्षा को दूर भागने का भरपूर प्रयास किया। उन्होने बालिका षिक्षा को बढ़ावा देने का आहवान् किया। षिक्षा में स्वच्ंछता अच्छी चीज नही है उन्होने कहा कि विवके से विनयषीलता एवं मर्यादा आती है। उन्होने कहाकि बुजुर्गो के संस्कार लेकर सफलता के झंडे गाड़े। उन्होने साक्षी मलिक, कृष्णा पूनिया, बबीता फोगात, सायना नेहवाल, वीरेन्द्र सहवाग का उदाहरण देकर आगे बढ़ने की सीख दी।

पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चैधरी ने कहा कि रामदान चैधरी हमारे लिए आदर्ष प्रेरणा पुरूष थे। उन्होने पूरा जीवन मानव सेवा हेतु लगा दिया। रामदान चैधरी ने मृत्युभोज निषेध अधिनियम विधानसभा में पारित करवाया। उनके बताए रास्ते पर चलकर ऋण चुकाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के विषिष्ट अतिथि पूर्व कुलपति डाॅ. गंगाराम जाखड़ ने अपने संबोधन मे रामदान चैधरी के षिक्षा की अलख को गंगाराम चैधरी ने कन्या छात्रावास का निर्माण करवाकर जलाये रखने में योगदान दिया। उन्होने विद्याथ्रियों से आहवान् किया कि जहां भी रहे छात्रावास का नाम रोषन करें।

आयकर उपायुक्त भैराराम चैधरी ने कहा कि षिक्षा में मात्रात्मक वृद्धि के साथ गुणात्मक वृद्धि भी हो। उन्होने कहा कि नषे जैसी चीजों को रोकना जरूरी है। छात्रावास संरक्षक डाॅ. गणपतस्वरूप चैधरी ने कहा कि सोषियल मीडिया का सकारात्मक उपयोग होना चाहिए। छात्रावास अध्यक्ष बलवंतसिह चैधरी ने कहाकि आदर्ष व्यवहार के ढांचे में ढलकर अपना जीवन सफल बनाये। पूर्व प्रधान शैलाराम सारण ने अन्नदाताओं को जागरूक होने का आह्वान किया। कमलसिह महेचा ने कहाकि आदर्षवाद, षिक्षा एवं कर्मयोग से आगे का भविष्य तय करें। टी.सी. जाटोल ने कहाकि कर्तव्य में कर्मयोगी बनकर कार्य करें।

समारोह को राजेष भाखर, कमल लेघा, कुमारी राधा व कुमारी ममता ने भी संबोधित किया। कोषाध्यक्ष तोगाराम चैधरी ने चैधरी रामदान का जीवन परिचय पेष किया। स्वागत भाषण डालूराम चैधरी ने दिया। संस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन हुकमाराम पोटलिया ने पेष किया। धन्यवाद नरसिंग सोलंकी ने एवं कार्यक्रम का संचालन आदर्ष किषोर जाणी एवं भीखाराम थोरी ने किया। कु. धापू ने स्वागत गीत पेष किया। आईआरएस खेताराम सऊ, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी विष्नोई एवं पूर्व विधायक हरिसिंह सोढा भी मंच पर उपस्थित थे।

यूआईटी चैयरपर्सन डाॅ. प्रियंका चैधरी, तनसिह चैहान, पूर्व जिला प्रमुख अमिता चैधरी, प्रधान ताजाराम, कुम्भाराम, जस्सी चैधरी, हेमसिह पुरोहित, जेठमल जैन, चांदाराम वाघेला, नवलाराम बीडीओ, जोरसिह कमांडेट, रहीम खान छीपा, अमृतकौर, सुनीता चैधरी, चेनाराम चैधरी, पोकराराम सऊ, सोनाराम के जाट, राहुमल सारण, हीराराम जाखड़, एडवोकेट वीरमाराम, दिलीप कुमार, हरदान पोटलिया, मेघाराम चैधरी, एडवोकेट महेन्द्र, अमराराम चैधरी, ठाकुर गोरा सहित कई समाजबंधु और छात्र-छात्राऐं उपस्थिति थे।

यह हुए सम्मानित

अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन धावक दीपाराम बायतू, बलदेव, श्रवण भूंकर, जयप्रकाष, कु. कुस्तरी, रामेष्वरी, सारो, भावाना, संतोष, चून्नी, भूरी, मुकेष, जसवंती, शैलजा गोदारा, अषोक, चंचल गोदारा, महिमा, प्रमिला, भरत कुमार, किरण, सुआ, धापू, लालाराम, ज्योति एवं प्रमिला, प्रियंका कुकणा, जमना, रेखाराम, और अध्यापक हेमाराम खत्री, जोगेन्द्र कुमार बेनिवाल, अषोक चारण, कानराम पूनिया, आदर्षकिषोर जाणी, दीपाराम पोटलिया, महेन्द्रदान चारण, ठाकराराम बेनिवाल, जोगेन्द्र डाबास, हुकमाराम पोटलिया, श्यामवीरसिह एवं धर्मवीरसिंह को सम्मानित किया गया।

यह थे दानदाता

भैराराम पोटलिया, कुम्भाराम माकड़, खेराजराम प्रजापत, उगराराम एडवोकेट, किरताराम सेवर ने संस्थान को उपहार स्वरूप वित्तिय सहयोग प्रदान किया।

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