जैसलमेर ब्लाईण्ड मर्डर का पर्दाफाश, हत्यारा गिरफ्तार

काले रंग के गमछे से हुआ नृशंस हत्या का पर्दाफाश

चंद पैसों के लिए की हत्या

रिस्तेदार ही निकला हत्यारा

जैसलमेर पुलिस थाना कोतवाली जैसलमेर पर सूचना मिली कि बाड़मेर तिराहा के पास रेल्वे परिसर में एक व्यक्ति मृत पड़ा हैं, जिस पर अरूण कुमार उ.नि. प्रभारी, पुलिस थाना कोतवाली जैसलमेर मय जाब्ता मौका पर पहुंच, मौका देखा गया तो मामला हत्या का पाया गया, जिस पर मृतक की पहचान श्यामलाल पुत्र हेमराज जाति बंजारा निवासी उमरदड़ थाना सिद्धीगंज जिला सिहोर (मध्य प्रदेश) के रूप में होने पर उसके रिस्ते के साला श्री कैलाश की रिपोर्ट पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।

पुलिस की कार्यवाही व विशेष टीम का गठन

उच्चाधिकारियों को सुचना मिलने पर जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जिला जैसलमेर गौरव यादव, के आदेशानुसार प्रकरण का अनुसंधान महेश श्रीमाली नि.पु. थानाधिकारी पुलिस थाना सदर जैसलमेर को सुपुर्द किया गया तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीणा के निर्देशन में वृताधिकारी वृत जैसलमेर नरेन्द्र कुमार दवे के सुपरविजन में महेश श्रीमाली नि.पु. थानाधिकारी पुलिस थाना सदर जैसलमेर के नेतृत्व में एक विश्ेाष टीम अरूण कुमार उप निरीक्षक, प्रभारी पुलिस थाना कोतवाली जैसलमेर, सउनि केवलदास, अमृतलाल हैड कानि. भगाराम, माधोसिंह, कानि. दिनेश चारण, जगदीशदान, भागीरथ एवं मुकेश बीरा की गठित कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

विशेष टीम द्वारा गहन अनुसंधान

निर्देशो की पालना में विशेष टीम द्वारा ब्लाईड मर्डर का खुलाशा करने हेतु घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करने पर घटनास्थल से कुछ दूर एक काले रंग का गमछा मिला, जो कब्जा पुलिस में लेकर सबसे पहले मृतक जिसका चेहरा बिल्कूल ही कुचला हुआ था, उसकी शिनाख्त हेतु उसके पहनावे के अनुसार आसपास के क्षेत्र में मजदूरों से पुछताछ की गई तो दौराने पुछताछ उसकी पहचान मध्यप्रदेश सिहोर जिला निवासी श्यामलाल पुत्र हेमराज बंजारा के रूप में हुई। पहचान के बाद हत्यारों का पता लगाने हेतु पुलिस टीम द्वारा मृतक के साथ अंतिम बार किसी व्यक्ति के होने की पुष्टी करने हेतु घटना स्थल के आस-पास विभिन्न दूकानों, होटलों, धर्मशालाओं के सीसीटीवी फूटैजों को खगाला गया। इसी दौरान एक धर्मशाला एवं होटल के फूटेज में हत्या से पूर्व एक व्यक्ति को मृतक के साथ आते जाते देखा गया। जिसके भी गले में उसी प्रकार का गमछा पहना हुआ पाया गया। जिसकी पुष्टी हेतु मृतक के वारिशान को फूटैज दिखाये जाने पर उसकी पहचान कुलदीप उर्फ नैना पुत्र फूलसिंह बंजारा निवासी सामरी जिला सिहोर मध्यप्रदेश के रूप में होने पर उक्त शक्स को दस्तयाब कर गहन अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।

गिरफतार शक्स द्वारा हत्या को अंजाम देना स्वीकार कर उगले कई राज

वांछित आरोपी कुलदीप को दस्तयाब करने के बाद अनुसंधान अधिकारी महेश श्रीमाली नि.पु. थानाधिकारी पुलिस थाना सदर जैसलमेर, केवलदास सउनि, माधोसिंह हैड कानि0 व मुकेश बीरा पुलिस टीम द्वारा गहन पुछताछ करने पर कुलदीप ने कुछ पैसों के लालच में आकर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम देना स्वीकार करने पर गिरफतार किया गया। मुलजिम से अन्य साथियों का पता करने हेतु कुलदीप उर्फ नैना से गहन पुछताछ जारी है।




हत्या को कैसे दिया अंजाम

मृतक श्यामलाल के साथ कुलदीप रहता था। कुलदीप जोकि श्यामलाल की साली लडका है। जिसे मृतक के पास मजदूरी के पैसे होने की जानकारी भली भांति थी। इसलिए पैसों के लालच में आकर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर रेल्वे स्टेशन की चारदीवारी में जाकर साथियों के साथ बैठ कर शराब पी उसके बाद मृतक श्यामलाल को वहां ले जाकर हत्या को अंजाम दिया जाकर मृतक के पास के पैसे लूटे गये।

पुलिस की आंख में धूल झांेकने के लिए लगातार घूमता रहा

आरोपी कुलदीप उर्फ नैना घटना के बाद पुलिस की आंख में धूल झोंकने व पुलिस की गतिविधियों पर निगरानी रखने हेतु घटनास्थल एवं होस्पीटल के आस पास घुमता रहा तथा पुलिस की कार्यवाही पर लगातार नजर रखते रहा। लेकिन पुलिस की पेनी नजर से नहीं बच पाया व अंततः पकड़ा गया।

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