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5 हजार से ज्यादा अभावग्रस्त गांवों में पेयजल के लिए केंद्र से मांगे 149 करोड़
5 हजार से ज्यादा अभावग्रस्त गांवों में पेयजल के लिए केंद्र से मांगे 149 करोड़

जयपुर। गर्मी आने से पहले ही पीएचईडी ने पेयजल व्यवस्था के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। विभाग ने अभावग्रस्त घोषित 5656 गांवों में पेयजल से लिए केंद्र सरकार से 149 करोड़ रुपए के पैकेज की मांग की है। साथ ही जिलों के अधिकारियों से गर्मी के दौरान पेयजल की व्यवस्था के लिए अग्रिम प्लान भेजने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। जानिए पानी सप्लाई की क्या है स्थिति के बारे में ...



- राज्य में कई गांव कस्बे ऐसे हैं, जहां चार से सातवें दिन पानी की सप्लाई मिलती है। वहीं, चार शहरों जयपुर, दौसा, बसवा और बांदीकुई के साथ 25 गांव-ढाणियों में टैंकरों से पानी की सप्लाई अभी जारी है। इसे जरूरत के अनुसार बढ़ाया जाएगा।

- पिछले मानसून के दौरान 13 जिलों में दूसरे दौर की बारिश पर्याप्त नहीं हो पाई थी। इसके चलते 5656 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया था।

- इन गांवों में तत्काल पानी की व्यवस्था महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए 149 करोड़ रुपए का प्लान विभाग ने आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के मार्फत केंद्र सरकार को भेजा है। इस राशि के जल्द मिलने की उम्मीद है।

हैंडपंप मरम्मत के लिए मंजूरी :

- पीएचईडी के चीफ इंजीनियर (ग्रामीण) सी.एम. चौहान ने बताया कि राज्य में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।

- अभी 3,76,982 हैंडपंप ग्रामीण क्षेत्र में और 33,398 शहरी क्षेत्र में लगे हैं। हैंडपंप मरम्मत के लिए 31 मार्च तक के लिए 500 व 31 मई तक 1500 और 31 जुलाई तक के लिए 2500 लेबर लगाने और 150 वाहनों के उपयोग की मंजूरी मिली है।

- उन्होंने बताया कि इस साल में शहरी क्षेत्र के लिए 413 और ग्रामीण के लिए 1396 ट्यूबवेल मंजूर किए गए थे, इनमें से क्रमश: 338 और 1132 चालू हो चुके हैं।

- बाकी का काम प्रगति पर है। इसके अलावा अन्य मांग के लिए विभाग के सभी इंजीनियरों को प्लान भेजने के निर्देश दे दिए हैं। किसी को पेयजल की समस्या न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।




शहरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की वर्तमान स्थिति :

अंतराल अवधि : शहर संख्या : नाम शहर-कस्बे :

168 घंटे (सात दिन में) : एक : मकराना

144 घंटे (छह दिन में) : एक : दौसा

96 घंटे (चार दिन में) : 6 : परबतसर, बांदीकुई, सोजत रोड, बालोतरा, सिवाना, प्रतापगढ़।

72 घंटे (तीन दिन में) : 15 : किशनगढ़ (पार्ट), मांडल, गुलाबपुरा, गंगापुर, डीडवाना, लाडनूं, मेड़ता सिटी, डेगाना, सुजानगढ़, पीपाड़सिटी, मारवाड़ जंक्शन, सोजत सिटी, रायपुर, जैतारण और भीनमाल।

- 48 घंटे (एक दिन छोड़कर) : 63 : अजमेर (पार्ट), ब्यावर, केकड़ी, विजयनगर, मंडावा, कुचेरा, कुचामन, भीलवाड़ा, आसींद, जहाजपुर, शाहपुरा, टोंक, राजगढ़ (अलवर), खंडेला, गोठड़ा, खेतड़ी, महवा, बसवा, सांभर, फुलेरा, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, कामां, गंगापुरसिटी, रामगंजमंडी, सुकेत, सांथल खेड़ी, चौमेला, जोधपुर, पाली, रानी, बाली, फालना, निमाज, सादड़ी, पोकरण, बाड़मेर, समदड़ी, जालौर, सांचौर, सिरोही, शिवगंज, आबूरोड, माउंट आबू, भंवरी, पिंडवाड़ा, उदयपुर, भिंडर, कनोड़, फतेहनगर, सलूंबर, खेरवाड़ा, ऋषभदेव, कांकरोली, आमेट, देवगढ़, धरियावद, छोटीसादड़ी, निंबाहेड़ा, बड़ी सादड़ी, छापर, अनूपगढ़ और रायसिंहनगर।

24 घंटे (रोजाना) : 122 शहर

व्यवस्था निकायों के जिम्मे : 8 शहर-कस्बे।

अन्य एजेंसियों के जिम्मे : 6 शहर-कस्बे।

कुल : 222 शहर कस्बे।

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