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जालोर जिला प्रमुख डा. गोहिल अध्ययन यात्रा कर लौटे जालोर
गोवा-महाराष्ट्र की पंचायतीराज व्यवस्था का प्रदेष के मंत्री को दिया फीडबेक
जालोर-10 जनवरी 2017

जिला प्रमुख डा.वन्नेसिह गोहिल इन्दिरा गाॅधी पंचायती राज एवं ग्रामिण विकास संस्थान द्वारा अनुमोदन के आधार पर आठ दिवसीय अध्ययन यात्रा पुर्ण कर राजस्थान दल के साथ रविवार की रात जयपुर पहुॅचे और सोमवार को जालोर आ गये है। जयपुर लौटने पर जालोर जिला प्रमुख श्री गोहिल व चुरू के जिला प्रमुख हरलाल सहारण ने प्रदेष के पंचायतीराज एवं संसदीय मंत्री माननीय राजेन्द्र राठौड के आवास पर षिष्टाचार भेंट करते हुए आठ दिवसीय यात्रा कार्यक्रम का फीडबैक प्रस्तुत किया। जिला प्रमुख के निजि सहायक ने बताया कि ईयु एसपीपी के तहत महाराष्ट्र-गोवा राज्य की अध्ययन यात्रा के लिए राजस्थान के जनप्रतिनिधियों मे जालोर जिला प्रमुख सहित राजस्थान के बीस जनप्रतिनिधियों को माननिय मंत्री ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण विकास विभाग राजस्थान द्वारा नामांकित किया गया था। चयनित दल के प्रतिभागियों ने यूरोपियन यूनियन राज्य सहभागिता कार्यक्रम के अन्र्तगत 01 जनवरी 2017 से लगाकर 08 जनवरी 2017 तक गोवा व महाराष्ट्र की पंचायती राज व्यवस्था का गहन अध्ययन किया। वाटर सैड,जैविक खाद,जैविक कृषि, पेयजल वितरण,बाॅध व नहरी व्यवस्था सहित जल प्रबंधन व पंचायती राज व्यवस्था की विभिन्न योजनाओं के साथ क्रियाकलापों को नजदीक से समझते हुए उसका नवाचार राजस्थान राज्य मे जनता के लिए उपयोगी बनाने के लिए दल द्वारा अपना प्रतिवेदन मंत्रीजी को दिया गया।

जल प्रबंधन और पंचायतीराज प्रणाली पर चर्चा- आठ दिवसिय अध्ययन यात्रा की पुर्णता के बाद जयपुर लौटने पर जालोर जिला प्रमुख वन्नेसिह गोहिल व चुरू जिला प्रमुख हरलाल सहारण ने अपने दल द्वारा की गई यात्रा के दौरान प्राप्त किये अनुभवों को प्रदेष के पंचायतीराज मंत्री के साथ वार्ता करते हुए प्रस्तुत किये। महाराष्ट्र-गोवा राज्य की जल प्रबंधन व्यवस्था व पंचायतीराज प्रणाली को गहनता से समझने के बाद इसे प्रदेष मे उपयोगी बनाने की संभावनाओं के बारे मे प्रतिवेदन देते हुए चर्चा की। यात्रा से लौटकर रविवार को जयपुर स्थित मंत्री महोदय के आवास पर जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव राजस्थान सरकार के मंत्री को दियें।

पंचायतीराज मंत्री ने जानी संभावनाएॅ- प्रदेष के पंचायतीराज एवं संसदीय मंत्री माननीय राजेन्द्र राठौड ने अपने आवास पर अध्ययन यात्रा से लौटे जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए महाराष्ट्र स्थित सतारा की पंचायतीराज व्यवस्था, करेण गौषाला, क्षैत्रसिद्वगिरी मठ की ग्राम्य आचंल प्रदर्षनी व माॅडल,गुरूकुल आश्रम, गौ-पंचगव्य, वर्तमान दौर की स्मार्ट सिटी व स्मार्ट विलेज की परिकल्पना, गाॅवो मे खेती-किसानी कार्य के साथ जल सरंक्षण की संभावना के साथ वहाॅ के अनुभव का लाभ क्षैत्र की जनता को देने के लिए फिडबैक लिया। करेण गौषाला केन्द्र पर पाॅच हजार किसानों के जैविक खेती प्रषिक्षण के प्रावधान की भी इस दौरान चर्चा हुई। साथ ही गोवा के सलाउली बाॅध व नहर प्रोजेक्ट द्वारा पणजी को पेयजल व्यवस्था द्वारा जल उपलब्धता के बारे मे भी विस्तृत चर्चा करते हुए संभावनाओं पर बात हुई।

जनवरी 2016 मे किया था केरल का अध्ययन- इससे पुर्व भी जिला प्रमुख डाॅ0 वन्नेसिंह गोहिल जनवरी 2016 मे राज्य स्तरीय दल के साथ एक सप्ताह के कार्यक्रम पर केरल राज्य में संचालित जलग्रहण परियोजना के अध्ययन हेतु 10 से 16 जनवरी 2016 तक पंचायत राज विभाग के जलग्रहण परियोजना के विषेष अध्ययन प्रो्रग्राम के तहत केरल प्रान्त में प्रदेष से एक मात्र जिला जिला प्रमुख के रूप में भी शामिल हुए थे। जिला प्रमुख के निजी सचिव ने बताया की अध्ययन दल में पंचायतराज मंत्री सुरेन्द्र गोयल भी षामिल थे।

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