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जयपुर मुझे बचा लो, नहीं जाना उस दलदल में वापस

मुझे बचा लो, नहीं जाना उस दलदल में वापस
वेश्यावृत्ति के दलदल में फंसी 16 साल की एक किशोरी ने दिलेरी दिखाई और झालावाड़ स्थित अपने घर से भाग गई। फिर चाइल्ड हेल्प लाइन पर कॉल कर मदद की गुहार की। चाइल्ड हेल्प लाइन ने बच्ची को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, जहां से उसे शेल्टर होम भेज दिया गया। उसे ढंूढते परिजन भी बाल कल्याण समिति आ पहुंचे लेकिन किशोरी ने उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। अब मंगलवार को मेडिकल रिपोर्ट में किशोरी की सही उम्र का पता चलने पर फैसला होगा।


किशोरी ने सोमवार सुबह 9.30 बजे चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर कॉल किया था। उसने बताया कि वह झालावाड़ के छत्रपुरा क्षेत्र से बोल रही है। उसकी मां और घरवाले उससे जबरदस्ती गंदा काम कराते हैं। वह पिछले 2-3 साल से देह व्यापार के दलदल में फंसी हुई है। चाइल्ड हेल्प लाइन मुख्यालय ने कॉल तुरंत जिला समन्वयक दुलीचंद लोधा को कनेक्ट की, जिन्होंने बच्ची से बात कर लोकेशन पूछी। किशोरी ने कहा कि वह अभी बस में सवार है और कुछ देर में झालावाड़ बस स्टैंड पहुंचने वाली है। इस पर प्रभारी दुलीचंद, महिला सहयोगी मीनाक्षी मोदी और लेखराज लोढ़ा के साथ तुरन्त बस स्टैंड पहुंचे। टीम ने किशोरी को संरक्षण में ले कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद बाल कल्याण समिति सदस्य सीमा रहमान खान के समक्ष पेश किया।




चाइल्ड हेल्प लाइन से मांगी मदद


समिति के पूछते ही किशोरी फफक पड़ी। उसकी दास्तां सुन वहां मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई। किशोरी ने बताया, मेरे पिता नहीं हैं। मां व परिवार के लोग देह व्यापार में लिप्त हैं। मुझे भी दो साल पहले गंदे काम में लगा दिया। विरोध करने पर मारपीट करते थे। अब मैं वहां नहीं जाना चाहती।




इनके साथ मत भेजो




उधर, बेटी को गायब देख उसकी मां ने आसपास तलाश की। फिर भवानी मंडी थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस से सूचना मिलने पर मां व परिजन किशोरी को साथ ले जाने बाल कल्याण समिति पहुंचे लेकिन किशोरी सुबक पड़ी। हाथ जोड़कर विनती करने लगी कि उनके साथ मत भेजो।

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