मंगलवार, 10 जनवरी 2017

जर्मनी में उठी मांग, वेश्याओं से संबंध बनाने के लिए बीमार लोगों की आर्थिक मदद करे सरकार

जर्मनी में उठी मांग, वेश्याओं से संबंध बनाने के लिए बीमार लोगों की आर्थिक मदद करे सरकार



बर्लिन। जर्मनी में ग्रीन पार्टी की प्रवक्ता एलिजाबेथ स्कैरफेनबर्ग ने एक विवादित मांग की है। स्कैरफेनबर्ग का कहना है कि दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार लोग अगर पैसे देकर सेक्स करते हैं तो उन्हें यह पैसा सरकार से वापस लेने का हक मिलना चाहिए।हालांकि स्कैरफेनबर्ग ने कहा कि उन्हें इसके लिए साबित करना होगा कि उन्हें चिकित्सीय तौर पर सेक्स करने की जरूरत है और सेक्स वर्कर को देने के लिए उनके पास धन नहीं है।सांसद एलिजाबेथ स्कैरफेनबर्ग ने वेल्ट एएम सोनटैग अखबार से बातचीत में कहा कि मेरा विचार है कि सेक्स करने के लिए स्थानीय अधिकारियों को आर्थिक मदद देनी चाहिए। उन्होंने कहा, ऐसे सेक्स वर्कर्स के बारे में पता लगाया जाना चाहिए। वेल्ट एएम सोनटैग अखबार ने लिखा है कि कई सेक्स वर्करों ने नर्सिंग होम में अपनी सेवाएं दी हैं। नर्सिंग होम में सेक्स संबंधी सलाह देने वाली वैनेसा डेल  का कहना है कि वेश्याएं मरीजों के लिए किसी 'वरदान' से कम नहीं थीं।जर्मनी में 2002 से वेश्यावृति को कानूनी मान्यता प्राप्त है। मालूम हो कि नीदरलैंड में ऐसा सिस्टम पहले से लागू है, जिसमें इलाज में होने वाले खर्च के तौर पर सेक्स पर होने वाले खर्च को भी शामिल किया जाता है और इसे सरकार से वापस लेने का दावा करने का प्रावधान भी है।





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