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जोधपुर.लद्दाख में शहीद हुआ जोधपुर के भोपालगढ़ का जवान, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
लद्दाख में शहीद हुआ जोधपुर के भोपालगढ़ का जवान, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

क्षेत्र के ओस्तरा गांव निवासी सैनिक जीवनराम सारण का लेह लद्दाख क्षेत्र में निधन होने के बाद मंगलवार शाम को पूरे सैनिक सम्मान के साथ पैतृक गांव ओस्तरा में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने सैनिक जीवनराम अमर रहे और जिंदाबाद के जयकारे लगा कर सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के ओस्तरा गांव निवासी किसान बुद्धाराम सारण के पुत्र जीवनराम सारण वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में वे चालक के पद पर आम्र्स रेजीमेंट में लेह लद्दाख क्षेत्र में तैनात थे। 
 रविवार रात को वहां काम करते समय उनका वाहन खाई में गिर जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उनके निधन का समाचार मंगलवार को सुबह उनके पैतृक गांव ओस्तरा के ग्रामीणों व परिजनों को मिला। तो पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। दोपहर बाद सैनिक के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए ओस्तरा समेत आसपास के गांव से ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। साथ ही सैनिक के परिवार में भी माहौल करुण क्रंदन भरा हो गया और परिवार की महिलाएं व पुरुष की आंखें भर आईं। 
 सैनिक का शव दिल्ली से जोधपुर से जोधपुर आने के बाद शाम करीब 4 बजे ओस्तरा गांव के लिए रवाना हुआ तो गांव में ग्रामीणों की भीड़ भी बढऩे लगी। इस दौरान अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी, प्रधान चिमनसिंह धेडू, बावड़ी प्रधान अल्लाराम मेघवाल, उप प्रधान रामरख ओसु, भाजपा के मंडल अध्यक्ष जगदीश डूडी, पूर्व अध्यक्ष जयराम जाखड़, जिला कांग्रेस सचिव शिवकरण सैनी, सरपंच दानाराम सारण, उप जिला कलेक्टर अनिल कुमार पुनिया, तहसीलदार द्वारकाप्रसाद शर्मा, विकास अधिकारी ललितकुमार गर्ग, पंचायत प्रसार अधिकारी रामकिशोर नारधनिया, थाना प्रभारी राजीव भादू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा कार्यकर्ता उनके घर पहुंच चुके थे। करीब 5:30 बजे सैनिक का शव ओस्तरा गांव पहुंचा और इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा रवाना हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सैनिक की ढाणी के पास ही सार्वजनिक भूमि पर पूरे राजकीय व सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले यहां मौजूद सांसद डूडी, प्रधान धेडू, उप जिला कलेक्टर पूनिया तहसीलदार शर्मा व विकास अधिकारी गर्ग समेत अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। इसके बाद सैनिक के 7 वर्षीय पुत्र राहुल ने अपने दिवंगत पिता को मुखाग्नि दी, तो इस समय माहौल एक बार फिर गंभीर हो गया और कई लोगों की रुलाई फूट पड़ी। शहीद के पिता बुद्धाराम सारण एक सामान्य किसान हैं और इनके तीन पुत्र अर्जुनराम, जीवनराम व परसराम है। जिनमें से जीवनराम और परसराम दोनों ही सेना में कार्यरत थे। जिनमें से जीवनराम का सेना में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। चार बहनों के इस भाई को एक पुत्री व पुत्र हैं। अभी महीने भर पहले ही छुट्टियां बिताकर वे वापस गए थे।

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