।अजमेर: बहु नहीं लाई मायके से दहेज, सास और ससुर ने लगा दिया Toilet पर तालाअजमेर: बहु नहीं लाई मायके से दहेज, सास और ससुर ने लगा दिया Toilet पर ताला

जहां एक ओर सरकार घर-घर शौचालय निर्माण पर जोर दे रही है। वहीं एक विवाहिता को ससुराल पक्ष की ओर से शौचालय की सुविधा से वंचित करने का मामला सामने आया है।

पीडि़ता पुलिस की मदद से दो दिन पहले ससुराल में दाखिल तो हो गई लेकिन उसका मूलभूत सुविधाओं से महरूम रहना पड़ रहा है।

जयपुर मालवीय नगर निवासी अशोक सिंह चौहान की पुत्री श्रुति चौहान का विवाह 3 साल पहले फॉयसागर रोड कैलाशपुरी प्रेम नगर निवासी गोपाल सिंह तंवर के बेटे दुष्यंत सिंह के साथ हुआ। शादी के डेढ़ माह बाद से श्रुति को प्रताडि़त किया जाने लगा। करीब डेढ़ साल से पीहर में बैठी श्रुति शनिवार को अजमेर पहुंची।

उसने गंज थाने और महिला थाने से मामले में मदद की गुहार लगाई। गंज थानाप्रभारी दिनेश जीवनानी में विवाहिता की मदद की। फॉयसागर चौकीप्रभारी नरेन्द्र सिंह ने विवाहिता को ससुराल छोड़ सास-ससुर को प्रताडि़त नहीं करने के लिए पाबंद किया था।

पुलिस के दबाव पर सास-ससुर ने श्रुति को घर में प्रवेश तो दे दिया लेकिन उसको एक कमरे में कैद कर दिया। उसके किचन में प्रवेश के साथ शौचालय पर ताला जड़ दिया। दैनिक सुविधाओं पर बंदिश लगने पर श्रुति और उसके परिजन ने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

शादी के बाद से प्रताडऩा

श्रुति के पिता अशोक सिंह चौहान ने बताया कि शादी के डेढ़ माह बाद श्रुति पति के साथ हैदराबाद चली गई। तब से उसे प्रताडि़त किया जा रहा है डेढ़ साल पहले जब वह अपनी मां से मिलने जयपुर आई तो उसके बाद उसके पति उसको ले जाने से इन्कार किया।

वह हैदराबाद गई तो उसको पहचानने से इन्कार करते हुए घर में प्रवेश पर रोक लगा दी। आखिर श्रुति को कानून का सहारा लेना पड़ा।

सास-ससुर है शिक्षिक

अशोकसिंह चौहान ने आरोप लगाया कि बेटी की सास शारदा तंवर किशनगढ़ के एक विद्यालय में शिक्षिका है। वहीं ससुर गोपालसिंह भी सेवानिवृत्त शिक्षक है लेकिन बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। पुलिस के पाबंद किए जाने के बाद भी उसकी बेटी को प्रताडि़त किया जा रहा है।

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