बाड़मेर आंगनवाड़ी केन्द्र अब पूर्व प्रारंभिक शिक्षा की पाठशालाएँ होंगी - डूँगर दास खीची
बाड़मेर यह बात अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) डूँगर दास खीची ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाये जा रहे जन सहभागिता एवं आर्थिक संबलन कार्यक्रम में कही । आपने कहा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आँगनवाड़ियाँ अब विद्यालय परिसरों में संचालित होंगी तथा ये अब पूर्व प्राथमिक पाठशाला की तरह बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा देंगी ।

महेश दादाणी शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी ने बताया आँगनवाड़ी केन्द्रों की स्थिति बदल रही है जहाँ पहले केन्द्र बंद पाये जाते अब केन्द्र खुले मिलते हैं और गुणवता पूर्वक सेवाएँ भी केन्द्रों पर दी जा रही है । आपने बताया ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहरी क्षेत्र की आँगनवाड़ियाँ अधिक बेहतर है तथा सभी केन्द्र समय पर खुलते हैं । आपने इसका श्रेय विभाग के निदेशक डाॅ. समित शर्मा और मंत्री महोदया अनिता भदेल को दिया ।

चनणा राम ने बताया कि आँगनवाड़ियों पर बच्चों को ड्रेसों में देखकर बहुत अच्छा लग रहा है । इससे विभाग की प्रतिष्ठा भी बढी है । आपने कहा शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण का कार्य जरूरी है ।

राउप्रावि महावीर नगर के प्रधानाध्यापक चेतन सिंह चैधरी ने उपस्थित अभिभावकों से कहा कि आप अपने बच्चों को प्राईवेट विद्यालय में नहीं भेजकर आँगनवाड़ी केन्द्रों पर भेजें तथा सरकार द्वारा निःशुल्क दी जा रही सेवाओं का लाभ प्राप्त करें । आपने केन्द्र संचालन हेतु विद्यालय परिसर मंे भूमि उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया ।

कार्यक्रम के अंत में पर्यवेक्षक सुभाष चन्द्र शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित जन समुदाय का आभार व्यक्त किया तथा सभी को महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ कर विभाग द्वारा निःशुुल्क दी जाने वाली वाली सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता मंजु एवं मधु, सहायिका द्रोपदी, सहयोगिनी धापू और भावना की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

भामशाह विशाल चैधरी, मनोज कुमार, दीनदयाल, विद्यालय स्टाफ, भगवती देवी, चैना राम खोथ, भावना, द्रोपदी, धापू आदि ने बच्चों के लिए स्वेटर, मौजे, टोपी, किताब, पेन, पेन्सिल, रबड़, काॅपियाँ आदि दान स्वरूप भेंट की ।

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