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जैसलमेर, इण्डोर स्टेडियम में मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से करावें-जिला कलक्टर

खेल गतिविधियों के विकास पर जिला क्रीडा परिषद की बैठक में विस्तार से समीक्षा


जैसलमेर, 22 दिसम्बर। जिला कलक्टर मातादीन शर्मा ने अधिषाषी अभियंता नगरपरिषद को निर्देष दिए कि वे इण्डोर स्टेडियम में मरम्मत के कार्य प्राथमिकता से करावें। उन्होंनंे शहीद पूनम स्टेडियम, डेडानसर मैदान, इण्डोर स्टेडियम की सफाई व्यवस्था पर विषेष ध्यान देने के निर्देष दिए। उन्होंनंे पूनम स्टेडियम में नलकूप को चालू करने एवं स्टेडियम के रखरखाव पर विषेष ध्यान देने के निर्देष दिए।

जिला कलक्टर शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला क्रीडा परिषद की बैठक में यह निर्देष दिए। बैठक में उपखंड अधिकारी फतेहगढ रणसिंह, खेल अधिकारी लक्ष्मणसिंह तंवर, अधिषाषी अभियंता नगरपरिषद सुभाषचन्द्र अग्रवाल, समिति सदस्य श्रीमती करूणा कवंर राठौड, महेन्द्र तंवर, मुकेष सांवल, शरद भाटिया, उम्मेद इणखिया, रिलांयस पांवर के प्रतिनिधि प्रदीप तिवारी, कोच राकेष विष्नोई भी उपस्थित थे।

जिला कलक्टर ने कहा कि यह गर्व की बात है कि जैसलमेर बास्केट बाॅल अकादमी के 4 खिलाडियों का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। उन्होंनें कहा कि खेल गतिविधियांे के विकास के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंनें खेल अधिकारी को निर्देष दिए कि वे औद्योगिक प्रतिष्ठिनों को स्टेडियम को विकसित करने के संबंध में प्लान बनाकर उन्हें प्रेषित करें एवं साथ ही उनकों सहयोग के लिए विषेष आग्रह करें। उन्होंनें फतेहगढ एवं पोकरण स्टेडियम को भी विकसित करने के लिए विषेष कार्य करावें। उन्होंनंे उपखंड अधिकारी फतेहगढ को अपने स्तर पर समिति सदस्यांे की बैठक लेकर स्टेडियम विकास के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देष दिए एवं साथ ही खेल अधिकारी को कहा कि जिन स्टेडियमों के लिए सदस्य मनोनीत किए गए है उनकी 15 दिवस के अन्दर बैठक करवाकर विकास गतिविधियांे की कार्यवाही करावें।

उन्होंेनंे अधिषाषी अभियंता को निर्देष दिए कि वे डेडानसर मैदान से टेªक्टरों द्वारा ले जाई जा रही मिट्टी की जांच कर ऐसे ट्रेक्टरों को जब्त करें। उन्होंनें डेडानसर मैदान में भी विकास कार्य करानें के निर्देष दिए। समिति सदस्यों ने डेडानसर मैदान से ट्रेक्टरों से ले जाई रही मिट्टी की रोकथाम करानें, पूनम स्टेडियम के मुख्य गेट बंद रखने एवं वहां पर सुरक्षा कर्मी तैनात करने, इण्डोर स्टेडियम में मीठे पानी की आपूर्ति करानें की आवष्कता जताई।

खेल अधिकारी लक्ष्मणसिंह तवंर ने बैठक में एजेण्डेवार बिन्दुओं को रखा एवं बताया कि नगरपरिषद के माध्यम से स्टेडियम की छत एवं अन्य मरम्मत कार्य शीघ्र करवाएं जाये ताकि बजट घोषणा स्वीकृत 1 करोड रूपये की लागत के 2 अत्याध्ुनिक सिन्थेटिक बास्केट बाॅल कोर्ट व इण्डारे के पूर्व टेराफ्लेक्स का कार्य किया जा सके। उन्होंनंे डेजर्ट क्लब में भी खेल गतिविधियांे की भी विकसित करने की भी आवष्यकता जताई

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ग्राम पंचायत खुहडी में रात्रि चैपाल शुक्रवार को
जैसलमेर, 22 दिसम्बर। ग्राम पंचायत खुहडी में रात्रि चैपाल का आयोजन 23 दिसंबर, शुक्रवार को रखा गया है। जिला कलक्टर मातादीन शर्मा रात्रि चैपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनेगें। अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल.स्वामी ने खुहडी पंचायत के ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे रात्रि चैपाल में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी समस्याओं को रखें ताकि मौके पर ही जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा उसका निराकरण किया जा सकें। उन्होंनें जिला अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे रात्रि चैपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित होेवें।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदियों के अधिकार विषय पर

जेल में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित


जैसलमेर, 22 दिसम्बर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर द्वारा जिला मुख्यालय पर स्थित जिला कारागृह में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जैसलमेर पूर्णिमा गौड़ द्वारा बंदियों के अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि बंदियों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12 जी के तहत विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है जिसका तात्पर्य है किसी भी प्रकार के विवाद में निःशुल्क रूप से विधिक सलाह, न्यायालय की आदेशिकाओं, निर्णयों आदि की प्रतिलिपियां प्राप्त करना, निःशुल्क अधिवक्ता की, किसी विचाराधीन मामले अथवा अपील/मामला दायर किये जाने अथवा बचाव करने हेतु पैरवी हेतु सेवा प्राप्त करने से है। बंदीयों को वांछित चिकित्सा उपचार, निर्धारित मात्रा व गुणवता का नाश्ता व भोजन एवं बिस्तर-बर्तन प्राप्त करने का अधिकार है। बंदी परिजनों से 15 दिवस में एक बार मुलाकात कर सकते हैं। खेलकूद एवं मनोरंजन के साधनों का हक है। बंदी को आपात पैरोल का भी अधिकार है।

शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जैसलमेर द्वारा बंदियों की जिम्मेदारियों एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी गई एवं बताया कि बंदियों को जेल नियमों व अधिकारियों के आदेशों की पालना करना चाहिए, साफ - स्वच्छ रहना अर्थात अपने शरीर, कपड़ों, बिस्तरों, रहने के स्थान यथा बैरिक व वार्ड को स्वच्छ रखना चाहिए। जेल में शांतिपूर्ण रहते हुए जेल की सम्पति को क्षति न पंहुचाना व गंदा नहीं करना चाहिए। यदि बंदी का व्यवहार शालीन व नियमानुकूल रहता है तो ऐसे बंदी को उसके व्यवहार को देखते हुए पैरोल एवं अन्य लाभ जेल प्रशासन द्वारा दिये जा सकते हैं।

शिविर में सहायक निदेशक समाज कल्याण विभाग हिम्मतसिंह कविया, सहायक निदेशक अभियोजन राणामल परमार, पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र दवे ने भाग लिया।

बंदियों के अधिकार एव कर्तव्य संबंधी साहित्य, पेम्पलेट, लीफलेट एवं कानून की जानकारी पुस्तके बांट कर बंदियों को विषयक जानकारी देकर जागृत किया गया।

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