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जयपुर.कुख्यात आनंदपाल का केस लडऩे वाला वकील चला रहा था हाइप्रोफाइल सेक्स रैकेट!

कुख्यात आनंदपाल का केस लडऩे वाला वकील चला रहा था हाइप्रोफाइल सेक्स रैकेट!
राजधानी जयपुर में एक नए तरीके के सिलसिलेवार अपराध गिरोह का भंड़ाफोड़ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने किया है। यह गिरोह खूबसूरत लड़कियों के जरिए प्रदेश-शहर के धनाढ्य और प्रतिष्ठित लोगों को जाल में फंसाता। लड़कियां एेसे लोगों के नजदीक जाकर उनसे सम्बन्ध बनाती और क्लिपिंग बना व दुष्कर्म का मामला दर्ज कराकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता।




यह गिरोह कुख्यात अपराधी आनंदपाल का खास राजदार इनामी आनंद साण्डिल्य व उनके साथियों का केस लडऩे वाला वकील नवीन देवानी चला रहा था। एसओजी की प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक गिरोह अब तक राज्य के अलग-अलग थानों में दुष्कर्म के मामले दर्ज करा और ब्लैकमेलिंग कर करीब 15 करोड़ रुपए वसूल चुका था। एसओजी ने दो आरोपित मूलत: भीलवाड़ा की जैन ज्योति कॉलोनी निवासी मीडियाकर्मी अक्षत शर्मा और टोंक रोड, शिव कॉलोनी निवासी विजय शर्मा उर्फ सोनू शर्मा को गिरफ्तार किया है।




25 से अधिक मुकदमे कराए दर्ज

एसओजी आईजी दिनेश एमएन के मुताबिक अक्षत हाल सिरसी रोड स्थित एक अपार्टमेंट में रहता है। अन्तरराज्यीय सेक्स रैकेट और ब्लैकमेलिंग गिरोह ने जयपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, ब्यावर और अन्य स्थानों पर 25 से ज्यादा दुष्कर्म के मामले दर्ज कराए। शुक्रवार को वैशालीनगर स्थित मेडिस्पा के हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक संचालक डॉ. सुनीत सोनी की शिकायत पर गिरोह के मास्टर माइंड नवीन देवानी, नितेश बंधु शर्मा, प्रेम शर्मा, सुशील गुप्ता, आनंद साण्डिल्य और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।




यूं खुला राज

एसओजी एएसपी करन शर्मा ने बताया कि हिम्मत सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार आनंद साण्डिल्य ने खुलासा किया था कि राजधानी में वह और उसका साथी अधिवक्ता नवीन देवानी, नितेश बंधु शर्मा और एक एनआरआई युवती मिलकर हाइप्रोफाइल सेक्स और ब्लैकमेलिंग रैकेट भी चलाते हैं। गिरोह में हिमाचल-उत्तराखण्ड की युवतियां शामिल हैं। आनंद ने कई एेसे मामले गिनाए, जिनके मुकदमे राजधानी के अलग-अलग थानों में दर्ज थे।




एेसे चुनते शिकार

आनंद साण्डिल्य और नवीन देवानी राजधानी और अन्य जिलों के रंगीन मिजाज व्यापारी, बिल्डर, प्रोफेसर, डॉक्टर और प्रतिष्ठित लोगों को चुनकर उनके यहां पर खूबसूरत लड़कियों को जरुरतमंद बनाकर भेजते थे। धीरे-धीरे वह युवती उस व्यक्ति से नजदीकी बढ़ाकर उसके साथ दूसरे जिले या प्रदेश में घूमने जाती और शारीरिक संबंध बनाकर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकी दे ब्लैकमेल कर रकम वसूलती।




अधिवक्ता करता था रकम का लेनदेन

गिरफ्तार अक्षत ने एसओजी को बताया कि वर्ष 2014 में शिप्रापथ थाने में उसकी नवीन देवानी से मुलाकात हुई। नवीन और आनंद साण्डिल्य के बताए लोगों के पास वह लडकियां भेजता था। इसमें हांगकांग की एनआरआई एक युवती भी शामिल थी। उसने बताया कि डॉ. सुनीत सोनी को, एक युवती जो डीजे है, मरीज बनाकर शिकार बनाया था। जिसमें वह 75 दिन जेल भी रह कर आए। युवती ही उन्हें घूमने के लिए पुष्कर ले गई, फिर वहां पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।




अक्षत ने खुलासा किया है कि नवीन ने इस्तगासा कर डॉ. सुनीत के खिलाफ पुष्कर में मामला दर्ज कराया। कोर्ट में बयान बदलने के एवज में करोड रुपए मांगे लेकिन सौदा 50 लाख में तय हुआ। फिल्मी स्टाइल में अजमेर में युवती ने कोर्ट में बयान बदले। जिस पर डॉ. सुनीत के परिजन से 50 लाख रुपए लिए। इसमें डीजे युवती पांच लाख रुपए ले गई। बाकी की रकम नवीन से सभी सदस्यों को बराबर-बराबर बांट दी।




एसओजी के मुताबिक, एक हफ्ते पहले पीडि़त डॉ. सुनीत ने केस रफा-दफा करने के एवज में 55 लाख की वसूली की नवीन व सुशील गुप्ता के खिलाफ शिकायत दी। आरोपित रकम भी ले गए लेकिन मामला नहीं रफा-दफा नहीं हुआ। एसओजी के मुताबिक गिरोह के मास्टर माइंड अधिवक्ता नवीन देवानी, नितेश बंधु शर्मा व एनआरआई युवती सहित अन्य युवतियों की तलाश है।

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