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जोधपुर/मथानिया मथानिया व्यवसायी की हत्या व लूट मामला: अपनों ने ही दिया दगा, लालच में यूं गंवा दी जानमथानिया व्यवसायी की हत्या व लूट मामला: अपनों ने ही दिया दगा, लालच में यूं गंवा दी जान
मथानिया थाना पुलिस ने मुम्बई में मूंगफली बेचने से मिले बारह लाख रुपए लेकर जोधपुर लौटे व्यवसायी की हत्या का पर्दाफाश कर गुरुवार को उसके खास मित्र व उसके दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया। मित्र ने अपने रिश्तेदारों के साथ बारह लाख की नई मुद्रा हथियाने के लिए व्यवसायी की हत्या की और आत्महत्या का रूप देने के लिए व्यवसायी को मारपीट कर घायल करने के बाद रेलवे ट्रैक पर लेटा दिया था।
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) भोपालसिंह लखावत के अनुसार मथानिया निवासी टीकमचंद उर्फ विजय माली का शव गत 5 दिसम्बर की सुबह तीन हिस्सों में मथानिया रेलवे ट्रैक के पास मिला था। मूंगफली बेचने से मिले 12 लाख रुपए भी गायब थे। पुलिस ने हत्या के मामले का पर्दाफाश कर मृतक के खास मित्र पीपाड़ शहर में सिलारी रोड निवासी श्रवण पुत्र पुखराज देवड़ा व उसके साढ़ू बोरूंदा में रणसी गांव निवासी बबलू उर्फ भागीरथ पुत्र पप्पूराम माली तथा बहन के जेठ पीपाड़ शहर में नगरपालिका के पीछे निवासी सुभाष पुत्र प्रकाश माली को गिरफ्तार किया है। हत्या में प्रयुक्त कार टैक्सी बरामद की जा चुकी है। आरोपियों से लूट के 12 लाख रुपए तथा हथियार बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
श्रवण को पता था बड़ी राशि के बारे में
मृतक टीकमचंद मूंगफली बेचने गत दिनों महाराष्ट्र की धूलिया मण्डी गया था। वहां उसे 12 लाख की नई मुद्रा मिली थी। खास मित्र श्रवण को टीकमचंद के पास बड़ी राशि होने की जानकारी थी। टीकमचंद गत 4 दिसंबर की रात नौ बजे ट्रैवल्स एजेंसी की बस से काजरी के पास उतरा। वहां पहसे से अपनी कार टैक्सी में अन्य दोनों आरोपी के साथ खड़े श्रवण ने टीकमचंद को नई मुद्रा के बदले बावड़ी गांव में एक व्यक्ति से दोगुनी पुरानी मुद्रा दिलाने का लालच दिया। जिस पर टीकम तैयार हो गया और कार में बैठ गया।


भवाद फांटा के पास लघुशंका के लिए उतरे टीकम के सिर पर किसी ने पीछे से लाठी से वार किया। फिर उसी के मफलर तथा मोबाइल चार्जर से गला दबा दिया। अधमरी हालत में उसे कार की पिछली सीट पर डाला और उम्मेद नगर होकर मथानिया में पेट्रोल पंप के पास रेलवे ट्रैक पर उल्टा लेटा दिया। कुछ देर में जोधपुर से जैसलमेर जा रही ट्रेन से टीकम के सिर व हाथ कट गए और उसकी मृत्यु हो गई थी।
पुलिस का कहना है कि टीकम को अधमरा करने के बाद आरोपियों ने उसके 12 लाख रुपए लूट लिए और ट्रेन निकलने के बाद टीकम की मृत्यु के बारे में आश्वस्त होते ही तीनों रवाना हो गए। वे उम्मेद नगर, भवाद, गंगाणी होकर पीपाड़ गए और रात को नागौर के पास अमरपुरा में धार्मिक कार्यक्रम में शरीक हुए थे।
मोबाइल पर बातचीत से मिले सुराग खास मित्र होने के नाते श्रवण ने टीकम से मोबाइल पर कई बार बात की थी। जोधपुर पहुंचने से ठीक पहले भी दोनों के बीच बात हुई थी। टीकम की अंतिम मर्तबा अपनी पत्नी से बात हुई थी। मोबाइल कॉल से ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े।

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