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अजमेर.रिश्ते शर्मसार- जीने मरने की कसम खाने वाले पति ने पहले बनाया बंधक फिर किया यह गन्दा कामरिश्ते शर्मसार- जीने मरने की कसम खाने वाले पति ने पहले बनाया बंधक फिर किया यह गन्दा काम


बाल विवाह का दंश एक किशोरी को गत दिनों भुगतना पड़ गया। बीमारी के इलाज के लिए किशोरी के पति ने उसकी मर्जी के बगैर तीन दिन तक कमरे में कैद रखकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपित के कुकृत्यों में उसके माता-पिता ने भी बढ़ावा दिया।




पीडि़ता ने अदालत के जरिए आरोपित और ससुराल पक्ष पर कमरे में कैद करने और दुराचार करने का मामला दर्ज कराया है। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

भिनाय के देवरिया गांव निवासी पीडि़ता का मसूदा सूरजपुरा बाघमार निवासी एक युवक से वर्षों पहले बाल विवाह हुआ था। चार माह पहले उसे उसके परिजन बीमारी का इलाज कराने के लिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लेकर आए। यहां उपचार के दौरान मसूदा हाल जटिया हिल्स दातानगर में रहने वाले ससुराल पक्ष भी पहुंच गया। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पीडि़ता के किसी परिजन की मृत्यु हो गई।




पीडि़ता के ससुराल पक्ष ने पीडि़ता की तीमारदारी का विश्वास दिलाते हुए उसके परिजन को गांव भेज दिया। दूसरे दिन पीडि़ता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। ससुराल पक्ष के लोग उसे अपने घर ले गए। यहां पीडि़ता के पति ने पहली रात उसके साथ जबरदस्ती का प्रयास किया। पीडि़ता ने विरोध करते हुए सास को उसकी हरकत की जानकारी दी।




सास और परिवार के बाकी सदस्यों ने भी आरोपित को कुछ कहने की बजाय पीडि़ता को खरीखोटी सुना दी और तीन दिन तक उसको एक कमरे में बंधक बनाए रखा। इस दौरान उसने पीडि़ता के साथ दुराचार किया। घटना से पीडि़ता काफी सहम गई। उसके परिजन जब उसको लेने पहुंचे तो उसने अपनी पीड़ा बयान की।




परिजन भी बगैर गौना और ससुराल भेजे पीडि़ता के साथ हुए व्यवहार से आहत नजर आए। परिजन ने तीन माह तक चुप्पी साधे रखी लेकिन पीडि़ता ने आवाज उठाने का फैसला किया। उसने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने पीडि़ता का शुक्रवार को जेएलएन अस्पताल में मेडिकल मुआयना करवाया।

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