बाड़मेर खत्री समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न

बाड़मेर 25 दिसम्बर |

“कभी फूलो की तरह मत जीना, जिस दिन खिलोगे टूटकर बिखर जाओगे, जीना है तो पत्थर की तरह जियो, जिस दिन तराशे गए भगवान बन जाओगे” ये उद्गार श्रीमती पूर्णिमा खत्री ने सेवानिवृत वरिष्ठजन सेवा संस्थान बाड़मेर के तत्वाधान में आयोजित खत्री समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान व्यक्त किए I

यह समारोह आज को दोपहर 3-00 बजे हिंगलाज भवन में आयोजित हुआ| सम्मान समारोह में समाज के सेवानिवृत वरिष्ठ-जन, सेवारत अधिकारी एवं कर्मचारी तथा समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे| समारोह के दौरान 21 मेघावी बालक बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया| साथ ही 17 नवचयनित एवं 33 पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया | पुरस्कार वितरण लेखराज भूत समाज अध्यक्ष, गणेशमल छूंछा, प्रतापमल कीरी, घमण्डीराम कीरी एवं मघाराम कीरी के करकमलो द्वारा किया गया | समारोह के मुख्य अतिथि प्रतापमल कीरी ने अपने उद्बोधन में कहा की हमारे समाज के युवकों में कार्य के प्रति समर्पण की भावना होती है और वे जहाँ भी कार्य करते है अपने कार्य से अपने उच्च अधिकारीयों का विश्वास प्राप्त करते है | विशिष्ठ अतिथि गणेशमल छूंछा ने समाज में एकता पर बल दिया| जगदीश चन्द्र भूत पार्षद ने अपने उद्बोधन में युवाओं को उच्चस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेकर सफलता प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया| अम्बालाल प्रधानाचार्य ने कहा की बालको के चरित्र निर्माण पर बल देने की बात करने वालों को स्वयं अपने आचरण और व्यवहार में शुद्धता होनी चाहिए| अन्य वक्ताओं में लालाराम कीरी, जगदीश कुमार, बाबूलाल गिराछ, जेठाराम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बालको के नैतिक चरित्र के विकास एवं स्वाध्यायी बनने पर बल दिया | डॉ. विनय मोहन ने अपने परिवार को परिवार को प्रायोजक बनने का अवसर देने के लिए संस्थान का धन्यवाद किया | संस्थान का परिचय देते हुए घमण्डीराम कीरी ने बताया की संस्थान ने अपने अल्प काल में जो कुछ कार्य कर सकी उसी की प्रतिच्छाया इस कार्यक्रम में आपको दिखाई दे रही है | आज के इस कार्यक्रम के प्रायोजक का भार वहन करने के लिए दलीचन्द किशनाजी कीरी परिवार का आभार व्यक्त किया| मुख्य अतिथि ने प्रायोजक परिवार के सदस्यों मघाराम कीरी, रामलाल, उत्तमचंद एवं अशोक कुमार को सम्मानित किया| कार्यक्रम के अंत में लेखराज कीरी ने संस्थान उपाध्यक्ष ने सभी आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया| कार्यक्रम का संचालन कन्हैयालाल डलोरा एवं हेमराज कीरी ने किया |

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