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जयपुर.ASP की लवस्टोरी, मर्डर और सुसाइड से इतर यह एक साक्ष्य बना राज, कांड में कोई और भी था..?
ASP की लवस्टोरी, मर्डर और सुसाइड से इतर यह एक साक्ष्य बना राज, कांड में कोई और भी था..?

राजधानी में एटीएस के एडिशनल एसपी आशीष प्रभाकर की सुसाइड स्टोरी चहुंओर वायरल हो गई है। लोग पुलिस अधिकारी की मौत के पीछे की वजह जानने में लगे हैं। पढ़ें ATS के ASP की मोहब्बत, मर्डर और मौका-ए-मुआयने की पूरी कहानी..




2012 में शुरू हुआ रिश्ता, शादी की जिरह पर 2016 में खत्म

आशीष ने बीते गुरुवार को अपनी कार के अंदर एक महिला को सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। महिला का सिर कार में आशीष के कंधे के ऊपर पाया गया। शव खून से लथपथ थे। इस पर जयपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की, प्रारंभिक कारण दोनों के प्रेम संबंध ही सामने आए हैं।




रिपोर्ट के मुताबिक, एएसपी यहां की ही पूनम शर्मा नाम की महिला को करीब 5 साल से जानते थे। दोनों में दोस्ती का यह सुरूर शादी की बात तक इसी साल तब पहुंचा, जब महिला ने करीब 6 महीने पूर्व घर बसाने का दवाब बनाया। यह बात एएसपी को अच्छी नहीं लगी।




वे तनाव में रहने लगे और इसी पेशोफेश की स्थिति में एएसपी ने पहले उसे गोली मारी और फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। घटनास्थल से इतर पुलिस को दो सुसाइड नोट मिले। जिनमें से एक सुसाइड नोट 5 लाइन का है जो पत्नी व दो बेटों के नाम लिखा गया। दूसरे में पूनम का जिक्र है। सुसाइड नोट में प्रभाकर ने लिखा कि 2012 में पूनम से उसकी नजदीकिया बढ़ीं। पूनम ने उन्हें प्यार में फंसाकर परिवार को तबाह कर दिया। अत: पुलिस ऑफिसर होने के नाते उसे सजा देना जरूरी था।'




बता दें कि, मर्डर से पहले प्रभाकर द्वारा फायरिंग की प्रैक्टिस किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। 2012 में पूनम की अपने पति से अनबन हुई तो उसने माणक चौक थाने में पुलिस अफसर प्रभाकर के पास मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया, पूनम ने पति से तलाक ले लिया। यही से आगे चलकर पूनम और आशीष प्रभाकर, जो कि तब माणक चौक के एसीपी थे, एक-दूजे के करीब आए।




एएसपी शादी को तैयार नहीं थे, तो ब्लैकमेल किया

इस साल पूनम ने आशीष से शादी को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इस पर वह महेश नगर इलाके में रहने वाले कुछ लड़कों के जरिए प्रभाकर को ब्लैकमेल करने लगी। 20-21 दिसंबर को फायरिंग की प्रैक्टिस के बाद एएसपी ने पूनम को मारकर जान देने सोची। इसके 24 घंटे पश्चात् ही दोनों कार से जगतपुरा को निकले। गुुरूवार को शाम करीब 5.30 बजे प्रभाकर ने पहले पूनम की दाईं कनपटी पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली मारी और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। फिर अपनी भी दाईं कनपटी पर गोली मार ली।




यह अभी भी मिस्ट्री बनी हुई है

जांच कर रही पुलिस का दावा है कि कार में गोलियों के 2 खोल, 7 जिंदा कारतूस रिवॉल्वर की मैगजीन में लोड मिले। मैगजीन 13 कारतूसों की थी। लेकिन 4 कारतूस कहां गए यह राज बना हुआ है। क्या इस कांड में कोई भी शामिल है, यह पहेली सुलझाने में पुलिस लगी है।

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