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इस्‍लामाबाद।5 लड़कियों ने लड़के के साथ किया डांस और गाया गाना, मिली खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली सजा


पाकिस्‍तान की सख्‍त परंपराओं और कानून ने 5 लड़कियों को खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली सजी दी है। पाकिस्तान में अॉनर किलिंग का ये पहला मामला नहीं है। हर साल वहां सैंकड़ों ऑनर किलिंग के मामले सामने आते हैं।




हाल में ही 6 साल पुराना मामला सामने आया है, जिसमें पांच निर्दोष युवतियों को काफी बेदर्दी से मार दिया गया। उनका दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने एक लड़के के साथ डांस किया और गाना गाया था

बताया जा रहा है कि 6 साल पहले नारंगी रंग के स्‍कार्फ बांधे कुछ लड़कियों को हंसते हुए, तालियां बजाते और नाचते-गाते देखा गया। लेकिन इनके नाचने-गाने को कबीले की पंचायत, जिरगा ने पाप माना और उनकी मौत का फरमान जारी कर दिया। इसका खुलासा एक छोटी सी वीडियो क्‍लिपिंग में हुआ है।




यह अंतिम बार था जब बाजीगा, सारीन जान, बेगम जान, अमिना और शाहीन को जीवित देखा गया था। उन्‍हें क्‍या हुआ यह रहस्‍य बना हुआ है। कोर्ट में दर्ज इस मामले की पड़ताल करने वालों का मानना है कि परिवारों की ओर से इन लड़कियों पर खौलता पानी और जलता हुआ कोयला फेंका गया, जिसके बाद इनकी हत्‍या कर कोहिस्‍तान की पहाड़ियों में दफना दिया गया।




इसके बाद जब मामले की जांच करने को अनेकों दल वहां पहुंचे, तब रिश्‍तेदारों व समुदाय के नेताओं ने कहा कि ये लड़कियां अभी जिंदा हैं और उनसे मिलती-जुलती अन्‍य स्‍थानीय लड़कियों को पेश किया गया। खुद को सही साबित करने के लिए इन लोगों ने इनमें से एक के अंगूठे को ही खत्‍म कर दिया, ताकि उसके अंगूठे का निशान सरकारी पहचान पत्र से न मिलाया जा सके।

वीडियो में नाचने वाला लड़का 26 वर्षीय अफजल कोहिस्‍तानी का भाई था, जिसका कत्‍ल कर दिया गया था। कई वर्षों तक वे मदद के लिए स्‍थानीय और प्रांत के अधिकारियों के पास ठोकरें खाते रहे, तब जाकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।




एक वकील की मदद से जब अफजल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की और अदालत के आदेश के बाद जांचकर्ता गांव में गए, तो ग्रामीणों ने यह कहकर जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया कि लड़कियों का गैर-मर्द के सामने आना उनकी परंपरा के खिलाफ है।

अफजल ने कहा, 'इस घटना ने मेरे परिवार को बर्बाद कर दिया। पांचों लड़कियां मर चुकी हैं। मेरे भाइयों की हत्या हो चुकी है। मुझे भी मार दिया जाएगा पर इसे बदलने के लिए किसी को तो लड़ना ही होगा।‘




कई प्रांतीय और स्थानीय अधिकारियों ने तो अफजल से यह तक कहा कि जिरगा के फैसलों को चुनौती देना शर्म की बात है। अपने पूरे प्रांत में ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाने वाले अफजल पहले शख्स हैं। वह कहते हैं कि हर कोई इस केस के बारे में जानता है।

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