रविवार, 1 मई 2016

ब्यावर/अजीबोगरीब रहस्य- रजिस्ट्री कराते ही रिश्तेदार की हुई मौत, नही सुलझ रही गुत्थी



ब्यावर/अजीबोगरीब रहस्य- रजिस्ट्री कराते ही रिश्तेदार की हुई मौत, नही सुलझ रही गुत्थी
अजीबोगरीब रहस्य- रजिस्ट्री कराते ही रिश्तेदार की हुई मौत, नही सुलझ रही गुत्थी

सदर थाने में तैनात एएसआई ने गत दिनों दूर के रिश्तेदार की सम्पत्ति की रजिस्ट्री फर्जी तौर पर अपने नाम करा ली। इसके कुछ दिन बाद रहस्यमय तरीके से रिश्तेदार की मौत हो गई। मृतका के परिजन को जानकारी दिए बिना गुपचुप तरीके से एएसआई ने पोस्टमार्टम करा दिया।

बाद में शव को घर पर छोड़ वह भूमिगत हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर आक्रोशित ग्रामीणों पांच दिन तक गांव के चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। मामले में नागौर जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने हस्तक्षेप कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

सदर थाने में तैनात एएसआई लालाराम के दूर की रिश्तेदार चुंदरी देवी मेड़ता के चुंदरी गांव में रहती थी। थाने से 10 दिन की छुट्टी लेकर एएसआई उनसे मिलने गांव पहुंचा। मेड़ता थानाधिकारी सज्जनसिंह ने बताया कि एएसआई लालाराम चुंदरी देवी को लेकर कहीं चला गया।

उसने 18 अप्रेल को चुंदरी देवी की प्रोपर्टी की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। थानाधिकारी ने बताया कि लालाराम जब चुंदरी देवी को साथ लेकर गया उस समय वह स्वस्थ्य थी। आरोप है कि उसने चुंदरी देवी को धीमा जहर दिया। इस कारण प्रोपर्टी अपने नाम कराने के महज छह दिन बाद 25 अप्रेल को उसकी मौत हो गई।

लालाराम ने गुपचुप तरीके से मेड़ता के राजकीय चिकित्सालय में उसका पोस्टमार्टम भी करा दिया। शव को चुंदरी देवी के घर छोड़कर वह मौके से भाग गया। चुंदरी के परिजन ने जब शव को देखा तो उसके हाथों पर स्टाम्प स्याई के निशान थे। परिजन ने ग्रामीणों के साथ विरोध शुरू कर दिया।

मेड़ता थाने से पहुंची पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि 18 अप्रेल को चुंदरी देवी की प्रोपर्टी एएसआई लालाराम के नाम हो गई है। परिजन ने आरोप लगाया कि लालाराम ने चुंदरी देवी से प्रोपर्टी धोखे से अपने नाम करा ली। वह इसकी जानकारी किसी को नहीं दे। इसलिए उसे धीमा जहर देकर मार दिया। गुपचुप तरीके से उसका पोस्टमार्टम भी करा दिया।

ग्रामीणों के विरोध व मामले की गंभीरता को देखते हुए मेड़ता पुलिस को दोबारा मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराना पड़ा। ग्रामीण आरोपित एएसआई को पकड़े बिना पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ गए। पांच दिन तक ग्रामीण चौराहा पर शव को रखकर प्रदर्शन करते रहे। मामले में नागौर जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को हस्तक्षेप करना पड़ा। 30 अप्रेल की शाम तक वार्ता का दौर चला। जिला कलक्टर ने आरोपित एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। इसके बाद ग्रामीण शव का दाह संस्कार करने पर राजी हुए।

शव को लेकर किया प्रदर्शन

आरोपित एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण पांच दिन तक चौराहे पर शव को लेकर प्रदर्शन करते रहे। आखिर पांच दिन बाद प्रशासन ने इस मामले की सुध ली।

पहले भी विवादों में रहा है एएसआई

आरोपित एएसआई लालाराम पहले भी विवादों में रहा है। गत दिनों हिन्दू क्रांति सेना के पदाधिकारी को प्रोपर्टी के मामले में थाने में बंद किए जाने का प्रकरण तूल पकड़ गया। आखिर रात 12 बजे विरोध को देखते हुए उपखंड अधिकारी के आवास पर पेश कर जमानत कराई गई। इसके बाद मामला शांत हुआ।

इनका कहना है...

एएसआई लालाराम के खिलाफ इस प्रकरण की शिकायत मिली थी। वह दस दिन से थाने से भी गायब है। इस प्रकरण में जिला पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए कहा है।

-मालिनी अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज

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