गुरुवार, 5 फ़रवरी 2015

जैसलमेर। लोकसभा चुनाव में जसवंत सिंह की टिकट काट ने का असर, जैसलमेर में भाजपा का सूपडा साफ

जैसलमेर। लोकसभा चुनाव में जसवंत सिंह की टिकट काट ने का असर, जैसलमेर में भाजपा का सूपडा साफ

जैसलमेर। पंचयात चुनाव नतीजों में आज सीमावर्ती जैसलमेर में गाँव की सरकार में भारतीय जनता पार्टी को हार का आइना देखना पड़ा। कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ते हुए अपना परचम लहराया दिया। जिले के तीन पंचयात समिति कांग्रेस का कब्जा हुआ है। वही जिला परिषद में कांग्रेस अपनी परचम लहराया । भाजपा ने केंद्र में प्रदेश और बाद में निकाय चुनाव मे लगातार जीतो के बाद भाजपा को इस बात का गुरुर हो चला था कि पंचयात चुनाव में भी उनका दबदबा चलेगा लेकिन जैसलमेर जिले के स्थानीय विधायकों एवं भाजपा संगठन से चलते कार्यकर्ताओं के अंतरकलह और जनता की नाराजगी ने भाजपा को आईना दिखा दिया और गांव की सरकार की कमान कांग्रेस को सौंपते हुए नेतृत्व परिवर्तन की आशंका पुष्ट कर दिया है। वहीं पिछले पन्द्रह सालों से जिला परिषद पर अपना कब्जा जमाये बैठे फकीर परिवार की राजनीति भी इस चुनाव में उभर का सामने आई हैं इस बार फिर फकीर समर्थित उम्मीदवार ही जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के चुनाव जीते हैं। 


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जिला प्रमुख के लिये जहां वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रूपाराम मेघवाल की पुत्री अंजना मेघवाल का नाम सामने आ रहा है वहीं पंचायत समिति जैसलमेर में गाजी फकीर के पुत्र अमरदीन फकीर प्रधान बनने की कतार में सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं इतना ही नहीं सम व सांकडा समिति में भी वे ही उम्मीदवार अधिक संख्या में जीते हैं जिन पर फकीर का हाथ था। अपनी करारी हार के बाद अब भाजपा मंथन करने की बात कर रही है, भाजपा का कहना है कि हमने अपने पूरे प्रयास किये थे लेकिन जनादेश सर्वोपरी है। भाजपा भले ही हार के कारण ढूंढने में अपना समय जाया करे लेकिन यह बात साफ है कि गत लोकसभा चुनाव में जसवंत सिंह का टिकट काट कर भाजपा ने अपने सबसे बडे वोट बैंक मानी जाने वाली राजपूत जाति को नाराज कर दिया था और उसी नाराजगी का नजार है कि भाजपा का इस क्षेत्र में सूपडा ही साफ हो गया है।

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