मंगलवार, 17 फ़रवरी 2015

भारतीय सेना एडवेन्चर विंग पैरामोटर अभियाान

भारतीय सेना एडवेन्चर विंग पैरामोटर अभियाान




भारतीय सेना का जवान साहस और सामथ्र्य का एक उदाहरण है। पैराषुट रेजिमेंट टेªनिंग सेन्टर ;पी आर टी सीद्ध यह भावना रखने के लिए 15 फरवरी 2015 को सीमावर्ती नगर तनोत से झीलों की नगरी उदयपुर तक एक पैरामोटर अभियान का आयोजन किया।


पैरामोटर श्मोटर प्रोपेल्ड गलीडरश् के नाम से भी जाना जाता है। यह एक पैराषुट और एक 310 सी सी मोटर का संयोजन है, जो पायलट की पीठ पर बंधा रहता है। पैरामोटर 3000 मीटर की उचाई से उडाया जा सकता है और यह 45 किलोमिटर प्रति घंटा की रपतार से उड सकता है। यदि हवा का रुख इसके अनुकुल हो। पायलट अपनी क्षमता के अनुसार जमीन पर सिर्फ चिन्होे की मदद से ही नही उडान करता है बल्कि वह अपनी उडने कि दिषा को अपने डोरियो से अपने वस मे करता है।


इस अभियान का उद्घाटन ब्रिगेडियर विपुल सिंघल द्वारा किया गया। इस यात्रा के क्रम में 15 टीम मेम्बर जो उच्च दर्जे के पायलट है, जो कि मेजर षिवषंकर के नेतृत्व में राजस्थान के रामगढ़, जैसलमेर, पोखरन, जोधपुर, पाली और अन्त में 26 फरवरी 2015 को उदयपुर में इस अभियान को समाप्त कर देंगे।

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