गुरुवार, 19 फ़रवरी 2015

विधानसभा सत्र 25 से, सत्ता और विपक्ष ने की तैयारी



विधानसभा के बजट सत्र को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष ने कमर कस ली है। स्वाइन फ्लू, यूरिया की कमी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। सदन की पिछली कार्यवाहियों पर गौर से नजर डाले तो पता चलता है कि सत्ता पक्ष को विपक्ष से ज्यादा खुद के विधायकों से खतरा है।



बीजेपी के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी, राव राजेंद्र सिंह और प्रह्लाद गुंजल सत्ता पक्ष के लिए परेशानी खड़ा कर सकते हैं। इन नेताओं के तेवरों का सीधा फायदा विपक्ष को मिलता दिख रहा है।




विपक्ष की तैयारियां

कांग्रेस को सदन में संख्या बल में कमी का खामियाजा उठाना पड़ता है। जमींदारा पार्टी के साथ डॉ किरोड़ी लाल मीणा, हनुमान बैनीवाल, माणिक चंद सुराणा और बीएसपी विधायकों के साथ होने पर विपक्ष की ताकत कुछ हद तक नजर आती है।




इस मामले में कांग्रेस विधायक रमेश मीणा का कहना है कि विपक्ष संख्या बल में भले ही कम है लेकिन खास असर नहीं पड़ेगा। उनका दावा है कि स्वाइन फ्लू, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष को जमक र घेरा जाएगा।




गौरतलब है कि बजट सत्र को देखते हुए पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी पार्टी को विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं। कुछ विधायकों का ये भी मानना है कि मजबूत भूमिका निभाने के लिए विपक्ष को आपसी गुटबाजी से पार पाना होगा।




उपचुनावों के बाद कांग्रेस के संख्या बल में इजाफा हुआ है। जिसका सीधा फायदा विपक्ष को मिलेगा।




सत्ता पक्ष की तैयारी

सदन में सत्ता पक्ष को एकजुट रखने की कमान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने संभाली हुई है। उन्होंने सभी विधायकों को पूरी तैयारी के साथ सदन में आने को कहा है।




सत्ता पक्ष की मुख्य रणनीति है कि प्रश्नकाल और 295 कार्यवाही के जरिए ज्यादा से ज्यादा मामले उठाए ताकि विरोधी दल को सदन में ज्यादा बोलने का मौका नहीं मिल पाए।




सत्ता पक्ष का दावा है कि विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। लिहाजा उनके हर हमले का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।




गौरतलब है कि विधानसभा का बजट सेशन 25 फरवरी से शुरू हो रहा है। सीएम वसुंधरा राजे होली के बाद वित्त मंत्री के तौर पर सदन में बजट पेश करेंगी।

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