शुक्रवार, 21 नवंबर 2014

बाबा रे बाबा! ऎसी है रामपाल की विलास "लीला"

हिसार। समर्थकों को आध्यात्म की घुट्टी पिलाकर रामपाल ने खुद भौतिकता का दामन थाम रखा था। हिसार के बरवाला में लगभग 12 एकड़ में फैले रामपाल के सतलोक आश्रम में उसने ऎशोआराम की तमाम सुविधाएं जुटा रखी थीं।

अब तक लोगों की नजरों से दूर रहे आश्रम का तिलिस्म आखिरकार गुरूवार को टूट गया। रामपाल की विलासितापूर्ण जिंदगी की तस्वीरें उजागर हो गई। आश्रम में पांच एकड़ में तो तहखाना ही है, जिसमें अभी घुसा नहीं जा सका है। पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यहां 800 सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे। भवन में जगह-जगह लिफ्ट लगी हुई हैं। 

empire of socalled godman rampal

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नहाए दूध से खीर
रामपाल के भक्त मनोज का दावा है, रामपाल को जिस दूध से स्नान कराया जाता था उससे खीर बनाई जाती थी। इस खीर को बाबा के भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटा जाता था। माना जाता था इस खीर को खाने के बाद चमत्कार की उम्मीद बढ़ जाती थी।

आलीशान स्वीमिंग पूल
आश्रम में बड़ा आलीशान स्वीमिंग पूल बना है। साथ में बड़ा लग्जरी सुविधाओं वाला बाथरूम भी है। इसमें विदेशी फिटिंग लगी है।

सत्संग हॉल, भोजनशाला, राशन स्टोर भी बने हैं। रामपाल के लिए बने 5 मंजिला भवन की तरफ अनुयायियों को आने की अनुमति नहीं थी। भवन पूरी तरह वातानुकूलित है।

विदेशी भक्त भी
रामपाल के विदेशी भक्त भी आश्रम में मिले। नेपाल के चार हजार भक्त थे। इनमें से सौ तो पिछले एक साल से आश्रम में ही रह रहे थे। अमरीकी महिलाएं रूजी और ग्वैरी भी एक साल से यहां थी। इनके साथ एक छह माह का बालक भी था।

"पत्रिका" का नाम सुना तो आस बंधी
आश्रम खाली करने की कार्रवाई सुबह आठ बजे से शुरू हुई। पुलिस कार्रवाई के अंदेशे से समर्थक बाहर आने से हिचक रहे थे। काफी देर तक समर्थक बाहर नहीं आए। फिर पुलिस अफसरों से बात कर मीडियाकर्मी भीतर गए। पत्रिका टीम ने बीकानेर, पाली, जोधपुर समेत राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से आए समर्थकों को परिचय दिया।

समर्थकों के चेहरे पर चमक आई और आस बंधी। खौफ निकला और एक-एक कर समर्थक बाहर निकले। इस बीच पुलिस टीम भी पंडाल के भीतर पहुंची और समर्थकों को आश्वासन देकर बाहर निकाला। शाम चार बजे तक आश्रम खाली हो गया। दिनभर में पांच हजार लोग निकाले गए।

दरवाजे पर लगे हैं मैटल डिटेक्टर
किलेनुमा आश्रम में प्रवेश केवल मुख्यद्वार से ही हो सकता है। सत्संग हॉल से जुड़ा एक अन्य द्वार भी है लेकिन, उसके गेट के आगे भी जाली लगाई हुई है। मुख्यद्वार से प्रवेश करने पर सबसे पहले मेटल डिटेक्टर लगा हुआ है। जिससे तलाशी लेने के बाद ही कमांडो किसी को भीतर घुसने देते थे।

छह माह का राशन भरा था
आश्रम की तलाशी में छह माह का राशन भरा मिला। सूत्रों के अनुसार आश्रम में बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया है। नाइट्रोजन गैस के सिलेंडर और कुछ अश्लील साहित्य भी बरामद किया गया है। यहां ज्ञात रहे कि नाइट्रोजन गैस बेहोश करने के लिए उपयोग की जाती है। सूत्रों के अनुसार, रामपाल की गिरफ्तारी पर अब तक 85 करोड़ रूपए खर्च कर चुकी है।

आश्रम में गाडियों से सामान चोरी
ग्रामीणों ने रामपाल के आश्रम की गाडियां के टायर और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। बताया जाता है कि आश्रम में लगभग दो सौ गाडियां थी। जब ग्रामीण टायर वगैरह खोल रहे थे तो पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे, लेकिन उन्होंने किसी को नहीं रोका। अफरातफरी होने पर ये गाडियां समर्थक छोड़ गए थे।

बुलेटपू्रफ केबिन में सिंहासननुमा कुर्सी
सत्संग हॉल में रामपाल का बुलेटप्रूफ कांच निर्मित सिंहासननुमा केबिन है। इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट सिस्टम व कैमरे लगे हैं। लिफ्ट गर्भगृह से जुड़ी है। अंदेशा है, गर्भगृह के गुप्त रास्ते से हथियारबंद कमांडो बाहर निकले। हथियार गर्भगृह में मिल सकते हैं। इसे सील कर दिया है। अन्य कमरों पर ताले लगे हुए हैं।

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