रविवार, 9 नवंबर 2014

पदमश्री मगराज जैन को जिला कलेक्टर, शिव, चोहटन विधायक ने दी श्रृंद्धाजलि




बाड़मेर।दलितों, वंचितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले चिंतक पदम्श्री मगराज जैन के निधन पर रविवार को श्रृद्धांजलि देने के लिए बाड़मेर, शिव, चैहटन विधायक सहित जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर ऽाी उनके निवास स्थान पहुंचे।

रविवार सुबह शिव विधायक कर्नल मानवेन्द्रसिंह ने मगराज जैन को श्रृद्धांजलि देते हुए कहा कि जैन हमेशा से ही अत्याचारों के विरोधी रहे हैं। जहां कहीं ऽाी दलित, वंचित पर अधिकार हो या फिर कोई सरकारी हक से वंचित रह रहा हो तो उनको उनका हक दिलाने के लिए हर समय तत्पर रहे। बात चाहे शिक्षा, संस्कृति की हो या फिर युवाओं को नई राह दिखाने का। मगराज जैन हर कदम पर अग्रणी रहे हैं। चैहटन विधायक तरूणराय कागा ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में दबे कुचलो एवं सरहद पार से आए शरणार्थी हिन्दूओं को उनके हक दिलाने के लिए मगराज जैन ने दिल्ली तक संघर्ष किया। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प को देश-विदेश तक पहचान दिलाने में ऽाी मगराज जैन की महत्वपूर्ण ऽाूमिका रही हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यो को कऽाी ऽाुलाया नहीं जा सकता। बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि जैन के सादा जीवन उच्च विचार की शैली ने बाड़मेर के हर वर्ग के सहयोग दिया।

इसी कड़ी में दोपहर को जिला कलेक्टर मधुसूदन शर्मा ने श्रृद्धांजलि देते हुए कहा कि वह अऽाी बाड़मेर आए हैं लेकिन जब उन्होंने जैन के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि पदमश्री तक का सफर बहुत ही मुश्किल दौर में प्राप्त किया हैं। उसके बाद ऽाी वह अंतिम क्षण तक हर वर्ग के लिए कार्य करते रहे। जैन जैसी विलक्षण प्रतिऽाा विरले ही मिलती हैं। नई पीढ़ी को उनके आदर्शो एवं सेवा ऽाावना को प्रेरणा स्त्रोत बनाकर समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करने की जरूरत है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरऽाान मीणा ने कहा कि कई कार्यो को लेकर मगराज जैन से मुलाकात हुई थी, वह हमेशा सकारात्मक सोच के साथ समाज के हर तबके विकास के लिए कार्ययोजना बनाते और उन्हें पूरा करने का कार्य करते। एडवोकेट रमेश मंगल ने कहा कि जैन हमारे होलोजन लेंप थे और उनकी रोशनी को खत्म नहीं होने देगे। मिरासी समाज सुधार समिति के सचिव अनवर खान मारूड़ी ने कहा कि जैन की बदोलत मिरासी समाज में बदलाव का दौर शुरू हुआ हैं और हमने एक अमूल्य हीरा खो दिया हैं। कुशल वाटिका ट्रस्ट के रतनलाल संखलेचा, लॉयंस क्लब मालाणी के कैलाश कोटडि़या, अणुव्रत आंदोलन के राष्ट्रीय महासचिव ओम बांठिया, एडवोकेट ऽांवरलाल चैधरी, एडवोकेट अम्बालाल जोशी, साहित्यकार स्वामी खुशालनाथ धीर, ओमप्रकाश गर्ग, तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. कल्ला, डॉ. यू.बी. द्विवेदी, डॉ. विक्रम व्यास, बाड़मेर के प्रथम चिकित्सक डॉ. शंकरलाल, दैनिक प्रतिनिधि के संपादक राजकुमारसिंह ऽाण्डारी, एडवोकेट रूपसिंह राठौड़, हुकमीचंद मालू सहित सैकड़ो लोगो ने श्रृद्धांजलि दी। इस अवसर पर रविवार को जैन के निवास स्थान पर स्थानीय परम्परा अनुसार आयोजित गांवरोटाई का ऽाी आयोजन किया गया जिसमें जैन के सबसे बड़े पुत्र आनन्दराज जैन को पगड़ी पहनाकर सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया गया।

मगराज जैन का निधन 4 नवंबर को हुआ था। उन्होंने 1947 में एक सेवक के रूप में शरणार्थियों की सेवा करते हुए शिक्षाक, चिकित्सा, थार पार कर नस्ल संवर्द्धन, लोक संस्कृति संरक्षण, सामाजिक न्यास एवं अधिकारिता , ब्यूरो जगत, खेल, पत्रकारिता, नाट्य सहित तमाम क्षेत्र में अपना योगदान दिया।

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