मंगलवार, 21 अक्तूबर 2014

साइकिल की घंटी नहीं बजी तो लगेगा 1500 रू. जुर्माना! -



  टेंभुरकर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक पुलिस मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों की जांच के साथ ही साइकिलों की जांच भी करेगी।
rs 1500 fine for no bell in bicycle in chhattisgarh


दरअसल नए रोड सेफ्टी एक्ट में ऎसा ही ऎक प्रावधान किया गया है, जिसके तहत साइकिल चालकों के लिए भी लाइसेंस जरूरी हो जाएगा।




साथ ही ट्रैफिक पुलिस साइकिल की घंटी, चेनकवर जैसी चीजों की जांच करेगी। इतना ही नहीं पुलिस बाइक और कार की तरह इनका भी चालान बनाएगी।




घंटी और लाइट अनिवार्य

नए रोड सेफ्टी बिल के 305 पेज के इस प्रस्ताव में साइकिल चलाने के लिए भी लाइसेंस की जरूरत होगी। नियम में लाइसेंस के साथ घंटी और लाइट अनिवार्य होंगे। इसका पालन नहीं करने पर अधिकतम 1500 रूपए का जुर्माना वसूला जाएगा।




1960 में जरूरी था साइकिल के लिए लाइसेंस

साइकिल चलाने के लिए 1960 में लाइसेंस जारी किया जाता था। इसे जारी करने के पहले लाइट और घंटी की जांच होती थी। इसके बाद पीतल का लाइसेंस दिया जाता था।




इसे साइकिल के हैंडल के सामने लगाया जाता था। समय के साथ साइकिल बीते जमाने की बात हो गई और लाइसेंस बंद हो गया।




इसलिए पड़ी जरूरत

देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौत साइकिल सवारों की होती हैं। इसे रोकने के लिए नए बिल में यह प्रावधान किया गया है।




रेडियो के लिए भी थी लाइसेंस प्रथा

संचार अधिनियम के तहत रेडियो लेने के बाद डाकघर में इसका रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता था। इसे चलाने के लिए डाकघर से 15 रूपए जमा करने पर वार्षिक लाइसेंस जारी होता था। बिना लाइसेंस के चलाने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना वसूल किया जाता था।




वेबसाइट पर है अपलोड

प्रस्तावित बिल केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड है। इसे आम नागरिक भी देख सकते हैं।




अतिरिक्त परिवहन आयुक्त एचके राठौर ने बताया कि प्रस्तावित रोड सेफ्टी बिल का परीक्षण किया जा रहा है। अध्ययन के बाद सुझाव समेत जानकारी केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय को भेजी जाएगी।

 

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