बुधवार, 10 सितंबर 2014

बाड़मेर एन आर एच एम में हेराफेरी भाग 2 .करोडो का काम एक कॉल पर क्यों दिया आखिर ?

बाड़मेर एनआरएचएम में हेराफेरी भाग 2 .करोडो का काम एक कॉल पर क्यों दिया आखिर ?


बाड़मेर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बाड़मेर भरष्टाचार का अड्डा बन गया हैं ,जिला ग्रामीण स्वाथ्य समिति कुछ कार्मिको की रखेल बन गयी हैं ,इस योजना में आने वाला सरकारी बजट की बन्दर बाँट कर्मचारी अधिकारियो की मिली भगत से का रहे हैं ,पिछले पांच साल से याग भरष्टाचार का खुला खेल खेला  जा रहा हैं। कार्मिको ने इसके लिए बाकायदा कुछ स्वयं सेवी संस्थाओ और प्लेसमेंट एजेंसियों से सांठ गाँठ कर राखी हैं 

इन योजनाओ में आने वाले समस्त बजट का निस्तारण इन कार्मिको द्वारा निस्तारित किया जाता हैं ,बाजार डरो से छ गुना अधिक ड्रॉ से सामन खरीदने   जाते हैं ,योजनाओ में हुए खर्च और खरीद का भौतिक सत्यापन कराया जाये तो साड़ी पोल खुल कर सामने आ जाएगी। बहरहाल मामला प्लेसमेंट एजेंसी का हैं ,एन  आर एच एम  योजना में वर्ष २०११ -१२ में विभाग में विभिन पदो के लिए कार्मिक लगाने की भर्ती के मामले में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। तत्कालीन सरकार ने जिले की समस्त स्वास्थ्य उप स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर परिचारिका ,वाहन चालक ,कंप्यूटर ऑपरेटर ,चिकित्सक लगाने का आदेश दिया जिसके चलते विभाग के कार्मिको ने अपने लोगो को फायदा देने के उद्देश्य से किसी तरह की निविदा समाचार पत्रो में जारी करने की बजाय भरष्टाचार के लिए बदनाम एक स्वयं सेवी संस्था और प्लेसमेंट एजेंसी रेड्डी संस्था को सम्बंधित लिपिक ने कॉल कर रातो रात बुलाया तथा उसके नाम करोडो रुपयो के काम का आदेश जारी किया जबकि नियमानुसार निविदा निकाल कर विभिन एजेंसियों से आवेदन मांगे जाने थे मगर विभाग के अधिकारियो की शाह पर कार्मिको ने भरष्टाचार को शाह देते हुए इस प्लेसमेंट एजेंसी को काम का आदेश जारी कर दिया। मजे की बार हे की इस प्लेसमेंट एजेंसी का पंजीयन रोजगार निदेशालय से वर्ष 2010 में ख़त्म हो गया था ,पंजीयन नवीनीकरण  के आभाव में स्वत निरस्त मन जाता हे ,एजेंसी संचालक द्वारा पंजीयन प्रमाण पात्र पर कान्त छंट कर उसे २०१० के स्थान पर २०१८ कर कुरचित दस्तावेज षड्यंत्र पूर्वक पेश कर काम ,लिया अधिकारियो और  एजेंसी के पंजीयन का नवीनीकरण नहीं होने की जानकारी के बावजूद मिलीभगत से काम दिया। इस संस्था द्वारा तत्कालीन वित्तीय वर्ष में एक भी कार्मिक नहीं लगाने की बात सामने आई। विभागीय सूत्रानुसार प्रति माह कार्मिको की तँकखवह का भुगतान संस्था और कार्मिक मिल बाँट के हज़म कर जाते चूँकि यह कार्य लगभग  का था किसी को इस घोटाले की भनक तक नहीं लगी ,मगर सूचना के अधिकार में प्राप्त सूचना मिलने पर इस गड़बड़ झाले का पर्दाफास हुआ मगर इस भरदष्टाचार की  कार्यवाही जिला या राज्य स्तर पर नहीं हुई ,तत्कालीन सांसद  हरीश चौधरी की दखल अन्दाजी के बाद दो जाँच दल राज्य और केंद्र से आये मगर उन्हें मोटी रकम अदा कर बिना जाँच किये बेरंग भेज दिया ,अब इस आशय की शिकायत राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर पुरे मामले की जांच सी बी आए से करने की मांग संगठनो द्वारा की गयी हैं। ग्रुप फॉर पीपुल्स के संयोजक चन्दन सिंगफह भाटी ने बताया की बाड़मेर एन  आर एच एम में गत पांच साल में तीन सौ करोड़ से अधिक की हेराफेरी की गयी हैं जिसकी सी बी आई स्तर से जांच होनी चाहिए ताकि गरीब जनता के लिए आये पैसे का दुरूपयोग का कच्चा चिट्टा खुल कर सामने आये ,

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