शुक्रवार, 11 जुलाई 2014

होटल में प्रेमी जोड़े ने खाया जहर, बाहों में तोड़ा दम


इंदौर। एक माह पहले खंडवा से भागकर इंदौर आए प्रेमी जोड़े ने होटल में जहर खाकर खुदकुशी कर ली। दोनों के शव एक-दूसरे को बांहों में मिले। कमरे में 20 पन्नों में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें घरवालों से माफी के साथ उनकी प्रेम कहानी लिखी हुई है। दोनों मौसेरे भाई-बहन थे और युवती उम्र में 6 साल बड़ी थी।
घटना रेडिसन होटल के सामने स्कीम 94 में स्काई होटल के कमरा नंबर 202 में हुई। होटल संचालक दर्शन पारिख ने बताया, मंगलवार रात एक बजे दोनों होटल में आए। युवती मीनाक्षी ने कहा, रोहित उसका छोटा भाई है और उसे परीक्षा दिलाने यहां आई है।
In addition, the couple ate poison, die broke up in arms
बुधवार रात 10.30 बजे उन्होंने बाहर से खाना मंगाया, तब दोनों को आखिरी बार देखा था। गुरूवार दोपहर को सफाई के लिए कमरा नहीं खुलने पर कर्मचारी ने संचालक को बताया। उन्होंने कमरे के फोन पर कॉल किया। दरवाजा नहीं खुला तो खजराना पुलिस को सूचना दी। टीआई सीबी सिंह ने डुप्लीकेट चाबी से कमरा खुलवाया तो दोनों के शव जमीन पर मिले। कमरे में केक, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक के साथ सफेद पावडर मिला है। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुधीर शर्मा ने जांच की। आशंका है, लेबोरेटरी में काम आने वाले जहरीले पावडर को खाने में मिलाकर खाया है।

रिश्तेदार की शादी में मिले, फोन पर बढ़ी बात
टीआई सीबी सिंह ने बताया, दोनों की पहचान सूरगांव बंजारी (खंडवा) की मीनाक्षी उर्फ मीनू (25) पिता महेंद्र वर्मा और चरूआ लावडिया, खिरकिया के रोहित (19) पिता सोहनसिंह राजपूत के रूप में हुई है। रोहित ने हाल ही में 12वीं पास की थी। मीनू बीए की पढ़ाई कर रही थी। दोनों सालभर पहले देवास में रिश्तेदार की शादी में मिले थे। दोस्ती के बाद दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर लिए। एसएमएस और बातचीत के बाद 24 अक्टूबर को मूंदी और अलग-अलग स्थानों पर मिलते रहे। दोनों को पता था, रिश्ते और उम्र के अंतर के कारण घरवाले शादी के लिए नहीं मानेंगे। 15 जून को रोहित मीनू के गांव गया और दोनों इंदौर आ गए। यहां राजनगर में किराए का कमरा लिया।

पकड़कर पुलिस को सौंपा था : 24 जून को रोहित गृहस्थी चलाने के लिए बर्तन व पैसे लेने के लिए गांव जा रहा था। रास्ते में उसे मीनू के भाई व अन्य परिजन मिले। वे पकड़कर उसे थाने ले गए, क्योंकि दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहां से उसे मूंदी और फिर इंदौर लेकर आए। वह पुलिस व परिजन को राजनगर ले गया, जहां से दोनों उन्हें चकमा देकर फिर भाग खड़े हुए और होटल बदल-बदलकर रूकने लगे। बाद में होटल स्काई पहुंचे और आत्महत्या करने का निर्णय लिया।

300 रूपए ही बचे थे
कमरे में दोनों के पास तीन सौ रूपए ही मिले। होटल संचालक पारिख ने बताया, रोज उनसे कमरे के पैसे ले रहे थे। सुबह 500 रूपए लेना थे। सुसाइड नोट में उन्होंने ये पैसे (300 रू.) आधे-आधे कर रोहित की भांजी और मीनू के भतीजे को देने की बात लिखी है। दोनों ने अपने कपड़े व अन्य सामान भाई-बहन को देने को लिखा है।

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