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नई दिल्ली। एक ओर जहां कांग्रेस के भीतर पार्टी उपाध्यक्ष और युवराज राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की मांग हो रही है। तो वहीं दूसरी ओर यूपीए के सबसे बड़े घटक दल और कृषि मंत्री शरद पवार ने राहुल के साथ काम करने से साफ इन्कार कर दिया है। मैं राहुल के साथ काम नहीं कर सकता: पवार
"राहुल अपनी क्षमता साबित करें"

पवार ने कहा है कि राहुल को 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद बड़े रोल में आने से पहले उन्हें अपनी क्षमता साबित करने की जरूरत है। शरद पवार ने साफ शब्दों में कहा कि राहुल को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनके साथ काम नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि वे कांग्रेस के साथ बने रहेंगे।

गौरतलब है कि पवार एक कार्यक्रम में बयान दे चुके हैं कि राजनीति और सामाजिक कार्य में कोई अछूत नहीं होता है। पवार के इस तरह के रूख को देखते हुए ऎसा लगता है कि वह अपना विकल्प खुला रखना चाहते हैं।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में शरद पवार ने राहुल गांधी की अनुभवहीनता का जिक्र करते हुए कहा कि सबको प्रशासनिक कार्य में अपनी क्षमता साबित करनी होती है।

उन्होंने कहा कि राहुल को मनमोहन सिंह कैबिनेट में शामिल होना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऎसा नहीं किया। पवार ने कहा कि राहुल ऎसा करते तो उन्हें फायदा होता।

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद देश की दोनों बड़ी पार्टियां कांग्रेस और भाजपा बहुमत हासिल नहीं कर पाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भाजपा की सीटों में कुछ इजाफा हो जाए और कांग्रेस की सीटें घट जाए। पवार ने यह साफ कर दिया कि वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

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