सोमवार, 30 अप्रैल 2012

फेरों के बाद ससुराल पहुंचने से पहले ही मां बनी दुल्हन

 

राजपुर (अशोकनगर)। यह खबर आपको चौंका सकती है कि फेरों के बाद दुल्हन ससुराल भी नहीं पहुंची थी कि बीच रास्ते में ही उसने शिशु को जन्म दे दिया। यह घटना रविवार को कचनार थाने के तहत महूआलमपुर चकपुरा में हुई। यहां एक परिवार में तूमैन के पास स्थित जुगया गांव से 28 अप्रैल को बारात आई थी। बारात आगमन पर रीति रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न हुआ और बाकायदा दुल्हन की विदा भी हो गई।



बच्ची को दिया जन्म



बारात महूआलमपुर से थोड़ी दूर पहुंची ही थी कि दुल्हन के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ और कोई कुछ समझ पाता इसके पहले ही उसने बच्ची को जन्म दे दिया। यह प्रसूति बारात से भरी ट्राली में ही हो गई। इससे अजीबो गरीब स्थिति बन पड़ी। इस घटना के बाद दुल्हन से बच्ची के पिता के बारे में भी जानना चाहा तो उसने बहन के देवर की बात बताई है। बहरहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।



दिखाई संवेदनहीनता



इस पूरी घटना के बाद दूल्हे ने जो किया वह भी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा रही। स्थानीय लोगों का कहना था कि भले ही स्थिति कुछ भी हो, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में दूल्हे और उसके परिजनों को महिला की मदद करना थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन लोगों ने दुल्हन के जेवर और चढ़ावे का पूरा सामान अपने कब्जे में ले लिया और महिला को छोड़ गए। यही नहीं थाने में दूल्हे पक्ष की ओर से यह रिपोर्ट भी कर दी कि उन्हें शादी के नाम पर धोखा दिया गया है। पुलिस भी मामले को लेकर उलझन में है, क्योंकि अब तक ऐसी परिस्थिति कभी सामने नहीं आईं।

विधायक के नौकर ने करा लड़की से रेप!

विधायक के नौकर ने करा लड़की से रेप!

लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में रविवार रात बसपा विधायक जुगलकिशोर के नौकर ने कथित रूप से एक 15 वर्षीय बालिका को अगवा करके विधायक के घर ले जाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।

घटना के समय विधायक और उनके परिजन घर पर नहीं थे। कथित दुराचार का शिकार हुई लड़की के पिता रामनरेश ने पुलिस को बताया है कि रविवार रात जब उसकी बेटी एक शादी समारोह से वापस लौट रही थी, तब बसपा विधायक के नौकर ने उसे तमंचे के बल पर अगवा कर लिया। उसे विधायक के घर ले जाकर उसके साथ दुराचार किया।

रामनरेश ने दावा किया है कि खोज करने पर उसे उसकी बेटी आज सुबह बसपा के विधान परिषद सदस्य (विधायक) के घर पर बेहोशी की हालत में मिली। मौके पर नौकर भी मौजूद था। जिसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि बसपा विधायक जुगलकिशोर कुछ दिनो से सपरिवार शहर के बाहर गए हुए है और घर पर केवल उनके नौकर ही मौजूद हैं। इस बीच जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने बताया है कि कथित दुराचार की शिकार लड़की के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करके मामले की छानबीन की जा रही है। 

निर्मल बाबा मामले में फैसला सुरक्षित

निर्मल बाबा मामले में फैसला सुरक्षित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक अदालत ने आध्यात्मिक गुरू होने का दावा करने वाले निर्मलजीत सिंह उर्फ निर्मल बाबा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के एक मामले में सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रहलाद टंडन ने याची की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

कक्षा बारह की छात्रा तनया और कक्षा दस के छात्र आदित्य ठाकुर ने निर्मल बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए याचिका दायर की थी। मजिस्ट्रेट ने दलील सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा। दलील में कहा गया कि निर्मल बाबा जिस तरह से सरल समाधान देकर लोगों को ठगते हैं वह धारा 417 ए , 419 ए और 420 के तहत धोखाधड़ी और धारा 509 के तहत नाराजगी का भय दिखाना है। तनया और आदित्य ने गोमती नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने को कहा था जिसे नकार दिया गया।

जर्मनी की यह हॉट मॉडल बॉलीवुड में करेंगी आइटम नंबर! देखिए तस्वीरें

जर्मन मॉडल क्लाउडिया सिस्ला बॉलीवुड की फिल्मों के आइटम नंबर्स की बहुत बड़ी फैन हैं। कोरियोग्राफर बोस्को की वह बहुत अच्छी दोस्त हैं। उन्होंने बॉलीवुड में डांसर के रूप में अपना करियर बनाने का फैसला किया है।

 
वह कहती हैं कि डांसिंग उनका पैशन है और म्यूजिक उनके लाइफ का पार्ट है। बोस्को को वह अपने फैमिली मेंबर की तरह मानती हैं। बोस्को बॉलीवुड में स्थापित कोरियोग्राफरों में से एक हैं। वह उनसे सीख रही हैं और आगे आइटम नंबर्स में काम करना चाहती हैं।

 
क्लाउडिया इससे पहले कई शो में बॉलीवुड नंबर्स पर डांस कर चुकी हैं। अब वह सिल्वर स्क्रीन पर दिखना चाहती हैं। वह अच्छे प्रोडक्शन हाउस और कोरियोग्राफर के साथ काम करना चाहती हैं।

 
बोस्को भी मानते हैं कि वेस्टर्न फेस के साथ इंडियन आइटम नंबर बहुत बढ़िया रहेगा। उनका कहना है कि क्लाउडिया बहुत टैलेंटेड और डेडिकेटेड हैं। बस, उनको अवसर की तलाश है।
 

अब हम तो यही दुआ करेंगे कि क्लाउडिया को जल्दी से आइटम नंबर में काम मिले। पेश है उनकी कुछ हॉट तस्वीरें-

बेवफा पत्नी थी रामकली, प्रेमी राजेश ने की थी हत्या

महम. रामकली हत्याकांड से पूरी तरह पर्दा उठ गया है। रामकली राजेश के साथ नाम व पहचान बदल कर रहती थी। पहले से शादीशुदा थी। दो साल से राजेश के साथ रह रही थी। उसका असली नाम गुम्मी था। वह मध्यप्रदेश की थी। रविवार को उसका पूर्व पति बल्लू पीजीआई पहुंचा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उसका शव बल्लू के हवाले कर दिया।

शुक्रवार की सुबह खरकड़ा के पास उसकी लाश मिली थी। लाश के पास ही उसका लगभग चार वर्षीय बेटा उमेश भी था। उमेश को भी मारने का प्रयास किया गया था, वह बच गया। रामकली की हत्या का आरोप उसके दूसरे पति राजेश पर है। राजेश अभी फरार है। इधर गुम्मी उर्फ रामकली का रविवार की शाम को रोहतक में ही दाह संस्कार कर दिया गया है। उमेश अभी बालआश्रम में है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

एसएचओ रामकिशन दहिया ने बताया कि बल्लू उमेश को अपने साथ ले जाना चाहता है। इधर आरोपी राजेश की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। एसएचओ का कहना है कि उसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दो साल पहले हुई थी मुलाकात

मध्यप्रदेश के जिला इक्कागढ़ के गांव बलदेवगढ़ निवासी बल्लू पुत्र सोना दो साल पहले गांव सीसर में मजदूरी के लिए आया था। यहीं पर गांव चांग का राजेश मिस्त्री का काम करता था। बल्लू के साथ उसकी पत्नी गुम्मी के अतिरिक्त एक बेटी व एक छोटा बेटा भी था। गुम्मी व राजेश में प्यार हो गया। राजेश गुम्मी को लेकर फरार हो गया।

गुम्मी अपने साथ दो साल के बेटे उमेश को भी ले गई। बेचारा बल्लू अपनी पत्नी व बेटे को खोकर वापिस अपने प्रदेश चला गया। राजेश व गुम्मी कुछ समय तो भिवानी रहे। फिर महम में किराए का मकान लेकर रहने लगे।

ये हो सकता है हत्या का कारण

पुलिस का मानना है कि गुम्मी से रामकली बनी महिला अब राजेश के लिए परेशानी बन गई थी।राजेश की पहली पत्नी चांग में रहती है। उससे बच्चे भी हैं। बड़ा बेटा लगभग 20 वर्ष का है। ऐसे में गुम्मी को रखना उसके लिए परेशानी का कारण बनने लगा होगा। यही कारण है कि उसने गुम्मी उर्फ रामकली को ठिकाने लगाने की योजना बना ली। उसे ठिकाने लगा भी दिया।

योजना के अनुसार उमेश भी मर जाता तो हो सकता है राजेश कुछ समय के लिए नाटक करता कि उसकी रामकली को किसी ने मार दिया। संभव यह आरोप बल्लू पर लगाया जाता। खैर अब सब साफ हो गया है।

..छ़ुपा रखी थी अपनी पहचान

गुम्मी राजेश के साथ रामकली बन कर रहती थी। किसी को शक ना हो इसलिए अपने को सोनीपत का बताती थी। उमेश को भी राजेश का बेटा ही बताया जाता था। उमेश भी राजेश को ही अपना पिता समझने लगा था।

बीएसएफ ने रचा इतिहासः महिला सिपाहियों ने मारा घुसपैठिया

अमृतसर. बीएसएफ की महिला प्रहरियों ने रविवार दोपहर सरहद पार से घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी नागरिक को मार गिराया। बीएसएफ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब महिला सुरक्षाकर्मियों ने दिलेरी दिखाते हुए दुश्मन को मौके पर ही ढेर कर दिया। 
डीआईजी पीएस बैंस के मुताबिक, सिपाही रीना और आरती डेरा बाबा नानक के बीपी नंबर 42-17 पर तैनात थीं। इसी दौरान उन्हें तार के पार गेहूं की फसल के बीच हलचल दिखाई दी। दोनों प्रहरियों ने ललकारा तो सामने से घुसपैठिया ने उन्हें डराने का प्रयास किया। जवाब में सिपाहियों ने फायरिंग कर दी। घुसपैठिया मौके पर ही ढेर हो गया।

महिलाओं की दिलेरी के आगे दुश्मन ढेर

बीएसएफ की महिला कांस्टेबलों द्वारा पाकिस्तानी घुसपैठ को मार गिराना अपने आप में एक बड़ी बात है। इससे साफ है कि बॉर्डर पर तैनात महिला कर्मी भी दुश्मन का डटकर सामना करने की ताकत रखती हैं। पत्रकारों को संबोधित करते हुए बीएसएफ के डीआईजी पीएस बैंस ने बताया कि डीबीएन पोस्ट की बुर्जी नंबर 42 से पाकिस्तान की तरफ से एक व्यक्ति सीमा पार करके भारत में दाखिल हो रहा था, जिसको बीएसएफ 74 बटालियन की महिला कांस्टेबल रीना कुमारी और आरती ने मार गिराया। हमें रीना और आरती पर गर्व है कि उन्होंने बहादुरी से दुश्मन का सामना किया और उसे मार गिराया। दोनों ने साबित कर दिया है कि महिलाएं भी किसी से कम नहीं होती।

बहादुरी का मिलेगा सम्मान

डीआईजी बैंस ने बताया कि बीएसएफ में महिला प्रहरियों की तैनाती 2008-09 में हुई थी और तब से लेकर आज तक ऐसा कोई वाकया नहीं हुआ, जिसमें इन्होंने हथियारों का प्रयोग किया हो। इन लड़कियों ने देश के प्रति जो जज्बा दिखाया है वह सराहनीय और प्रेरणादायक है। इसकी जानकारी अन्य महिला सुरक्षा कर्मियों को भी दी जाएगी ताकि भविष्य में वह भी देश के लिए ऐसा ही कुछ कर दिखाएं। दोनों को बहादुरी का उचित मान-सम्मान दिया जाएगा।

ब्रह्मपुत्र में डूबी नाव, सैंकड़ों के मारे जाने की आशंका



गुवहाटी. असम में एक नाव के ब्रह्मपुत्र नदी में डूब जाने से सैंकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका है।


घटना ढुबरी की है। शाम साढ़े पांच बजे खराब मौसम में फंसी एक नाव ब्रह्मपुत्र नदी में डूब गई। रिपोर्टों के मुताबिक नाव में करीब 200 लोग सवार थे।


बचाव और राहत कार्य के लिए बीएसएफ की टुकड़ियों को बुलाया गया है। स्थानीय लोग भी राहत कार्यों में जुटे हैं।


घटना गुवहाटी से करीब 350 किलोमीटर दूर ढुबरी के नजदीक की है। अभी तक राहतकर्मियों ने 35 शवों को नदी से निकाला है और 12 लोगों को जिंदा बचाया गया है।

चेतना की बात फेलाएगी चेतना पुस्तके

चेतना  की बात फेलाएगी चेतना पुस्तके 
-जल चेतना की बात होगी मुखर 
-बाड़मेर कलेक्टर ऩे सराहा चेतना पुस्तको को 
        

        
“आज तक की तमाम खोजों के बाद भी हम पृथ्वी के सामान कोई अन्य गृह ढूंढने में असफल ही रहे है अंतरिक्ष में अब तक हम कई ग्रहों का पता लगा चुके हैं लेकिन इनमे से कोई भी दूर दूर तक प्रथ्वी जैसा नहीं है जहाँ जीवन संभव हो.पृथ्वी पर जीवन अनेक कारणों से संभव हो सका है जैसे सूर्य का पृथ्वी से एक ख़ास दूरी पर होना ,जिससे यहाँ पर जीवन की परिस्थितियाँ उत्त्पन्न हुई ! अगर ऐसा नहीं होता और पृथ्वी यदि सूर्य के निकट होती तो बहुत गर्म अगर दूर होती तो बहुत ठंडी होती किन्तु प्रकृति ने हमें सौगात के रूप में ऋतु,वनस्पति,मिटटी,जल,जैसे संसाधन, वरदान के रूप में दिए! विकास के नाम पर अगर इंसान यूं ही प्रकृति का विनाश करता रहा तो इंसानों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो जाएगा। अगर हमें अपनी आने वाली पीढि़यों को एक बेहतर कल देना है तो हमें आज से ही प्रयास करने होंगे।'' ये विचार बाड़मेर जिला कलेक्टर  डाक्टर वीणा प्रधान  ऩे सी सी डी यू की चेतना पुस्तको के बारे में रखे . जल एवं स्वछता मिशन राजस्थान सरकार , पेयजल गुणवता मिशन सी सी डी यू के आई ई सी कंसल्टेंट अशोक सिंह राजपुरोहित  ऩे बताया कि धरती से पानी खत्म होता जा रहा है। नदियां, नाले और झीलें सूख रही हैं। ग्लेशियर पिघल रहे हैं। जमीनी पानी दिनोंदिन नीचे खिसकता जा रहा है। पीने के पानी की विकराल होती समस्या के कारण मारपीट, धरना-प्रदर्शन, तोड़फोड़ की नौबत आने लगी है। दूसरी ओर हर वर्ष काफी बरसाती पानी यों ही बेकार चला जाता है, उसके प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी के कुप्रबंधन के कारण प्रकृति की पूरी संरचना ही बिगड़ती लग रही है। जल संरक्षण में सामान्य जनमानस का सहयोग जरूरी है। ग्राम पंचायत में विद्युत प्रदाय बंद होने पर जल संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण अंचलों में हैंडपंपों व कुओं के आसपास सफाई रखना चाहिए। ग्रामीण पेयजल स्रोतों के पास ही कपड़े धोते व पशुओं को पानी पिलाते हैं। हालाँकि धरती का 70.87 प्रतिशत भाग पानी से घिरा हुआ है, बावजूद इसके धरती पर पीने के पानी का जबरदस्‍त संकट विद्यमान है। इसका मुख्‍य कारण यह है कि धरती पर उपलब्‍ध 97.5 प्रतिशत जल लवणीय है और मात्र 2.5 प्रतिशत जल पीने के योग्‍य है। लेकिन उससे भी बड़ी विडम्‍बना यह है कि पीने योग्‍य जल के मात्र एक प्रतिशत हिस्‍से तक ही मानव की पहुँच है। हमारे देश में भी सरकारी स्‍तर पर हालाँकि इसके लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं, किन्‍तु जनमानस में इसके प्रति घोर लापरवाही देखने को मिलती है। यही कारण है कि घरों में न सिर्फ बेतहाशा पानी बर्बाद किया जा रहा है, वरन जाने-अनजाने में उसे प्रदूषित भी बनाया जा रहा है।पानी की इस बर्बादी को रोकने और उसके प्रति सामाजिक चेतना जागृत करने के उद्देश्‍य से सी सी डी यू , जल एवं स्वछता मिशन राजस्थान सरकार , पेयजल गुणवता मिशन   की पुस्‍तक ‘जल संरक्षण और जल चेतना ’ को सोमवार कि रोज बाड़मेर जिला कलेक्टर ऩे  एक सराहनीय प्रयास है। इस पुस्तक में विभीन पोस्टरों के माध्यम से जल चेतना कि बात कही गई है साथ ही इसी आधार से  जल संरक्षण से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर आसान और सरल शब्‍दावली में प्रामाणिक जानकारी उपलब्‍ध करायी गयी है। इस कारण पुस्‍तक पठनीय एवं संग्रहणीय बन पड़ी है।  

Armour Day is celebrated on 01 May

Armour Day is celebrated on 01 May every year to commemorate the commencement of mechanisation of the Indian Cavalry regiments. On this date in 1938, The Scinde Horse became the first regiment to shed their horses and to be equipped with tanks. The first such equipment was the Vickers light tanks and Chevrolet Armoured Cars.

Indian Armoured Corps was equipped with the comparatively modern Sherman tanks (M4) of American origin in 1943. Regiments so equipped formed the spearhead of the 14th Army during its pursuit of the defeated Japanese in the liberation of Burma. Post independence, Indian Armour lost one third of its units and training establishments to Pakistan with the Indian share being only twelve regiments. It was these regiments which nurtured the Corps and helped expand to the force that it has evolved into today.

Expansion and modernisation of the Armoured Corps was initiated post independence with Centurions Mark VII and AMX-13 light tanks. Since then, the Armoured Corps has operated the indigenous Vijayanta tanks, the Russian T-54 and T-55, T-72 and T-90 tanks and MBT Arjun.

An ideal man-machine interface led to a sterling performance in the Indo-Pakistan war of 1965 when the sophisticated Pakistani Patton tanks were decimated by own Centurian tanks to form the famous ‘Patton Graveyard, near Khemkaran in Punjab. Lt Col AB Tarapore of ‘The Poona Horse’ was posthumously honoured with the Param Vir Chakra for his gallant action in the Shakargarh Bulge. The Corps proved its mettle yet again gloriously in the 1971 war with Pakistan wherein tanks were at the forefront of action in the plains sector on the Western and Eastern fronts. 2nd Lt Arun Khetrapal fought gallantly and made the supreme sacrifice in the Battle of Basantar River earning for his regiment






‘The Poona Horse’, yet another Param Vir Chakra. The core ethos of displaying exemplary courage in the face of fearful odds is amply demonstrated by the award of two Param Vir Chakras, 15 Maha Vir Chakras and 60 Vir Chakras amongst a large number of gallantry and distinguished service awards bestowed upon officers and men of the Armoured Corps.

The Corps contributes substantially to the counter insurgency operations at all times. This includes service with the Rashtriya Rifles, Assam Rifles and other PMF. The Corps is also making its contribution in its share for world peace by deploying a contingent to the UN peace keeping mission in Lebanon, apart from individual representations.

बाइक चोरी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पांच मोटरसाइकिलें बरामद


बाइक चोरी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पांच मोटरसाइकिलें बरामद



गिरफ्तार आरोपी ने दस बाइक चोरी करना कबूला, जोधपुर, बालोतरा, बाड़मेर में गिरोह था सक्रिय

बाड़मेर  पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में रविवार को मुख्य आरोपी लूणाराम को गिरफ्तार करने के साथ पांच बाइक भी अलग-अलग लोगों के कब्जे से बरामद की है। आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में पांच और बाइक चोरी करना कबूला है। उसकी निशानदेही पर इन मोटरसाइकिलों को बरामद करने के लिए पुलिस दल अलग-अलग स्थानों पर दबिश देने के लिए भेजे गए हैं। डीएसपी नाजिम अली के निर्देशानुसार कोतवाली के एएसआई मूलाराम व बाटाडू पुलिस चौकी प्रभारी अनोपाराम के नेतृत्व में पुलिस दल ने झाक गांव में दबिश देकर लूणाराम पुत्र उतमाराम मेघवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वह बाइक चोर गिरोह का मुखिया है। उसके कब्जे से एक बाइक बरामद की गई। उससे पूछताछ के आधार पर मुकेश उर्फ मक्काराम पुत्र लाधूराम मेघवाल निवासी भीमड़ा, चतुराम पुत्र रासिंगाराम निवासी झाक, अर्जुन पुत्र कालूराम निवासी नागदड़ा, पदमा पुत्र चैनाराम निवासी झाक के कब्जे से एक-एक बाइक बरामद की गई। पुलिस दल बरामद मोटरसाइकिलों को बाड़मेर ले आया। आरोपी से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद पांच अन्य मोटरसाइकिलों की बरामदगी की कार्रवाई जारी है।

लूणिया निकला शातिर: पुलिस के अनुसार झाक गांव निवासी लूणाराम जोधपुर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। वह पहले जोधपुर से एक बाइक चुराकर ले आया। इसके बाद बाड़मेर, बालोतरा से बाइक उठाया। साथ ही जोधपुर से भी मोटरसाइकिलें चुराई।

यूं पकड़ में आया आरोपी: शहर में स्थित आईडीबीआई बैंक के आगे खड़ी एक बाइक 12 मार्च 2012 को चोरी हो गई। मामला दर्ज होने के बाद जांच एएसआई मूलाराम को सौंपी गई। इसके बाद बाइक चोरी के आरोपी की तलाश शुरू की गई। दो दिन पहले ही मुखबिर से सूचना मिली की भीमड़ा गांव में बाइक खड़ी है। इस पर पुलिस दल ने भीमड़ा गांव में दबिश देकर मुकेश उर्फ मक्काराम पुत्र लाधूराम को पकड़ा तो उसने यह बाइक लूणाराम झाक से खरीदने की बात कही। इसके बाद मुख्य आरोपी लूणाराम पकड़ में आया।

पांच हजार में बेचता था. अलग अलग शहरों से बाइके चोरी करने के बाद लूणाराम बायतु क्षेत्र के गांवों में अपने रिश्तेदारों व पहचान के लोगों को मोटरसाइकिल बेचता था। वह मोटरसाइकिलों को पांच हजार रुपए में बेच देता था।

..और भी राज खुलने की उम्मीद: बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद शहर में बढ़ रही नकबजनी की वारदातों से जुड़े चोरी के आरोपियों व गुजरात से गाडिय़ों चोरी कर बाड़मेर में बेच रहे आरोपियों का सुराग मिलने की संभावना है। साथ ही चोरी की वारदातों का खुलासा करने के लिए पुलिस आरोपी की निशानदेही पर दबिश दे रहे हैं।






गुजरे जमाने की मशहूर एक्ट्रेस अचला सचदेव का निधन

Bollywood ignores ailing Achala Sachdev 

गुजरे जमाने की मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस अचला सचदेव का आज निधन हो गया। पुणे के एक हॉस्पिटल ने उन्होंने आखिरी सांस लीं। उनको पिछले साल सितंबर में हॉस्पिटल में भर्ती करवाय़ा गया था जब वह अपने घर में गिरी थीं और उनके पैर टूट गए थे।



उसके बाद एमआरआई स्कैन से पता चला था कि उनके हार्ट और ब्रेन में ब्लड जम गया था। बॉलीवुड में गुमनामी के अंधेरे में जीते-जीते अचला आज नहीं रहीं।



वह बहुत दिनों से बीमार चल रही थीं। इस बीच बॉलीवुड से कोई उनको देखने नहीं गया। उनके पारिवारिक दोस्त राजीव नंदा अकेले उनकी देखभाल किया करते थे।



अचला ने फिल्म वक्त, चांदनी और दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे सहित अन्य यादगार फिल्मों में काम किया है। उनको बाड़मेर न्यूज़ ट्रैक की तरफ से श्रद्धांजलि।

पाली में सड़क हादसा,4 की मौत,4 घायल


पाली में सड़क हादसा,4 की मौत,4 घायल 






पाली। जयपुर-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-14 पर पाली के रामश्या गांव में रविवार देर रात गैस टैंकर और ट्रोला के बीच हुई भिडंत के दौरान एक टवेरा बीच में फंस गई। घटना में टवेरा सवार पिता-पुत्र सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोगों को गंभीर जख्मी हालत में इलाज के लिए स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के दौरान मार्ग पर करीब दस किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने कई घंटों की मशक्कत के बाद जाम को खुलवाते हुए मार्ग के यातायात को सुचारू कराया।


जानकारी के अनुसार, पाली से रवाना होकर करीब आठ लोग टवेरा में सवार होकर जयपुर की ओर आ रहे थे। टवेरा के पीछे की ओर से गैस का टैंकर चल रहा था। रास्ते में पाली जिले के सदर थाना इलाके के गांव रामश्या के पास गलत दिशा से आ रहे ट्रोले ने टवेरा को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में टवेरा ट्रोले व पीछे से आ रहे टैंकर के बीच पिस गई। हादसे में टवेरा सवार अहमदाबाद निवासी रणजीत मेहता(28) व उसके पुत्र श्लोक महेता (2), सूरत निवासी तरूणा (22) पाली निवासी प्रतीक (15) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य को गंभीर जख्मी हालत में इलाज के लिए स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद ट्रोला व टैंकर चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है। 

सूचि त्यागी जैसलमेर की जिला कलेक्टर

सूचि त्यागी जैसलमेर की जिला कलेक्टर 


जैसलमेर जैसलमेर जिले के दो प्रमुख प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियो की नियुक्ति के साथ जैसलमेर में महिलाराज की स्थापना का सौर शुरू .जैसलमेर में सूचि त्यागी को जिला कलेक्टर लगाया गया जैसलमेर में पहली बार महिला कलेक्टर लगाई गयी हें इससे पूर्व जिला पुलिश अधीक्षक पद पर ममता विश्नोई कार्यरत हें ममता विश्नोई ने कामयाबी के नए झंडे जैसलमेर में गाड़े हे शुची त्यागी इससे पउर्व भारत पुर में सी ई ओ पद  पर कार्यरत थी शुची त्यागी की नियुक्ति का जैसलमेर की जनता ने स्वागत किया हें 

ननों को गर्भवती कर गर्भ में ही बच्‍चों को मरवा देते हैं पादरी!

कन्‍नूर .केरल के कैथोलिक चर्च की एक पूर्व नन ने पादरियों और ननों के व्यभिचार का जिक्र अपनी आत्मकथा में किया है। इसके अलावा गर्भ में ही बच्चों को मार देने की बढ़ती प्रवृत्ति का भी उल्लेख है। इससे हंगामा खड़ा हो गया है।
 

चर्च में होने वाले अनैतिक कृत्यों से परेशान सिस्टर मैरी चांडी ने 12 साल पहले कान्वेंट छोड़ दिया था। उनकी आत्मकथा 'ननमा निरंजवले स्वस्ति' औपचारिक रिलीज से पहले ही विवादित हो चुकी है। उन्होंने इसमें चर्च और उनके शिक्षण संस्थानों में व्याप्त 'अंधेरे' को उजागर करने की कोशिश की है। सिस्टर मैरी ने कहा, 'मैंने वायनाड गिरिजाघर में हासिल अनुभवों को सहेजने की कोशिश की है। चर्च के भीतर की जिंदगी आध्यात्मिकता के बजाय वासना से भरी थी। एक पादरी ने मेरे साथ बलात्कार की कोशिश की थी। मैंने उस पर स्टूल चलाकर इज्जत बचाई थी।'

पहली किताब नहीं है यह
केरल के कैथोलिक समुदाय को झकझोर कर रखने वाली यह पहली किताब नहीं है। कुछ समय पहले चर्च की ही एक अन्य नन सिस्टर जेस्मी की पुस्तक 'आमेन: द आटोबायोग्राफी आफ ए नन' ने भी कॉन्वेंट में ढाए जा रहे जुल्मों को सामने लाने का काम किया था

जैसलमेर कलेक्टर व जिप सीईओ का तबादला

जैसलमेर कलेक्टर व जिप सीईओ का तबादला
जयपुर/जोधपुर.राज्य सरकार ने रविवार को आदेश जारी कर दो आरएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इसके तहत जैसलमेर के कलेक्टर और जिला परिषद के सीईओ का स्थानांतरण किया गया है।

आदेश के अनुसार जैसलमेर के कलेक्टर महावीर प्रसाद स्वामी को उपसचिव, शिक्षा (ग्रुप-6) विभाग, जयपुर तथा जैसलमेर जिला परिषद के सीईओ जगदीश नारायण मथुरिया को राजस्व अपील अधिकारी, बाड़मेर लगाया गया है।

राहुल बारहट बाड़मेर के नए पुलिस अधोक्षक .महिला राज पांच दिन ही चला


राहुल बारहट बाड़मेर के नए पुलिस अधोक्षक .महिला राज  पांच दिन ही चला 


बाड़मेर सीमावर्ती जिले को महिला प्रधान बनाने के राज्य सरकार के सपने को धूमिल कर दिया .मात्र पांच दिन तक बाड़मेर महिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में रहा राज्य सरकार ने आदेश जारी कर राहुल बारहट को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया हे बताया जा रहा हे राहुल दबंग अधिकारी हे बाड़मेर जिले के लिए एकदम फिट हे स्वागत राहुल बारहट 

रविवार, 29 अप्रैल 2012

जिंदल समूह ने किया 61 हजार करोड़ का कोयला घोटाला

जिंदल समूह ने किया 61 हजार करोड़ का कोयला घोटाला

बाड़मेर से चंदन भाटी की रिपोर्ट 
 
हमारी सरकारों का कंपनियां अपने फायदे के लिए किस तरह इस्तेमाल करती हैं इसका एक उदाहरण राजस्थान में देखते हैं. केन्द्र के कोयला घोटाले की कालिख में किसका चेहरा दागदार होगा यह तो आनेवाला वक्त बताएगा लेकिन इधर राजस्थान में कांग्रेस के करीबी कारोबारी जिंदल समूह ने सरकार के साथ मिलीभगत करके एक लंबी दूरी का ऐसा घोटाला रच दिया है जिसमें सरकार को आनेवाले तीस सालों में 61 हजार करोड़ का घाटा होगा। बाड़मेर से चंदन भाटी की रिपोर्ट

जब से बाड़मेर में कोयले के अकूत भंडार का पता चला है काले कारोबारियों की काली नजर बाड़मेर पर पड़ गई है। ताजा मामला जिंदल समूह से जुड़ा हुआ है। राजस्थान इलेक्ट्रीसिटी रेग्युलेटरी कमीशन के अध्यक्ष डीसी सामंत, सदस्य एस धवन, एसके मित्तल ने बाड़मेर लिग्नाईट माइनिंग कम्पनी लि. की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। खासकर इसमें एक बड़ा खुलासा हुआ हैं कि जिंदल ग्रुप के राजवेस्ट पवार प्लांट लि. भादरेश बाड़मेर में लिग्नाईट की आपूर्ति के लिए बाड़मेर में माइनिंग का ठेका निविदा के जरिये प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से होना था, उसको बिना किसी प्रतिस्पर्धा के जिंदल ग्रुप की एसोसिएट फर्म साउथ वेस्ट माइनिंग लि. को 1230 रुपए प्रति मैट्रिक टन की दर की खरीदारी के अनुबंध के साथ दे दिया गया। टैक्स जोड़ा जाए तो यह दर 1953 रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर हो जाती हैं। मजे की बात यह कि जिंदल ग्रुप की एसोसिएट फर्म साउथ वेस्ट माइनिंग लि. यह ठेका लेने की पात्रता भी नहीं रखती। तीस वर्ष के लिए दिए गए इस ठेके से उक्त अवधि में टैक्स समेत करीब इकसठ हजार करोड़ का नुकसान हो सकता हैं।

समझें घाटे का ये गणित : बाड़मेर जिले में जिंदल ग्रुप की फर्म राजवेस्ट पावर प्रोजेक्ट लि. के नाम से भादरेश में 135 मेगावाट की दस इकाइयां बनाई जानी हैं, जिनमे से दो इकाइयां बन कर तैयार हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। जब पूर्ण क्षमता के साथ सभी दस इकाइयां काम करेंगी तब प्रतिदिन पचास हजार टन कोयले की जरूरत पड़ेगी। राजवेस्ट की कंसोर्टियम फर्म साउथ माइनिंग लि. इसके लिए प्रतिदिन छह करोड़ पन्द्रह लाख टैक्स समेत नौ करोड़ छियतर लाख पचास हजार रुपये लेगी, जो राजस्थान इलेक्ट्रीसिटी रेग्युलेटरी कमीशन के समक्ष तय हुई दरों (812 रुपए प्रति मीट्रिक टन) से टैक्स सहित 5.70 करोड़ रुपए अधिक हैं। इस तरह सरकार को प्रतिदिन 2.90 करोड़ टैक्स रहित घाटा होगा। एक महीने में 87 करोड़, एक वर्ष में 1044 करोड़, और तीस वर्षों में 31,220 करोड़ का घाटा होगा और टैक्स समेत यह घाटा इकसठ हजार करोड़ रुपए को पार कर जाएगा।

इक्यावन फीसदी है सरकार की हिस्सेदारी : बाड़मेर के कपूरडी और जालिपा के किसानों की करीब पचास हजार बीघा जमीन अवाप्त हुई हैं, इसका मकसद यहाँ पर कोयला खनन कर कम्पनी को आपूर्ति करनी था। भूमि अवाप्ति के लिए बाड़मेर लिग्नाईट माइनिंग कम्पनी लिमिटेड का गठन किया गया, जिसमे 51 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार की है। शेष 49 फीसदी भागीदारी राजवेस्ट की है। यहाँ कहने का मतलब यह हैं कि ऊंची दरों पर राजवेस्ट की एसोसिएट फर्म को ठेका देने से होने वाले कुल घाटे में सरकार को इक्यावन फीसदी चूना लगेगा। वही राजवेस्ट को एसोसिएट फर्म से सीधा फायदा ही फायदा होगा।

ठेका निरस्त करने की सिफारिश हुई : राजस्थान इलेक्ट्रीसिटी रेग्युलेटरी कमीशन ने याचिका पर सुनवाई के बाद पिछले वर्ष अगस्त माह में दिए गए निर्णय अनुसार साउथ वेस्ट माइनिंग लि. को दिए गए खनन ठेके को निरस्त करने और नए सिरे से निविदा आमंत्रित कर प्रतिस्पर्धी दरों के आधार पर ठेका देने के निर्देश दिए। हैरत की बात यह हैं कि साउथ वेस्ट माइनिंग लि. कमीशन को न्यायिक क्षेत्र मानने से इनकार करते हुए अभी तक बिना रोक टोक खनन कर रहे हैं। वही सरकार भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जो काफी संशय पैदा कर रहा है।

कम कीमत पर कोयला उपलब्ध : राजस्थान सरकार के उपक्रम राजस्थान स्टेट माइंस मिनरल्स लि. द्वारा गिरल लिग्नाईट विद्युत तापीय संयत्र में 650 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से कोयला उपलब्ध करवाया जा रहा हैं, जबकि साउथ वेस्ट माइनिंग लि. टैक्स समेत 1953 रुपए की दर से कोयलाउपलब्ध करवा रहा है। इस मामले में जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान कुछ भी बयान देने से इनकार कर रही हैं।

थार की लोक संस्कृति का कोई जवाब नहीं .देखिये तस्वीरे ..










थार की लोक संस्कृति का कोई जवाब नहीं .देखिये तस्वीरे ..


यंहा का लोक गीत संगीत  ना कवक मनमोहक हे अपितु दिलो में उतरने वाला हे राजस्थान के पर्यटन में लोक गीत संगीत का अहम् योगदान हे देखे थर के रेगिस्तान की संस्कृति की तस्वीरे 

नए राज्यपाल का विवादास्पद बयान-गांधी परिवार से वफादारी का ईनाम मिला

उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल अजीज कुरैशी ने विवादास्पद बयान देते हुए एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि राज्यपाल बनने के लिए किसी के पास क्या योग्यता होनी चाहिए। मध्य प्रदेश कांग्रेस में हाशिए पर जा चुके अजीज कुरैशी ने राष्ट्रपति द्वारा खुद को उत्तराखंड का नया गवर्नर बनाए जाने पर कहा है कि उन्हें गांधी-नेहरू परिवार की वफादारी का ईनाम मिला है। कुरैशी ने कहा, 'मुझे सोनिया गांधी की कृपा से राज्यपाल की कुर्सी मिली है। मैंने अपनी वफादारी पंडित जी (जवाहर लाल नेहरू) के चरणों में रख दी थी। पंडित जी, इंदिरा जी को मैं अपना पॉलिटिकल मास्टर मानता हूं।' लेकिन जब उनसे एक निजी समाचार चैनल से इस बाबत पूछा तो उन्होंने अपना बचाव करते हुए कहा कि राज्यपाल बनने के लिए जरूरी कई बातों में से एक यह भी है।
 
अपनी सफाई में कुरैशी ने कहा, 'मुझसे पूछा गया कि क्या मुझे मुसलमान होने के नाते यह पद दिया गया है तो मैंने कहा कि ऐसा नहीं है। यह समाज के लिए मेरे छोटेमोटे काम का पुरस्कार है।' कुरैशी के बयान से यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि क्या राज्यपाल जैसे पद के लिए नेहरू-गांधी परिवार के प्रति वफादारी जरूरी है?

यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि कुरैशी ऐसे पहले कांग्रेसी नहीं हैं जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर राज्यपाल बनाए जाने का श्रेय नेहरू-गांधी परिवार को दिया है। इससे पहले मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने विवादास्पद बयान देते हुए एक कार्यक्रम में कहा था, 'मैं बधाई देना चाहता हूं सोनिया गांधी को जिनके परामर्श से राष्ट्रपति ने मुझे राज्यपाल नियुक्त किया।'

मारग्रेट अल्वा राजस्थान की राज्यपाल

 

जयपुर. मारग्रेट अल्वा राजस्थान की राज्यपाल होंगी। केंद्र सरकार ने इस संबंध में राज्य सरकार को सूचित कर दिया है। अल्वा 10 मई को जयपुर आ सकती हैं और 12 मई को शपथ ले सकती हैं। अल्वा अभी उत्तराखंड की राज्यपाल हैं। उनका कार्यकाल दो साल बचा है। वे इतने समय राजस्थान की राज्यपाल रहेंगी।

अल्वा राजस्थान की 36वीं और तीसरी महिला राज्यपाल होंगी। इससे पहले प्रतिभा पाटील और प्रभा राव इस पद पर रह चुकी हैं। शिवराज पाटील पंजाब के राज्यपाल हैं और 28 अप्रैल 2010 से राजस्थान का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। राष्ट्रपति भवन से जारी सूचना के मुताबिक मप्र के पूर्व मंत्री अजीज कुरैशी को उत्तराखंड, एसपीजी के पूर्व प्रमुख बीवी वांचू को गोवा, ईएसएल नरसिम्हन को आंध्र और शंकर नारायणन को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया है।

चार बार राज्यसभा सांसद रही हैं अल्वा

1974 में पहली बार राज्यसभा की सदस्य चुनी गईं। उन्होंने छह-छह साल के चार कार्यकाल लगातार पूरे किए। 1999 में वे लोकसभा के लिए चुनी गईं। उन्हें 1984 में संसदीय कार्य राज्यमंत्री और बाद में युवा मामलात और खेल, महिला एवं बाल विकास के प्रभारी का दायित्व दिया गया था। 1991 में उन्हें कार्मिक, पेंशन, जन अभाव अभियोग और प्रशासनिक सुधार राज्यमंत्री का जिम्मा दिया गया था।

कुछ समय के लिए उन्होंने विज्ञान और तकनीकी मंत्री के रूप में भी सेवाएं दीं। वे अपने तीस साल के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण समितियों में शामिल रही और नेतृत्व भी किया। वे जुलाई, 2009 से उत्तराखंड की राज्यपाल हैं।


कांग्रेस में उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय में समन्वयक और 2004-09 के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व भी दिया गया था। उन्होंने महिला कांग्रेस की समन्वयक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।


विवादों में भी

मारग्रेट अल्वा 2009 के लोकसभा चुनावों के दौरान विवादों में भी आ गई थीं। उस समय उन्होंने अपने बेटे के लिए टिकट मांगा था, लेकिन टिकट नहीं मिला तो उन्होंने आरोप लगाया था कि पैसे लेकर टिकट दिए जा रहे हैं। इसे लेकर उन्हें कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बना दिया गया।


मारग्रेट अल्वा का जीवन परिचय

नाम : मारग्रेट अल्वा जन्म : कर्नाटक में साउथ कनारा के मंगलौर में जन्म तिथि : 14 अप्रैल, 1942 पिता का नाम : पी.ए. नजारेथ माता का नाम : ई.एल. नजारेथ पति का नाम : निरंजन अल्वा संतान : तीन पुत्र और एक पुत्री शिक्षा : बीए, बीएल, मानद डॉक्टरेट एजुकेटेड एट मा. केरेमल कॉलेज और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज बेंगलुरू विशेष : ऑयल पेंटिंग और इंटीरियर डेकोरेशन में विशेष डिग्री पेशा : वकालत, सामाजिक कार्यकर्ता और ट्रेड यूनियनिस्ट

2 साल की बच्ची संग 5 घंटे होता रहा गैंगरेप

 

नोएडा। रबुपुरा कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को दो युवकों ने एक लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना कोतवाली रबूपुरा क्षेत्र के तिरथली गांव की है। पीड़िता के पिता ने गांव के ही दो युवकों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़ित युवती को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया। दोनों आरोपी फरार हैं।

रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के तिरथली गांव निवासी रोहनी (काल्पनिक नाम) शुक्रवार दोपहर घर से नजदीक की परचून दुकान पर सामान लेने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही आमीर व धर्मवीर ने उसको अपने घर के कमरे में बंधक बना लिया और रोहनी के साथ करीब पांच घंटों तक बलात्कार किया।

कई घंटे बीत जाने के बावजूद भी जब रोहनी घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरु की। एक ग्रामीण ने उसके घरवालों को उसकी जानकारी दी तब जाकर उसके घरवाले वहां पहुंचे। रोहनी गांव के ही एक मकान में बेहोश पड़ी मिली। उसके कपड़े तितर-बितर पड़े थे।

दलितों की बंदोली मामले में नौ के खिलाफ मामला दर्ज


दलितों की बंदोली मामले में नौ के खिलाफ मामला दर्ज

भोपालगढ़. दलित युवक की बंदोली में बाधा डालने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। साथ ही सामाजिक सौहार्द बना रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन सजग है।

थानाधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि धोरू गांव के चैनाराम पुत्र बींजाराम ने तीन दिन पहले रिपोर्ट देकर बताया था कि गांव के दलित युवक की शादी में आम रास्ते से निकलने पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने उनको रोका और जाति सूचक गालियां दी व मारपीट करने लगे। इस डर से उन्हें रास्ता बदलना पड़ा। इसी तरह की घटना शुक्रवार को फिर बंदोली निकालने पर हुई तो पुलिस सुरक्षा में बंदोली निकाली गई। इस संबंध में पुलिस ने मल्लाराम पुत्र झालाराम, श्याम पुत्र भगवानराम, भागरराम पुत्र जस्साराम विश्नोई सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उच्च अधिकारी हरकत में आए और थानाधिकारी को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। हालांकि थानाधिकारी ने इस मामले में सामाजिक सौहार्द व भाईचारा बना रहे, इसके प्रयास किए, मगर कुछ लोग नहीं माने तो पुलिस को आवश्यक कदम उठाने पड़े।

पर्यटन की नई पहचान बन सकता है फलौदी

पर्यटन की नई पहचान बन सकता है फलौदी
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फलौदी के समीप वन्य जीव क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सकता है राज्य पक्षी गोडावण सहित वन्य जीव बन सकते हैं पर्यटन का आकर्षण

फलौदी   फलौदी में पर्यटन की विपुल संभावनाएं हैं। पर्यटन व वन विभाग मिलकर योजना बनाए तो फलौदी को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां वन्य जीवों की बहुलता है। इसमें गोडावण, उल्लू, तीतर, बटेर, तिलोर, खरगोश, सेली, लोमड़ी, झाऊ चूहा (सेह) सहित कई वन्य जीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। पर्यटन के लिहाज से यदि यहां योजना बनाई जाए तो जोधपुर, बीकानेर व नागौर से जैसलमेर जाने वाले पर्यटकों को रास्ते में फलौदी भी आकर्षित कर सकता है।
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जोधपुर, बीकानेर व नागौर से आने वाले सैलानियों को फलौदी से होकर ही जैसलमेर जाना पड़ता है। फलौदी से पांच किमी की दूरी पर स्थित खीचन गांव, फलौदी मुख्यालय, जोधपुर-फलौदी सड़क मार्ग पर लोहावट और फलौदी से जैसलमेर सड़क मार्ग पर तहसील मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खारा गांव पर्यटन की पट्टी के रूप में विकसित किया जा सकता है। सोलर ऊर्जा प्लांटों के कारण सोलर हब के रूप में पहचान बना रहे फलौदी को यह क्षेत्र वन्य पर्यटन पट्टी की पहचान भी दिला सकते हैं। ऐसा होने पर विश्व पर्यटन मानचित्र पर फलौदी को नई पहचान मिलेगी।

वन्य जीव की पट्टी बन सकती है

॥ फलौदी क्षेत्र में वास्तव में इन क्षेत्रों को लेकर पर्यटन की वन्य जीव पट्टी बनाई जा सकती है। पर्यटन की दृष्टि से यह नया प्रयोग होगा जो सैलानियों का रास आएगा। फलौदी क्षेत्र में पर्यटन एक उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है। गोडावण की लगातार उपस्थिति को देखते हुए वन विभाग ने खारा के संबंधित वन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है और भविष्य में भी इस पर और काम किया जाना प्रस्तावित है।ञ्ज

नरेन्द्रसिंह शेखावत

क्षेत्रीय वन अधिकारी, वन विभाग फलौदी

नेता तो कान्हा के वंशज है

नेता तो कान्हा के वंशज है

हंस-हंस कर लोटपोट हुए श्रोता

बालोतरा  आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति की ओर से शनिवार रात हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन की शुरूआत में अपने संबोधन में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि कविता एक ऐसा उपक्रम है, जो कवि सम्मेलन के रूप में आता है तो आकर्षण देखने को मिलता है।

कवि सम्मेलन की शुरूआत में कवि राजेश चेतन ने महावीर के महाश्रमण है आप... कविता प्रस्तुत की। इसके बाद प्रताप फौजदार मंच पर आए। फौजदार ने क्षमा की धरा में प्रेम का बीज बो दिया तो मोक्ष से लौटकर वीर नहीं आएंगे...कविता के साथ अपना उद्बोधन शुरू किया। इसके बाद कवि चिराग जैन के साथ राजेश चेतन व प्रताप फौजदार ने हास्य रस की जैसे बौछार शुरू कर दी। तीनों कवियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी।

पत्रकार तो नारद के बेटे हैं..., राम घर आए तो दीवाली होती है...नेता तो कान्हाजी के वंशज है...जैसी कटाक्ष भरी कविताओं पर श्रोताओं ने खूब दाद दी। कवि सम्मेलन में व्यवस्था समिति के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।

जीप खेजड़ी से टकराई महिला समेत तीन की मौत

जीप खेजड़ी से टकराई महिला समेत तीन की मौत



दो घायलों को बाड़मेर रेफर किया, चौहटन से सेडवा जाते वक्त सदराम की बेरी के पास हुआ हादसा

चौहटन. सेडवा थाना क्षेत्र के सदराम की बेरी के पास शनिवार शाम चार बजे चौहटन से सेडवा जा रही एक जीप संतुलन बिगडऩे से खेजड़ी के पेड़ से टकरा गई। जिससे महिला समेत तीन यात्रियों की मौत हो गई। जबकि दो जने घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए पीएचसी, धनाऊ लाया गया। जहां से गंभीर घायलों को सीएचसी चौहटन रेफर कर दिया गया।

थानाधिकारी रामसिंह पूनिया ने बताया कि जलदाय विभाग में अनुबंध पर लगी जीप संख्या आरजे 04 टीए 968 शनिवार दोपहर को चौहटन से सेडवा जा रही थी। इस दौरान सदराम की बेरी के पास जीप का संतुलन बिगडऩे से रोड से नीचे उतरी ओर खेजड़ी के पेड से टकरा गई। इससे जीप में सवार समझु 45 पत्नी रामदान मेघवाल की मौत हो गई। शेष घायलों को एम्बुलेंस 108 से सीएचसी चौहटन लाया गया। जहां गंभीर रूप से घायल जीप चालक भारु 37 पुत्र महेन्द्रा भील निवासी सणाऊ व सरदाराराम 35 पुत्र बचलाराम निवासी बुरहान का तला ने दम तोड़ दिया। जबकि घायल हुए डूंगरा पुत्र वगता निवासी सावा व नेनू पुत्री राम दान मेघवाल निवासी बुरहान का तला को बाड़मेर रेफर किया गया। पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।

लैंड लूजर की क्षमताओं को देगा मौका


लैंड लूजर की क्षमताओं को देगा मौका

हुनर तराशने के बाद मिल सकेगा रोजगार

: क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों में मिलेगा रोजगार
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राजस्थान आजीविका मिशन के तहत मिले 15 लाख रुपए

बाड़मेर जिले में तेल- उर्जा क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों में स्थानीय युवाओं और लैंड लूजर को रोजगार मुहैया करवाने के लिए जिला प्रशासन अब ऐसे युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र शुरू करेगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हें क्षमता के आधार पर रोजगार मिल सकेगा।

जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने बताया कि जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान ऐसे कई युवा इस बात की शिकायत लेकर आते हैं कि क्षेत्र में काम कर रही कंपनियां स्थानीय लोगों को दरकिनार कर बाहरी लोगों को रोजगार दे रही है। ऐसे में जब भी प्रशासन तेल- उर्जा क्षेत्र में काम कर रही कंपनी के अधिकारियों से बात करती है तो उनके पास एक रटा रटाया जवाब होता है कि यहां के लोग प्रशिक्षित नहीं है।

जल्द होगी कार्यशाला: कलेक्टर ने बताया कि हुनर से रोजगार को लेकर जल्द ही प्रशासन की ओर से एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में यहां काम कर रही सभी कंपनियों, होटल संचालकों के साथ गेस्ट हाउस के मालिकों को बुलाया जाएगा। बाद में यहां किस काम के लिए किन क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है, उसी के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना: क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों में किस प्रकार के दक्ष लोगों की जरूरत है इसे लेकर कलेक्टर ने फौरी तौर पर जानकारी जुटाई है। इसमें जो जानकारी सामने आई है उसमें वेल्डर, फिटर, इलेक्ट्रिशियन, डीजल मेकेनिक, गार्ड, टेंड्र ड्राइवर सहित कुक, रूम सर्विस सरीखे क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं है।

पुलिस ने 65 किलोमीटर तक पीछा कर फरार आरोपी को दबोचा


पुलिस ने 65 किलोमीटर तक पीछा कर फरार आरोपी को दबोचा



लंबे समय से फरार चल रहा ईनामी आरोपी गिरफ्तार, एसपी ने बनाई योजना

बाड़मेर



अवैध शराब का ट्रक पकड़े जाने के बाद आबकारी दल पर हमला करने वाला लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी चंदू उर्फ चंद्रप्रकाश पुत्र प्रहलादराम जाट शिव थाना क्षेत्र को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 65किलोमीटर तक लंबी रेस के बाद शनिवार को पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक लवली कटियार ने बताया कि बीते साल आबकारी विभाग को अवैध शराब से भरे ट्रक बाड़मेर की ओर आने की इतला मिलने पर विभाग के अधिकारियों की ओर से जालिपा के पास कार्रवाई की गई। इस दौरान चंदू अपने अन्य साथियों के साथ वाहनों से जालिपा पहुंचा और आबकारी अधिकारियों को घेरने के साथ ही अधिकारियों के साथ मारपीट कर शराब से भरे ट्रक को ले जाने की कोशिश की। विभाग के अन्य कर्मचारियों को सूचना मिलने पर वे जालिपा पहुंचे। आरोपियों ने विभाग के अन्य कर्मचारियों को आते देख वहां से भाग लिए। अब तक की कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। लेकिन मुख्य आरोपी चंदू पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहा था,पुलिस ने इसके ऊपर दो हजार रुपए का ईनाम घोषित कर रखा था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को मिली सूचना: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामस्वरूप मीणा को शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि चंदू नागाणा के पास घूम रहा है। इसपर तत्परता दिखाते हुए उन्होंने सीआई कैलाश चंद्र मीणा, सहायक उप निरीक्षण लादूराम, हैड कांस्टेबल गोपालसिंह और कांस्टेबल श्रवण कुमार व गुलाब खां तथा ईश्वर को मौके पर भेजा।

65 किमी तक चला संघर्ष: नागाणा के पास आरोपी चंदू ने पुलिस को आते देख वहां से टोयोटा फॉच्र्युनर में सवार होकर भागने लगा। पुलिस ने आरोपी का पीछा किया। आरोपी के जीप की स्पीड के आगे पुलिस की जीप के पहिये काम नहीं कर रहे थे। लेकिन पुलिस ड्राइवर संजय ने हिम्मत नहीं हारी और पुरी स्पीड से हौसला दिखाते हुए उसके पीछे लगा रहा। मौखाब के पास आरोपी ने पुलिस को पीछा करते देख हड़बड़ाहट में जीप रेत के धोरों में डाल दी। करीब 65 किलो मीटर तक पुलिस ने आरोपी का पीछा किया। इसी बीच जीप धोरों में जा फंसी और पीछे से आ रहे पुलिस दल ने आरोपी को घेरकर जीप सहित पकड़ लिया। आरोपी के ऊपर दो हजार रुपए का इनाम चल रहा था। आरोपी से बरामद गाड़ी संभवत: चोरी के होने की संभावना जताई जा रही है जो अवैध शराब के काम में ली जा रही थी।

शनिवार, 28 अप्रैल 2012

स्वास्थ्य कार्मिकों ने लगाए परिंडे


स्वास्थ्य कार्मिकों ने लगाए परिंडे 

बाडमेर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों और कर्मचारियों ने जिला स्वास्थ्य भवन में अनेक परिंडे लगाकर समाज में चल रहे परिंडा अभियान में अपनी भागीदारी निभाई। हमोा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सचेत रहने वाले इस विभाग द्वारा भवन परिसर की छतों पर और बाहर चारदिवारी पर परिंडे लगाए गए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजमल हुसैन, एडिनल सीएमएचओ डॉ. जितेंद्रसिंह, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. बीएस गहलोत, आयुश अधिकारी डॉ. अनिल झा, आईईसी समन्वयक विनोद बिनोई, आा समन्वयक राको भाटी, डीएनओ जयंत चटर्जी, जानपदिप रोग विोशज्ञ डॉ. मुको गर्ग, नवरतन सोनी, उम्मेद जाखड, भांकरलाल जोाी एवं राजो भार्मा सहित अन्य कर्मी मौजूद थे। सीएमएचओ डॉ. हुसैन ने कहा कि मीडिया द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान अतिसराहनीय है और इसमें सभी को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिंडों को लेकर आगामी बैठक में सभी बीसीएमओ को भी कहेंगे कि वे अपनेअपने क्षेत्र में अधिकाधिक परिंडे लगवाने का प्रयास करें ताकि पक्षियों को बचाया जा सके। एडिनल सीएमएचओ डॉ. जितेंद्रसिंह ने कार्यालय कर्मी ओमप्रका की सराहना करते हुए बताया कि वो नियमित रूप से प्रतिदिन परिंडों में पानी डालते हैं और पक्षियों को चुगा भी डालते हैं। वहीं इस मौके पर सभी कार्मिकों ने निर्णय लिया कि वे जहां भी अवसर मिलेगा परिंडे लगाने में अपनी भागीदारी निभाएंगे। 

बाड़मेर बाडमेरताज़ा खबरें | आज की ताज़ा खबरें, ताज़ा खबर पुलिस 28 अप्रेल


सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता चौधरी 

बाडमेर 28 अप्रेल। राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा है कि अन्तर्राश्ट्रीय सीमा पर स्थित क्षेत्रों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सीमा के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। वह भानिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बीएडीपी की वाशिर्क योजना की समीक्षा कर रहे थे। 
इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जन हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की सार्थकता इसी बात में निहित है कि उनका वास्तविक लाभ उन व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए जिनके लिए वे योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा जनहित तथा जन सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाओं द्वारा सरकारी वित का प्रावधान किया जाता है लेकिन उनका कि्रयान्वयन बेहतर ंग से नहीं हो पाने के कारण योजनाओं का असली लाभ नहीं मिल पाता है। 
चौधरी ने जनता से जुडे विभिन्न विभागों के अधिकारियों से अपने दायित्वों के प्रति गम्भीरता बरत कर अपने कार्यो में जन हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्दो दिए। उन्होने अधिकारियों से नैतिकता के नाते अपने कर्तव्यों को जनता की सेवा के लिए समर्पित करने की अपील करते हुए कहा कि वे जनता को पानी, बिजली, चिकित्सा, सडक आदि मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने में सवेदनाीलता का परिचय दे। 
इस मौके पर अल्प संख्यक एवं वक्फ मामालात मंत्री अमीन खां ने कहा कि बीएडीपी योजना का मूलभूत मकसद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार है तथा जिले के चार ब्लॉक बाडमेर, िव, चौहटन तथा धोरीमना सीमा से जुडे है। उन्होने सीमावर्ती क्षेत्रों में पानी, बिजली तथा आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास की पैरवी की ताकि लोग सुविधाओं के अभाव में सीमा से जुडाव नहीं छोडे। उन्होने मुनाबाव में अन्तर्राश्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के विकास को कहा। साथ ही सीमा पर रह रहे सुरक्षा बलों की आवयकताओं को भी पूरा करने को कहा। उन्होने जलदाय विभाग के अधिशी अभियन्ताओं के मुख्यालय संबंधित ब्लॉक पर स्थानान्तरित करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्दो दिए। 
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद हरीा चौधरी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में पीने के पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होने बीएडीपी कार्यक्रम के तय मानकों के अनुसार ही वाशिर्क प्रस्ताव प्रेशित करने के निर्दो दिए। उन्होने कहा कि जिला परिशद द्वारा संचालित विकास योजनाओं की स्वीकृतियों में पूर्ण पारदिर्ता रखी जाए। उन्होने मुख्य कार्यकारी अधिकारी से िकायतों तथा अनियमितताओं को गम्भीरता से लेते हुए जांच कर आरोप सही पाए जाने पर सख्त अनुासनात्मक कार्यवाही के निर्दो दिए। 
सांसद चौधरी ने जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की पैरवी करते हुए 108 एम्बूलेन्स सेवा को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताया तथा बीएडीपी के वाशिर्क प्रस्ताव में 6 नई एम्बूलेन्स के प्रस्ताव भी भामिल करने के निर्दो दिए। 
बैठक में जिला प्रमुख श्रीमती मदन कौर ने योजना की गाईड लाईन के बारे में जानकारी मुहैया कराने की हिदायत दी। वहीं विधायक मेवाराम जैन, पदमाराम मेघवाल ने अपने क्षेत्रों के प्रस्तावों को भी भामिल करने को कहा। 
इससे पूर्व जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने योजना के वाशिर्क प्रस्तावों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी छगनलाल श्रीमाली सहित संबंेिधत विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
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जागसा में रात्रि चौपाल 


सांगसिंह को दी कलेक्टर ने बीपीएल आवास की सौगात 

बाडमेर, 28 अप्रेल। जिले के बालोतरा उपखण्ड क्षेत्र के जागसा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर भाुक्रवार सायं जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने प्रासनिक अमले के साथ रात्रि चौपाल में खुली जन सुनवाई कर ग्रामीणों के अभाव अभियोग सुने तथा अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के निराकरण के निर्दो दिए। इसी दौरान जिला कलेक्टर ने पंचायत के सांगसिंह को बीपीएल आवास स्वीकृत करने के निर्दो दिए। इसी तरह चौपाल में जमाबंदी भाुद्धिकरण से उका को उसका सही नाम मफतलाल से पहचान मिल गई क्योंकि उसका सही नाम राजस्व रेकर्ड में दर्ज कर दिया गया। 
जिला कलेक्टर डॉ. प्रधान की जागसा गांव में रात्रि चौपाल के दौरान लोगों का हुजुम उमड पडा तथा करीब 300 की तादाद में महिलाए तथा पुरूश मौके पर ही अपने आवेदनों के निपटारे के लिए कलेक्टर के समक्ष उपस्थित हुए। चौपाल में विभिन्न मामलों से संबंधित करीब 40 आवेदन प्रस्तुत किए गए जिसमें से अधिकाांः पीने के पानी की समस्या से संबंधित थे। वहीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतिकरण योजना से वंचित रहे बीपीएल परिवारों को विद्युत कनेकन मुहैया कराने के लिए डिस्कॉम को नये प्रस्ताव भेजने के निर्दो दिए गए 
इस मौके पर जिला कलेक्टर ने जन समस्याओं की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्दो दिए। चौपाल भाुरू होने से पूर्व ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर का स्वागत किया। चौपाल के दौरान किसानों ने बिजली की कमी तथा पेयजल की समस्या की बात कही। जिला कलेक्टर ने इस मामले में डिस्कॉम के अधिकारियों को निराकरण करवाने को कहा। ग्रामीणों ने आस पास के विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पडे िक्षकों के पदों पर नियुक्ति की मांग की। ग्रामीण इलाकों की जर्जर सडकों की मरम्मत करवाने की भी मांग की। उन्होने बताया कि पिछले लम्बे समय से क्षतिग्रस्त सडकों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही है। जिला कलेक्टर ने चौपाल में प्रस्तुत परिवेदनाओं की सुनवाई कर निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्दो दिए। 
जिला कलेक्टर डॉ. प्रधान ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए बरसाती जल संग्रहण के लिए खेतों में टांका निर्माण करवाने को कहा। साथ ही बरसात की सीजन में अधिकाधिक पौधे लगाने को आहवान किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर करे क्षेत्र में पेयजल की समस्या को प्रमुखता से रखा तथा पानी की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने पानी की नियमित आपूर्ति के लिए पेयजल स्त्रोतों के बारे में बताया। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतिकरण योजना की कठिनाईयों तथा बिजली कनेकन नहीं होने की भी जानकारी दी। ग्रामीणों ने बीपीएल की सर्वे सूची के अद्यतन तथा इस सूची में भामिल करने की मांग की। 
चौपाल के दौरान उपखण्ड अधिकारी कमलो आबूसरिया समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
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अवैध संबंधों को रोकना चाहा, तो मां ने करा दिया हमला

नूरमहल. गांव गोरसिया के रहने वाले एक युवक ने अपनी मां और तीन अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला मामला दर्ज करवाया है। गांव गोरसिया निहाल के रहने वाले हरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मां के किसी के साथ अवैध संबंध है।  



जब मां को रोकना चाहा तो उसने अपने समर्थकों से उनपर हमला करवा दिया। हरपाल सिंह के अनुसार शुक्रवार को बिना बताए मां घर से कहीं चली गई। काफी देर बात नहीं आने पर फोन पर मिलाया तो मां बोली कि वह किसी वकील के पास मिलने आई है।
कुछ देर बाद किसी परिचित का फोन आया उसने बताया कि उसकी मां गांव शमशाबाद में किसी की दुकान में बैठी है। जब मौके पर जाकर देखा तो मां वही थी और झूठ बोलने का कारण पूछा तो मां, काली, तिलका एक अन्य युवक ने तेजधार हथियार से हमला कर घायल कर दिया।
उधर मां का कहना है कि हरपाल सिंह बिना वजह शक कर रहा है। पुलिस ने हरपाल सिंह के बयान पर विभिन्न धाराओं के तहत मां समेत चार लोगों खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

भारत से मंगा कर नकली वियाग्रा बेचने वाले अंग्रेज पर 1.2 अरब रुपए का जुर्माना



लंदन. मर्दानगी बढ़ाने वाली दवा वियाग्रा की नकली गोलियां भारत से मंगा कर ब्रिटेन में बेच कर धन्‍ना सेठ बन बैठे एक अंग्रेज को अदालत ने 140 लाख पाउंड (लगभग 119.43 करोड़ रुपए) की भारीभरकम धनराशि मरीजों को वापस करने का आदेश सुनाया है।
 




पुलिस की जांच में पता चला कि मैनचैस्‍टर के रहने वाला सिमोन हिकमैन इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन फार्मेसी चला रहा था और उसने अपने सौदों से 154 लाख पाउंड कमाये। अदालत ने आदेश दिया है कि वह छह महीने की भीतर 140 लाख पाउंड की राशि उन लोगों को वापस करे जिन्‍होंने उसके जरिए नकली वियाग्रा मंगवाई। अदालत ने सख्‍ती बरतते हुए कहा कि अगर यह पैसा उसने समय पर नहीं लौटाया तो उसे दस साल सींखचों के भीतर बिताने होंगे।



सूत्रों के अनुसार हिकमैन भारत से वियाग्रा और वजन घटाने वाली दवाइयां मंगा करके अपनी वेबसाइट एमएसएच वर्ल्‍ड ट्रेड के जरिए बेचता था। इनमें सेक्‍स खिलौने, कामोत्‍तेक दवाईयां और लिंग का आकार बढ़ाने में मदद करने वाले पंप आदि शामिल थे। भारत से मंगाई जाने वाली कुछ वियाग्रा गोलियां नकली होती थीं और ब्रिटेन में उन्‍हें बेचना गैरकानूनी था।

जांच में पता चला कि नकली दवाइयों के कारोबार का यह एक बड़ा मामला है। हिकमैन ने इस गोरखधंधे से बेतहाशा पैसा कमाया। इसका अंदाजा इस बात से भी लग सकता है कि उसके 30 बैंक खाते थे जिनमें से छह तो विदेश में हैं।





अय्याशी की जिंदगी जी रहा हिकमैन एक आनलाइन कैसिनो भी चलाता था। उसके पास रेंज रोवर्स जैसी गाडि़यों का काफिला और कई लक्‍जरी फ्लैट्स भी थे।

सरकारी बाढ़ से तबाह हो रहे सरहद के कई गांव

 

बाड़मेर। हर सूखे इलाके में किसान नहरों की मांग करते हैं ताकि उनके इलाके में फसलों की पैदावार अच्छी हो, लेकिन बाड़मेर में कई इलाके सरकार की लापरवाही के चलते तबाह हो रहे हैं, दरअसल राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी के विधानसभा क्षेत्र गुड़ा मालानी इलाके के कई गाँव नर्मदा नहर के ओवरफ्लो पानी के कारण बाढ़ ग्रस्त हो गए हैं पानी यहाँ के लोगो के लिए कई उम्मीदों के सपने लाया था ,लेकिन बाड़मेर के इलाके के झाकरड़ा , मेघावा , पनावली , धोलीनाडी समेत कई गाँवो के किसान नर्मदा नहर के पानी से बर्बाद हो गये हैं। बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब एक सौ दस किलोमीटर दूर जालोर सीमा से सटे करीब दर्जन भर गाँव पिछले तीन सालो से सरकार के द्वारा दी गई बाढ़ से तबाह हैं। यहाँ के किसानो के लिए नहर वरदान मानी जा रही थी लेकिन अब वो अभिशाप बन गई हैं ,करीब सात किलोमीटर का इलाका और उसमे बसे लोगो के आशियानों पर तीस फीट तक पानी की चादर चल रही हैं। खेती किये हुए सालो बीत गए जमीन क्षार के कारण खराब और अनउपजाऊ बन गई और लोग पलायन को मजबूर हैं क्योंकि ये इलाका राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी का विधान सभा क्षेत्र हैं। यहाँ तक की बाड़मेर जिला प्रशासन भी इस सरकारी आपदा के बारे में अनभिज्ञ हैं क्योंकि शायद नेताजी ने प्रशासन को आँखे बंद करने के आदेश दे दिए हैं। सरकार की इसी लापरवाही के चलते कई किलोमीटर तक केनाल सूखी पड़ी हैं और कई स्थानों पर नहर का पानी आज दिन तक डिग्गियो में पहुंचा तक नहीं हैं।
गौरतलब हैं कि यह क्षेत्र राजस्थान के बड़े जाट नेता और राजस्थान के वर्तमान राजस्व मंत्री हेमा राम चौधरी का विधानसभा क्षेत्र हैं, फिर भी तीन सालो से यह क्षेत्र पानी में डूबा हैं। घरो में शाम होते होते लोग विद्युत नहीं होने से अँधेरे में जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। मच्छर और पानी के अन्य जहरीले जीव जन्तुओं के लिए यह इलाका स्वर्ग से कम नहीं हैं, हर घर में औसतन तीन लोग मलेरिया या बुखार से पीड़ित हैं और घरो के बाहर बंधी गाय और भैंसों को रात में मच्छर इतना काट जाते हैं कि सुबह उस स्थान पर खून ही खून बिखरा पड़ा रहता हैं। यही नही यहाँ से सात गाँवो को जोड़ने वाली संपर्क सड़क भी डूब गई हैं जिसके कारण लोगो को साठ किलोमीटर का लम्बा चक्कर पड़ रहा हैं। यही नहीं स्वयं राजस्व मंत्री को ग्रामीण तीन सालो में कई मर्तबा शिकायत कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई भी समाधान नहीं हुआ हैं । झाकरड़ा के ग्रामीण सुखराम विश्नोईके अनुसार गाँव का अधिकांश हिस्सा डूब गया हैं ग्रामीणों के अनुसार नहर ने बर्बाद कर डाला हैं। यही के रहने वाले दिनेश विश्नोई कहते हैं कि यहाँ की शिक्षा के हाल भी इस सरकारी बाढ़ ने बेहाल कर रखे हैं तीन विद्यालयो में से दो विद्यालय पानी में आधे डूबे हैं और एक में आने के हालात नहीं क्योंकि मुख्यद्वार पर पानी का बड़ा तालाब बना हुआ हैं भयभीत परिजनों ने बच्चो को स्कूल भेजना बंद कर दिया क्यूंकि बच्चो के डूबने का डर था। इस इलाके में पिछले तीन सालो से लोग चुप्पी साधे हैं आखिर क्यों ? इस पर लोगो का जवाब था की कई बार प्रशासन को परेशानी बता दी लेकिन सिवाय आश्वासनों के कुछ भी हाथ नहीं लगा लेकिन यहा के लोग दुखी इसलिए भी हैं क्योंकि यहाँ के विधायक और राज्य के राजस्व मंत्री हेमा राम चौधरी को भी व्यक्तिगत कहे जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। यहाँ के निवासी बाबूलाल विश्नोई कहते हैं कि मुकद्दर की दरारों की मरम्मत करने की मांगे सिपहसालरो से खूब हुई लेकिन हर बार उन्हें ‘‘हो जाएगा’’ का जुमला दिया गया , लेकिन होगा कब इसकी किसी को तारीख नही बताई और इसका यह परिणाम हुआ की तीन साल बदकिस्मती के साथ जुड़ गए और और ज्यादा मियाद बढती जा रही हैं। लोगो का आरोप यह भी हैं कि राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी भी इस इलाके में आकर लोगो को सांत्वना देने को कभी नहीं आये । यहाँ के लोगो का आरोप हैं कि जब चुनाव आते हैं तो उनको आश्वाशन दिए जाते हैं कि सब समस्याओं का समाधान होगा लेकिन हर बार वादे वादे ही रहते हैं। यहा के लोगो के अनुसार राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के लिए यहा खम्बे लगे केबल बिछ गई लेकिन उसके बाद बाढ़ रुपी नहरी पानी आ गया और सारे के सारे कनेक्शन वापस ठन्डे बसते में चले गए । लोगो का आरोप हैं कि राजस्व मंत्री हेमा राम चौधरी ने ना केवल इस गाँव की समस्या को पूरी तरह से नजरंदाज किया हैं बल्कि लोगो को भी आश्वासन रुपी धोखा दे दिया हैं।

इनका कहना है-
मामला जानकारी में है, लेकिन अगले माह लिफ्ट शुरू होने पर ही कोई हल निकल पाएगा। जहां तक संक्रमण की बात है, उसके लिए भी कार्रवाई की जा रही है, मैने स्वयं क्षेत्र का हाल ही में दौरा किया है।
हेमाराम चौधरी, राजस्व मंत्री ,राजस्थान सरकार

जनसुनवाई के दौरान गंभीरता से किसी ने शिकायत नही कि है, आपके माध्यम से जानकारी मिली है, कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.वीणा प्रधान,जिला कलेक्टर, बाड़मेर

जयपुर: राज्य आयोजना बोर्ड मे 5 मंत्री मेंबर बने

 

जयपुर।। राजस्थान सरकार ने एक आदेश जारी कर राज्य आयोजना बोर्ड में 5 मंत्रियों को सदस्य बनाया गया है। जबकि दो पूर्व मंत्रियों की सदस्यता समाप्त कर दी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हेमाराम चौधरी, मंत्री राजस्व, उपनिवेशन और जल संसाधन विभाग को पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के स्थान पर बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया है। इसी प्रकार पूर्व मंत्री मास्टर भंवरलाल के स्थान पर बृजकिशोर शर्मा मंत्री प्राथमिक, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा, भाषा और भाषायी अल्पसंख्यक और देवस्थान को राज्य आयोजना बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है।

उन्होंने बताया कि शांति धारीवाल मंत्री नगरीय विकास और आवासन, स्वायत्त शासन, विधि और विधिक, संसदीय मामलात और निर्वाचन विभाग, भरत सिंह सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा जितेन्द सिंह मंत्री ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, भू-जल और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग वर्तमान पदानुसार राज्य आयोजना बोर्ड के सदस्य रहेंगे।