गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

अब दो साल पहले ही जवान होने लगी हैं भारतीय लड़कियां



नई दिल्ली. अब भारतीय लड़कियां 10 साल की उम्र में ही यौवन पा ले रही हैं। उनके अंदर शारीरिक, हार्मोनली और सेक्सुअली बदलाव अब दो साल पहले हो जा रहा है। पहले लड़कियां 12 से 13 साल की उम्र में इस स्टेज पर पहुंचती थी। इस तरह का बदलाव भारत के शहरी इलाकों सहित वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है।
 

एक अध्ययन के मुताबिक, आहार और जीवन शैली में हो रहे बदलाव से यौवन समय से पहले आ जा रहा है। ऑक्सीटोसिन युक्त सब्जियां और अंडे खाने से लड़कियों में हार्मोन ज्यादा पैदा होता है। इससे शारीरिक विकास तेजी से होता है। 18 वर्ष की उम्र अब स्पष्ट रूप से वयस्कता का प्रतीक है। यौवन में आए इस बदलाव से जोखिम बढ़ गया है। पिछली पीढ़ियों में मां-बाप अपने किशोर के अंदर शारीरिक बदलाव देखकर बुरा मानते थे। शारीरिक परिवर्तन के लिए उसके बुरे व्यवहार को जिम्मेदार ठहराते थे।

प्रोफेसर सुसान साव्येर और जॉर्ज पैटन कहते हैं, "अध्ययन में यह बात सामने आई है कि यौवन का पहले विकसित हो जाना एक महत्वपूर्ण शारीरिक घटना है। इससे स्वास्थ्य पर खतरनाक प्रभाव पड़ सकता है। भविष्य में मेंटल डिसआर्डर जैसी गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं।''

अरतिमिस स्वास्थ्य संस्थान में बाल रोग डॉ. राजीव छाबड़ा भी इस अध्ययन के निष्कर्षों के साथ सहमत हैं। उन्होंने कहा. ''समय से पहले भारतीय लड़कियों में यौवन का विकास एक आम बात हो गई है। जीवन शैली और आहार में परिवर्तन इसे बढ़ावा दे रहा है। ऑक्सीटोसिन युक्त सब्जियां और अंडे खाने से हार्मोन में इजाफा होता है। इसकी वजह से लड़किया यौवन को पा लेती हैं। हम माता पिता को सलाह देते हैं कि वह मासिक धर्म चक्र की अवधारणा को समझ कर अपनी 10 वर्ष की लड़कियों से इस बारें में बात करें।''

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