सोमवार, 11 जुलाई 2011

प्रेम प्रसंग में हुई हत्या का राजफाश

प्रेम प्रसंग में हुई हत्या का राजफाश
 

बाड़मेर। धोरीमन्ना की पहाडियों मे दो माह पहले बरामद हुए एक युवक के शव के मामले में पुलिस ने रविवार को चौंकाने वाला खुलासा किया। दो माह तक खुर्दबीन करने के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या हुई और आरोपियों ने हत्या को योजनाबद्ध तरीके से हादसा साबित करने का प्रयास किया। पुलिस ने पूरे मामले का राजफाश कर तीन जनों को गिरफ्तार किया और दो महिलाओं सहित पांच जनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

पुलिस अधीक्षक संतोष चालके ने बताया कि धोरीमन्ना के पहाडियों में स्थित खानों मेे चार मई की दोपहर एक युवक का शव मिला, जिसकी शिनाख्त सुरेश (22) पुत्र उतमाराम निवासी धोरीमन्ना के रूप में हुई। सुरेश का शव भारी पत्थरों के बीच दबी हुई अवस्था में मिला था।

प्रथम दृष्टया हादसा प्रतीत होने पर धारा 174 में मर्ग दर्ज किया गया। मामले की जांच के लिए पुलिस उप अधीक्षक बाड़मेर नाजिम अली खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम के कांस्टेबल वीरमखां व पूनमचंद विश्नोई ने करीब चालीस दिन बाद कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटाई, जिनके आधार पर पुलिस मामले का राजफाश करने में कामयाब रही।

पहले किया मर्डर, फिर डाले पत्थर
पुलिस उप अधीक्षक नाजिम अली खान ने बताया कि कबूड़ी उर्फ गीता पुत्री आसूराम निवासी धोरीमन्ना के साथ सुरेश का प्रेम प्रसंग था, जिसकी जानकारी कबूड़ी के भाई कालूराम को थी। दो मई की शाम सुरेश टै्रक्टर लेकर खानों में गया। वहां उसके साथ कबूड़ी को देखा गया, जिस पर कालूराम पुत्र आसूराम, जोगाराम पुत्र टीकमाराम व राजूराम पुत्र भंवराराम निवासी धोरीमन्ना वहां पहुंचे। लातों, घूंसों व लाठियों से सुरेश के साथ गंभीर मारपीट की।

सिर में लाठी लगने से सुरेश की मृत्यु हो गई। सुरेश के शव को ठिकाने लगाने के लिए सुरेश पुत्र भेराराम, लूणाराम उर्फ ओमप्रकाश पुत्र आसूराम, जीवाराम पुत्र धर्माराम को बुलाया गया। वे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल के पास रहने वाली महिला नौजीदेवी पत्नी भाखराराम से सम्पर्क किया। उन्होंने उसे पूरा वाकया बताया।

नौजीदेवी की एक खान मालिक के साथ रंजिश थी। लिहाजा उसने शव को उस खान में लेकर चलने को कहा। सभी ने मिलकर शव को खान रखा और करीब तीन सौ मीटर की ऊंचाई से पत्थर डाले ताकि पूरा मामला हादसा लगे। तीन मई को अमावस होने के कारण खानों में कोई नहीं आया। चार मई को जब मजदूर खानों में आए तो शव मिला।

राजू, कालू व जोगा गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में राजूराम, कालूराम व जोगाराम को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं लूणाराम, कबूड़ी, जीवाराम, सुरेश पुत्र भेराराम व नौजीदेवी को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया है। राजू, कालू व जोगा ने जुर्म स्वीकार किया और पूरे प्रकरण का सिलसिलेवार खुलासा किया।

ये रहे पुलिस टीम शामिल
सुरेश प्रकरण में पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीम में चौहटन थानाधिकारी कैलाशदान, सदर थानाधिकारी रमेशकुमार शर्मा, गिड़ा थानाधिकारी मनोज मंूढ, हैडकांस्टेबल नरपतदान व पन्नाराम भी शामिल रहे।

सभी हत्याओं का राज खुला
पुलिस अधीक्षक संतोष चालके ने बताया कि वर्ष 2011 में बाड़मेर जिले में हत्या के सत्रह मामले दर्ज हुए, जिसमें एक मामला जांच में झूठा पाया। शेष सभी सोलह मामलों का पुलिस ने राजफाश कर दिया है।

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